बहादुरगढ़ के संवेदनशील परमाणु ऊर्जा संस्थान में सुरक्षा चूक का मामला

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बहादुरगढ़
बहादुरगढ़ के गांव खेड़ी-जसौर स्थित ग्लोबल सेंटर फॉर न्यूक्लियर एनर्जी पार्टनरशिप यानि वैश्विक परमाणु ऊर्जा भागीदारी केंद्र (जीसीएनईपी) परिसर से तांबे के अर्थिंग स्ट्रिप चोरी होने का मामला सामने आया है। संस्थान प्रशासन ने इस संबंध में आसौदा पुलिस चौकी को शिकायत दी है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। चोरी गए सामान की कीमत करीब 90 हजार रुपये बताई गई है।

जीसीएनईपी के एस्टेट अधिकारी सुरेंद्र कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया 13 जून 2026 को दोपहर करीब साढ़े तीन बजे जीसीएनईपी परिसर की परिधि दीवार के पास, लोहारहेड़ी गांव की ओर जाने वाली सड़क के नजदीक तांबे की अर्थिंग स्ट्रिप और बस-बार आदि सामग्री संदिग्ध अवस्था में पड़ी मिली। यह सामग्री ढीले प्लास्टिक कवर में पैक थी। प्राथमिक जांच में आशंका जताई गई कि चोरों ने परिसर की ईंटों की दीवार में छेद कर अंदर से सामग्री निकालकर बाहर फेंकी थी ताकि बाद में उसे ले जाया जा सके। सूचना मिलने पर आरटीसी सुरक्षा अधिकारी ने इस सामग्री को कब्जे में लेकर वापस कार्यालय पहुंचाया।

इसके बाद डीसीएसईएम के अधिकारियों से जांच कराई गई। अधिकारियों ने पुष्टि की कि यह तांबे की स्ट्रिप जीसीएनईपी परिसर स्थित इलेक्ट्रिक सब-स्टेशन (ईएसएस) एवं डीजी भवन में स्थापित अर्थिंग सिस्टम से चोरी की गई है। डीसीएसईएम और जीसीएनईपी अधिकारियों ने संयुक्त निरीक्षण किया, जिसमें पता चला कि कुल करीब 136 मीटर लंबी तांबे की अर्थिंग स्ट्रिप गायब है। इसमें से लगभग 50 मीटर स्ट्रिप परिसर की दीवार के पास बरामद हो गई, जबकि शेष सामग्री अब भी लापता है।

जीसीएनईपी के एस्टेट अधिकारी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि जीसीएनईपी परमाणु ऊर्जा विभाग (डीएई) के अधीन स्थापित एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संस्थान है। यहां समय-समय पर परमाणु विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र के वरिष्ठ वैज्ञानिकों तथा विदेशी प्रतिनिधिमंडलों का आगमन होता रहता है। ऐसे में संस्थान की सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है। संस्थान प्रशासन ने चोरी की इस घटना को गंभीर सुरक्षा चूक बताते हुए पुलिस से मामला दर्ज कर जल्द जांच करने तथा दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग की है। पुलिस शिकायत के आधार पर मामले की जांच में जुट गई है।

 

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