Dhanteras 2026: सोना-चांदी ही नहीं, ये 9 चीजें खरीदना भी माना जाता है शुभ

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धनतेरस का त्योहार दिवाली से पहले मनाया जाता है. इस साल धनतेरस  6 नवंबर 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा. इस दिन कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि सुबह 10 बजकर 30 मिनट से शुरू होगी और 7 नवंबर को सुबह 10 बजकर 47 मिनट तक रहेगी. धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि, मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा करने की परंपरा है. इस दिन सोना, चांदी और बर्तन खरीदना भी शुभ माना जाता है.

आमतौर पर लोग धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदना पसंद करते हैं. हालांकि, वास्तु और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कुछ ऐसी छोटी-छोटी चीजें भी हैं, जिन्हें इस दिन घर लाना शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इन चीजों की खरीदारी से घर में सुख-समृद्धि, खुशहाली और सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है. खास बात यह है कि धनतेरस पर शुभ खरीदारी के लिए ज्यादा पैसे खर्च करना जरूरी नहीं है. आप अपने बजट के अनुसार भी इन चीजों को खरीद सकते हैं.

 धनतेरस पर खरीदें ये 9 शुभ चीजें
 1. सोने के सिक्के या आभूषण
धनतेरस पर सोना खरीदना सबसे लोकप्रिय परंपराओं में से एक है. मान्यता है कि सोना धन, स्थिरता और समृद्धि का प्रतीक है. इस दिन लोग सोने के सिक्के, अंगूठी, चेन या अन्य आभूषण खरीदते हैं. अगर आप सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो अपनी आर्थिक स्थिति के अनुसार ही खरीदारी करें. सोना खरीदते समय हॉलमार्क और शुद्धता की जांच जरूर करें.

 2. चांदी के सिक्के और बर्तन
धनतेरस पर चांदी खरीदना भी शुभ माना जाता है. इस दिन कई लोग मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की आकृति वाले चांदी के सिक्के खरीदते हैं. इसके अलावा चांदी के गिलास, कटोरी और अन्य छोटे बर्तन भी खरीदे जा सकते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चांदी को शुद्धता और शुभता का प्रतीक माना जाता है.

 3. पीतल, तांबे या स्टील के बर्तन
धनतेरस पर नए बर्तन खरीदने की परंपरा काफी पुरानी है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे. इसी वजह से इस दिन बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है. आप पीतल, तांबे या स्टील की थाली, कटोरी, गिलास और रसोई के दूसरे उपयोगी बर्तन खरीद सकते हैं. कुछ घरों में नए बर्तन में चावल, अनाज या मिठाई रखकर घर लाने की भी परंपरा है.

 4. मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की मूर्ति
धनतेरस पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की नई मूर्ति या तस्वीर खरीदना भी शुभ माना जाता है. दिवाली की पूजा के लिए लोग इस दिन नई प्रतिमाएं घर लाते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां लक्ष्मी धन और वैभव की देवी हैं, जबकि भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और शुभ कार्यों का देवता माना जाता है. मूर्ति खरीदते समय उसके आकार और पूजा घर में रखने की जगह का ध्यान रखें.

 5. मिट्टी के दीपक और सजावटी लैंप
धनतेरस और दिवाली पर दीपक जलाने का विशेष महत्व है. इस दिन आप मिट्टी के दीये, पीतल के दीपक और सजावटी लैंप खरीद सकते हैं. वास्तु मान्यताओं के अनुसार, घर के मुख्य द्वार और आसपास रोशनी रखने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. दीपक खरीदते समय ध्यान रखें कि उन्हें सुरक्षित जगह पर रखा जा सके.

 6. नया झाड़ू
धनतेरस पर झाड़ू खरीदना भी कई जगहों पर शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, झाड़ू को मां लक्ष्मी से जोड़कर देखा जाता है. इसे घर की गंदगी और नकारात्मकता दूर करने का प्रतीक माना जाता है. इस दिन नया झाड़ू खरीदने के साथ घर के कोनों और स्टोर रूम की अच्छी तरह सफाई करें.

 7. साबुत धनिया
धनतेरस पर साबुत धनिया खरीदने की भी परंपरा है. कुछ परिवार इसे पूजा में शामिल करते हैं और बाद में इसे मिट्टी में बो देते हैं. मान्यता है कि धनिया के बीज विकास, खुशहाली और समृद्धि के प्रतीक होते हैं. आप थोड़ी मात्रा में साबुत धनिया खरीदकर पूजा में रख सकते हैं.

