दुनिया की सबसे ऊंची बिल्डिंग बनने की ओर जेद्दा टावर, बुर्ज खलीफा का रिकॉर्ड टूटना तय?

Date:

दुबई 

सऊदी अरब में एक ऐसा नया टावर बन रहा है, जो बुर्ज खलीफा को भी पीछे छोड़ने के लिए बिल्कुल तैयार है. रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब के जेडा टावर (Jeddah Tower) का काम अब अपने आखिरी और सबसे ऊपरी हिस्सों की तरफ बहुत तेजी से बढ़ रहा है। 

जब यह गगनचुंबी इमारत पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगी, तो इसकी ऊंचाई 1,000 मीटर (यानी 3,281 फीट) से भी ज्यादा होगी. वर्तमान में दुनिया की सबसे ऊंची इमारत दुबई का 'बुर्ज खलीफा' है, जिसकी ऊंचाई 828 मीटर है. यानी जेडा टावर बुर्ज खलीफा से भी बहुत ज्यादा ऊंचा होने वाला है। 

इस शानदार टावर को एड्रियन स्मिथ और गॉर्डन गिल नाम के मशहूर आर्किटेक्ट्स ने डिजाइन किया है. दिलचस्प बात यह है कि एड्रियन स्मिथ वही शख्स हैं जिन्होंने दुबई के बुर्ज खलीफा को भी डिजाइन किया था.  रिपोर्ट के अनुसार, जेडा टावर ने अभी से ही आसमान छूना शुरू कर दिया है. यह टावर अपनी 104वीं मंजिल के बेहद करीब पहुंच चुका है, यानी इसकी ऊंचाई अभी ही 400 मीटर से ज्यादा हो चुकी है। 

हर हफ्ते इस टावर की ऊंचाई लगभग 4 मीटर बढ़ रही है. इस रफ्तार से देखा जाए तो अगले 25 हफ्तों में यह टावर 500 मीटर का आंकड़ा पार कर लेगा. जेडा टावर का बनना सिर्फ एक रिकॉर्ड तोड़ने का खेल नहीं है, बल्कि यह सऊदी अरब के एक बहुत बड़े प्लान का हिस्सा है. सऊदी अरब इस समय 'विज़न 2030' पर काम कर रहा है, जिसके तहत वह अपनी कमाई के लिए सिर्फ तेल पर निर्भर नहीं रहना चाहता. वे अपने देश में टूरिज्म और बिजनेस को बढ़ावा देना चाहते हैं. यह टावर 53 लाख वर्ग मीटर में बन रहे एक आलीशान और आधुनिक शहर 'जेडा इकोनॉमिक सिटी' का सबसे मुख्य हिस्सा है। 

क्या है इसकी खूबियां
रिपोर्ट्स के मुताबिक जेडा टावर (Jeddah Tower) इंजीनियरिंग और वास्तुकला के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचने जा रहा है, जिसकी सबसे बड़ी खूबी इसका अगस्त 2028 तक पूरा होने का लक्ष्य और मौजूदा समय में इसकी निर्माण की तूफानी रफ्तार है. यह गगनचुंबी इमारत कम से कम 167 मंजिला होगी, जिसमें 130 से लेकर 160 से अधिक मंजिलें रहने या इस्तेमाल करने योग्य होंगी और इसके केंद्रीय कोर पर औसतन प्रति सप्ताह एक मंजिल बनाने का काम चल रहा है। 

इस टावर की इंजीनियरिंग का सबसे अनोखा और ऐतिहासिक पहलू कंक्रीट को सीधे एक किलोमीटर की अभूतपूर्व ऊंचाई तक पंप करना है, जो निर्माण इतिहास में आज तक इस पैमाने पर कभी नहीं किया गया. इसके अलावा, टावर के ऊपरी हिस्से को मजबूती देने के लिए इसके डिजाइन में एक विशेष 'स्काई राफ्ट' तकनीक को शामिल किया गया है, जो इसके सबसे ऊपरी नुकीले शिखर को सुरक्षित और मजबूत सहारा देगा। 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

Punjab Protest: बंदी सिंहों की रिहाई की मांग पर सड़क जाम, पठानकोट-अमृतसर मार्ग ठप

पठानकोट/अमृतसर. बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर कौमी...

BJP की नई टीम का पहला बड़ा इम्तिहान, Gen Z के तेवर से लेकर यूपी चुनाव तक बढ़ी चुनौतियां

राजकुमार सिंह  BJP में पीढ़ीगत परिवर्तन का प्रतीक बताए जा...

चमोली टनल हादसा: छत्तीसगढ़ के 4 मजदूरों की मौत, CM साय ने परिजनों को 5-5 लाख देने का किया ऐलान

रायपुर. उत्तराखंड के चमोली में 13 अगस्त को हुए दर्दनाक...

6 करोड़ महिला वोटरों पर BJP की नजर, योगी सरकार नई योजना या बढ़ी सहायता राशि का कर सकती है ऐलान

 लखनऊ अगले वर्ष विधानसभा चुनाव से पहले योगी आदित्यनाथ सरकार...