अयोध्या राम मंदिर फंड गड़बड़ी की जांच में 9 पेनड्राइव में सबूत सुरक्षित, कई नए नाम आए सामने

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अयोध्या
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपों की जांच जारी है। शुक्रवार को जांच का पांच दिन था। एसआईटी के अधिकारियों ने प्रारम्भिक रिपोर्ट लगभग तैयार कर ली है। माना जा रहा है कि शनिवार की शाम तक एसआईटी प्रारंभित रिपोर्ट सीएम योगी को सौंप सकती है। इसके लिए शुक्रवार को भी देर रात तक अफसर लिखा-पढ़ी में व्यस्त रहे। बताया जा रहा है कि एसआईटी ने 9 पेनड्राइव में जरूरी दस्तावेजों और साक्ष्यों को संकलित कर सुरक्षित किया है। फिलहाल पांचवें दिन से अधिकारियों ने जांच में पूरी सख्ती बरती है और लगातार लोगों से पूछताछ की है। इस पूछताछ में कई नये नाम भी शामिल हुए हैं जिसमें श्रद्धालुओं के द्वारा भगवान को अर्पित किए गए आभूषणों के इधर-उधर गायब हो जाने के आरोपों से सम्बन्धित लोग प्रमुख रुप से सम्मिलित किए गए हैं।

नौ संदिग्धों में दो की खास भूमिका
राम मंदिर में चढ़ावे की धांधली के प्रकरण की छानबीन के लिए यहां पहुंची एसआईटी पांच दिन तक आठ से दस घंटे तक के कठिन परिश्रम के बाद भी इस सवाल का जवाब नहीं खोज पाई कि राम मंदिर में होने वाली घटनाओं को लेकर ट्रस्टियों की चुप्पी क्यों नहीं टूटी। एसआईटी के अधिकारियों ने इस प्रश्न का जवाब जानने के लिए मौखिक पूछताछ के साथ लिखित रूप से भी सवाल जवाब किए फिर भी इसका संतोषजनक जवाब ट्रस्टियों ने नहीं दिया। फिलहाल एसआईटी के सदस्यों की ओर से पड़ताल जारी है। पड़ताल की कड़ी में सभी से अलग-अलग व सामूहिक पूछताछ के साथ ग्रीन हाउस के अलग-अलग कक्ष में अलग-अलग अधिकारियों द्वारा पूछताछ की जा रही है। गणना कार्य में लगे नौ संदिग्ध कर्मचारियों से पूछताछ में दो व्यक्तियों जिनमें एक गणना प्रभारी भी है, का नाम बार-बार समान रूप से आया है।

बैंक कर्मियों को जांच से मुक्त रखने वालों की सामने आई भूमिका
सूत्र बताते हैं कि इन्हीं लोगों की सीसीटीवी कैमरे की निगरानी को पुलिस कंट्रोल रूम से अलग करने में भी भूमिका रही है। इसके अलावा गणना स्थल में आवागमन के दौरान बैंक कर्मियों को जांच से मुक्त रखने में इन्हीं लोगों की भूमिका सामने आई है। इसके कारण एस आईटी का शिकंजा गणना प्रभारी पर कसता जा रहा है। सूत्र बताते हैं कि गणना स्थल में नियुक्त गणना कर्मियों की भर्ती में भी गणना प्रभारी की ओर से संस्तुति की जाती रही। बताया जाता है कि संगठन के कार्यकर्ता के रूप में इन गणना कर्मियों को नियुक्त कराया गया। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र महासचिव चंपतराय के करीबी व राम मंदिर के सेवादार रामशंकर यादव टिन्नू से लेकर गणना कर्मियों द्वारा इस बात की पुष्टि के बाद जांच अधिकारी बहुत सतर्कता के साथ छानबीन कर रहे कि संगठित अपराध की कोई सुनियोजित योजना तो नहीं थी अथवा अवसर पाकर षड्यंत्र को अंजाम दिया गया।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपों की जांच जारी है। शुक्रवार को जांच का पांच दिन था। एसआईटी के अधिकारियों ने प्रारम्भिक रिपोर्ट लगभग तैयार कर ली है। माना जा रहा है कि शनिवार की शाम तक एसआईटी प्रारंभित रिपोर्ट सीएम योगी को सौंप सकती है। इसके लिए शुक्रवार को भी देर रात तक अफसर लिखा-पढ़ी में व्यस्त रहे। बताया जा रहा है कि एसआईटी ने 9 पेनड्राइव में जरूरी दस्तावेजों और साक्ष्यों को संकलित कर सुरक्षित किया है। फिलहाल पांचवें दिन से अधिकारियों ने जांच में पूरी सख्ती बरती है और लगातार लोगों से पूछताछ की है। इस पूछताछ में कई नये नाम भी शामिल हुए हैं जिसमें श्रद्धालुओं के द्वारा भगवान को अर्पित किए गए आभूषणों के इधर-उधर गायब हो जाने के आरोपों से सम्बन्धित लोग प्रमुख रुप से सम्मिलित किए गए हैं।

नौ संदिग्धों में दो की खास भूमिका
राम मंदिर में चढ़ावे की धांधली के प्रकरण की छानबीन के लिए यहां पहुंची एसआईटी पांच दिन तक आठ से दस घंटे तक के कठिन परिश्रम के बाद भी इस सवाल का जवाब नहीं खोज पाई कि राम मंदिर में होने वाली घटनाओं को लेकर ट्रस्टियों की चुप्पी क्यों नहीं टूटी। एसआईटी के अधिकारियों ने इस प्रश्न का जवाब जानने के लिए मौखिक पूछताछ के साथ लिखित रूप से भी सवाल जवाब किए फिर भी इसका संतोषजनक जवाब ट्रस्टियों ने नहीं दिया। फिलहाल एसआईटी के सदस्यों की ओर से पड़ताल जारी है। पड़ताल की कड़ी में सभी से अलग-अलग व सामूहिक पूछताछ के साथ ग्रीन हाउस के अलग-अलग कक्ष में अलग-अलग अधिकारियों द्वारा पूछताछ की जा रही है। गणना कार्य में लगे नौ संदिग्ध कर्मचारियों से पूछताछ में दो व्यक्तियों जिनमें एक गणना प्रभारी भी है, का नाम बार-बार समान रूप से आया है।

बैंक कर्मियों को जांच से मुक्त रखने वालों की सामने आई भूमिका
सूत्र बताते हैं कि इन्हीं लोगों की सीसीटीवी कैमरे की निगरानी को पुलिस कंट्रोल रूम से अलग करने में भी भूमिका रही है। इसके अलावा गणना स्थल में आवागमन के दौरान बैंक कर्मियों को जांच से मुक्त रखने में इन्हीं लोगों की भूमिका सामने आई है। इसके कारण एस आईटी का शिकंजा गणना प्रभारी पर कसता जा रहा है। सूत्र बताते हैं कि गणना स्थल में नियुक्त गणना कर्मियों की भर्ती में भी गणना प्रभारी की ओर से संस्तुति की जाती रही। बताया जाता है कि संगठन के कार्यकर्ता के रूप में इन गणना कर्मियों को नियुक्त कराया गया। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र महासचिव चंपतराय के करीबी व राम मंदिर के सेवादार रामशंकर यादव टिन्नू से लेकर गणना कर्मियों द्वारा इस बात की पुष्टि के बाद जांच अधिकारी बहुत सतर्कता के साथ छानबीन कर रहे कि संगठित अपराध की कोई सुनियोजित योजना तो नहीं थी अथवा अवसर पाकर षड्यंत्र को अंजाम दिया गया।

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