 8. घर के लिए जरूरी सामान
धनतेरस पर केवल सोना-चांदी या पूजा से जुड़ी चीजें खरीदना जरूरी नहीं है. आप घर की जरूरत के हिसाब से नई चादर, किचन के डिब्बे, पानी का फिल्टर, फर्नीचर या घर की सजावट से जुड़ी चीजें भी खरीद सकते हैं. वास्तु मान्यताओं के अनुसार, घर को साफ-सुथरा और व्यवस्थित रखना सकारात्मक माहौल बनाने में मदद करता है.

 9. व्यापार और कामकाज से जुड़ी चीजें
अगर आप अपना कारोबार करते हैं या घर से काम करते हैं, तो धनतेरस पर काम से जुड़ी नई चीजें खरीद सकते हैं. इस दिन नया लैपटॉप, ऑफिस का सामान, मशीनरी, औजार या हिसाब-किताब से जुड़ी जरूरी चीजें खरीदना शुभ शुरुआत का प्रतीक माना जाता है. मान्यता है कि इससे कामकाज में तरक्की और नए अवसरों का स्वागत होता है.

 धनतेरस से पहले घर में करें ये 5 वास्तु उपाय
 1. उत्तर-पूर्व दिशा की सफाई करें
वास्तु शास्त्र में उत्तर-पूर्व दिशा को ईशान कोण कहा जाता है. इसे पूजा-पाठ के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है. धनतेरस से पहले इस दिशा की अच्छी तरह सफाई करें. यहां बेकार सामान, कबाड़ और टूटी-फूटी चीजें जमा न होने दें.

 2. मुख्य द्वार को सजाएं
घर का मुख्य द्वार सकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश का स्थान माना जाता है. धनतेरस से पहले दरवाजे की सफाई करें. यहां फूलों का तोरण लगाएं और सुंदर रंगोली बनाएं. जूते-चप्पलों को भी व्यवस्थित रखें.

 3. पूजा घर को व्यवस्थित करें
धनतेरस पर पूजा घर की सफाई जरूर करें. देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को साफ करें और पूजा की जरूरी सामग्री व्यवस्थित रखें. अगर आप नई मूर्ति या चांदी का सिक्का खरीदकर ला रहे हैं, तो उसे साफ जगह पर रखें.

 4. शाम के समय जलाएं दीपक
धनतेरस की शाम घर में दीपक जलाने की परंपरा है. कई परिवार इस दिन यम दीपदान भी करते हैं. दीपक को सुरक्षित स्थान पर रखें,  पर्दों या ज्वलनशील चीजों के पास न जलाएं.

 5. घर में जमा कबाड़ हटाएं
वास्तु मान्यताओं के अनुसार, घर में अनावश्यक सामान जमा नहीं करना चाहिए. धनतेरस से पहले अलमारी, बालकनी, रसोई और स्टोर रूम की सफाई करें. पुराने और बेकार सामान को हटाकर घर को व्यवस्थित बनाएं.

 धनतेरस पर किनचीजों को खरीदने से बचते हैं?
कुछ पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस पर कुछ चीजों की खरीदारी से परहेज किया जाता है. हालांकि, ये मान्यताएं अलग-अलग परिवारों और क्षेत्रों में अलग हो सकती हैं.

–  नुकीली चीजें:  कुछ लोग चाकू, कैंची और अन्य धारदार सामान खरीदने से बचते हैं.
–  लोहे का सामान:  पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन लोहे की वस्तुएं खरीदना कुछ लोग अशुभ मानते हैं.
–  काले रंग की चीजें:  कुछ परिवार धनतेरस पर काले रंग की वस्तुएं खरीदने से परहेज करते हैं.
–  बिना जरूरत की महंगी चीजें:  त्योहार के नाम पर अपनी आर्थिक क्षमता से ज्यादा खर्च करने से बचना चाहिए.

धनतेरस पर खरीदारी का महत्व केवल महंगी चीजें घर लाने में नहीं है. आप अपनी जरूरत और बजट के अनुसार छोटी-सी शुभ वस्तु खरीदकर भी इस परंपरा को निभा सकते हैं. घर की साफ-सफाई, पूजा और परिवार के साथ खुशियां बांटना भी इस त्योहार का अहम हिस्सा है.
 

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