सिंहस्थ तैयारियों पर खास फोकस, उज्जैन में CM मोहन यादव और मनोहर लाल खट्टर लेंगे बड़ी बैठकें

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उज्जैन 
 मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर 19 जून को उज्जैन दौरे पर रहेंगे. इस दौरान केंद्रीय ऊर्जा एवं आवास-शहरी कार्य मंत्री खट्टर दो महत्त्वपूर्ण राज्य स्तरीय समीक्षा बैठकों में शामिल होंगे. प्रशासनिक संकुल भवन के सभा कक्ष में आयोजित इन बैठकों में कई विभागों की समीक्षा हो सकती है। 

शाम को शुरू होंगी दो महत्वपूर्ण बैठकें
उज्जैन में सीएम व केंद्रीय मंत्री की उपस्थिति में पहली बैठक शाम 6 बजे होगी. इस बैठक में स्वच्छ भारत मिशन की राज्य स्तरीय समीक्षा होगी. वहीं, इसके बाद आयोजित दूसरी बैठक में पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (RDSS) के अंतर्गत प्रदेश में चल रहे कार्यो और विद्युत वितरण व्यवस्था की प्रगति की समीक्षा की जाएगी. इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सिंहस्थ 2028 से जुड़े और अन्य विकास कार्यो की भी समीक्षा कर सकते हैं। 

प्रशासनिक संकुल भवन के सभा कक्ष में होंगी बैठकें
मुख्यमंत्री वीर भारत संघ्राहलय, कान्हा डक्ट परियोजना और केंद्र सरकार की सहायता राशि से चलने वाली अन्य योजनाओं की भी समीक्षा कर सकते हैं। 

तैयार होगा उज्जैन व अन्य शहरों के विकास का रोडमैप
दरअसल, उज्जैन में होने वाली समीक्षा बैठकें केवल विभागीय समीक्षा तक समिति नहीं रहेगी बल्कि प्रदेश में स्वच्छता, बिजली सुधार और धार्मिक पर्यटन विकास के रोडमैप को नई दिशा देने वाली साबित हो सकती है. मुख्यमंत्री व केंद्रीय मंत्री ल मनोहरलाल खट्टर के दौरे को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां पूरी हो गई हैं, जिससे समीक्षा बैठकों की व्यवस्थाओं में कोई कमी न हो. हालांकि, इन बैठकों के बाद क्या महत्वपूर्ण निणर्य होने है ये देर शाम आधिकारिक बयानों के बाद ही सामने आ पाएगा। 

समीक्षा बैठक में इन मुद्दों पर जोर दे सकते हैं सीएम व केंद्रीय मंत्री
मध्यप्रदेश की वर्तमान परिस्थितियों और सरकार की प्राथमिकताओं के अनुसार माना जा रहा है पहली बैठक में निम्लिखित मुद्दों पर सरकार का फोकस हो सकता है। 

    नगरीय निकायों में कचरा संग्रहण और निस्तारण व्यवस्था को और मजबूत करना.
    शहरों की स्वच्छता रैंकिंग सुधारने के लिए विशेष अभियान.
    कचरे से खाद और ऊर्जा उत्पादन परियोजना को बढ़ावा.
    खुले में कचरा फेंकने और प्लास्टिक उपयोग पर सख्ती बढ़ाना.
    सिंहस्थ के कार्यों के साथ-साथ उज्जैन सहित धार्मिक और पर्यटन शहरों में विशेष सफाई मॉडल लागू करना.
    नगर निगमों की रैंकिंग के आधार पर जवाबदेही तय करना.
    बिजली वितरण कम्पनियों के तकनीकी और वाणिज्यिक नुकसान कम करना.
    स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया में तेजी लाना.
    ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर और बिजली लाइनों का उन्नयन.
    किसान और घरेलू उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण व निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर.
    बिजली चोरी रोकने का विशेष अभियान.

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