तेलंगाना में 89 लाख वोटरों का ‘जिन्न’ बाहर, कांग्रेस समेत सभी दलों की बढ़ी चिंता; क्या है पूरा मामला?

Date:

हैदराबाद 

याद कीजिए पश्चिम बंगाल में जब एसआईआर हुआ तो करीब 70 लाख वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से गायब हो गए. यानी ऐसे वोटर जिनका हकीकत में कोई वजूद ही नहीं था या जो फर्जी थे. नतीजा क्या हुआ? ममता बनर्जी की अजेय मानी जाने वाली सरकार भरभरा कर ढह गई. अब ठीक वैसा ही ज‍िन्‍न कांग्रेस के गढ़ तेलंगाना में बाहर आया है. बंगाल में तो फिर भी एसआईआर में लाखों नाम कटे थे, तेलंगाना में तो प्री-एसआईआर यानी शुरुआती जांच में ही 89 लाख फर्जी या गड़बड़ वोटर पाए गए हैं. अगर छंटनी हुई तो तेलंगाना की स‍ियासत में भूचाल आना तय है। 

क्या है ये 89 लाख का गड़बड़झाला?
तेलंगाना में पिछले कई महीनों से चुनाव आयोग के अधिकारी एक खास मिशन पर लगे हुए थे. इसे तकनीकी भाषा में प्री-एसआईआर मैपिंग कहा गया. अध‍िकार‍ियों ने साल 2002 की वोटर लिस्ट उठाई और उसे आज की वोटर ल‍िस्‍ट से म‍िलान करवाया. मकसद था ये देखना कि वोटर लिस्ट में जो नाम दर्ज हैं, वो असली हैं या सिर्फ कागजों पर वोट डाल रहे हैं. तेलंगाना के मुख्य निर्वाचन अधिकारी सी. सुदर्शन रेड्डी ने इसकी ड‍िटेल्‍स सामने रखी। 

तेलंगाना के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया क‍ि वोटर ल‍िस्‍ट में 11 तरह की गड़बड़‍ियां पाई गई हैं. अब तक कुल मिलाकर लगभग 89 लाख गड़बड़‍ियां सामने आ चुकी हैं. मतलब साफ है क‍ि 89 लाख वोटरों के डेटा में कुछ न कुछ ऐसा झोल है, जो सामान्य नहीं है. अब चुनाव आयोग इन सभी संदिग्ध वोटरों को नोटिस थमाएगा और उनसे पूछेगा कि तुम्हारा वजूद क्या है? जरा सबूत तो दिखाओ!

11 गड़बड़‍ियां क‍िस-क‍िस तरह की?
    बाप-बेटे की उम्र में 15 साल से कम का अंतर: वोटर लिस्ट बता रही है कि कई मामलों में माता-पिता और उनके बच्चों की उम्र के बीच 15 साल से भी कम का अंतर है. यानी, कागज के हिसाब से कोई 13 या 14 साल की उम्र में ही माता-पिता बन गया। 

    दो भाई-बहनों के बीच 9 महीने से कम का अंतर: दो बच्चों के जन्म के बीच कम से कम 9 महीने का फासला होता है (जुड़वा बच्चों को छोड़कर). लेकिन तेलंगाना की वोटर लिस्ट में ऐसे हजारों भाई-बहन हैं, जिनके जन्म के बीच 9 महीने से भी कम का गैप है। 

    बाप-बेटे की उम्र में 50 साल से ज्यादा का अंतर: एक तरफ 15 साल से कम का अंतर है, तो दूसरी तरफ ऐसे वोटर भी हैं जहां माता-पिता और संतान की उम्र में 50 साल से ज्यादा का फासला दर्ज है। 

    दादा और पोते की उम्र में 40 साल से कम का अंतर: दादा और पोते के बीच कम से कम दो पीढ़ियों का फासला होता है. लेकिन यहां वोटर लिस्ट में दादा और पोते की उम्र के बीच 40 साल से भी कम का अंतर है। 

    रिश्तों का बदल जाना : सबसे मजेदार झोल ये है कि मौजूदा वोटर लिस्ट और पुरानी लिस्ट का जब मिलान किया गया, तो पता चला कि वोटर का नाम तो वही है, लेकिन उसके रिश्तेदारों के नाम या रिश्ते का प्रकार ही बदल गया है. जो पिछली लिस्ट में पिता था, वो नई लिस्ट में पति बन गया!

अब होगा दूध का दूध-पानी का पानी
सवाल ये कि इन 89 लाख संदिग्धों का क्या होगा? इसके लिए चुनाव आयोग SIR करने जा रहा है. तेलंगाना इससे पहले साल 2002 में एसआईआर हुआ था. यानी 22 साल बाद फिर से वोटर लिस्ट का पूरा पोस्टमार्टम होने जा रहा है। 

25 जून से 24 जुलाई के बीच ‘बूथ लेवल ऑफिसर’ तेलंगाना के हर घर का दरवाजा खटखटाएंगे. वो एक फॉर्म देंगे, उसे भरवाएंगे, चेक करेंगे कि जो वोटर लिस्ट में लिखा है, वो आदमी हकीकत में उस घर में रहता भी है या नहीं. अगर दादा और पोते की उम्र में 30 साल का अंतर है, तो BLO पूछेगा कि ये कौन सा चमत्कार है! अगर जवाब नहीं मिला या वोटर गायब मिला, तो उसका नाम लिस्ट से काट दिया जाएगा। 

तेलंगाना का गणित समझ‍िए
तेलंगाना की कुल आबादी लगभग 3.5 से 4 करोड़ के बीच है. यहां कुल वोटरों की संख्या करीब 3 करोड़ 20 लाख के आसपास बैठती है. अब अगर 3.2 करोड़ वोटरों में से 89 लाख वोटर यानी करीब 27-28% वोटर संदिग्ध हैं, तो ये कोई छोटी-मोटी बात नहीं है. अगर इस 89 लाख में से छंटनी के बाद 40 या 50 लाख वोटर भी फर्जी पाए गए और उनके नाम काटे गए, तो पूरा का पूरा चुनावी समीकरण बदल जाएगा। 

जीत-हार का मार्जिन
तेलंगाना विधानसभा चुनावों में कई बार हार-जीत का अंतर 2,000 से 5,000 वोटों का होता है. अगर हर विधानसभा क्षेत्र से 30,000 से 40,000 फर्जी वोट कट जाएं, तो उन सीटों पर नतीजे पूरी तरह से पलट सकते हैं। 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

Shivpuri Ring Road: शहर की बदलेगी तस्वीर, ट्रैफिक प्रेशर होगा कम; सफर होगा तेज और सुगम

शिवपुरी   शिवपुरी के लोगों के लिए बहुत बड़ी और खुशखबरी...

Google Event 2026: अगस्त में लॉन्च होगा सबसे दमदार Pixel फोन, जानें क्या होगा खास

 नई दिल्ली Google आने वाले 12 अगस्त को एक बड़ा...

UP-Haryana Mega Expressway: 22 जिलों को जोड़ेगा नया एक्सप्रेसवे, दिल्ली-गोरखपुर का सफर होगा बेहद आसान

 गोरखपुर  गंगा एक्सप्रेसवे के बाद उत्तर प्रदेश को एक और...