प्रदेश के 10 विद्यालय राष्ट्रीय रेटिंग में, रतलाम का जावरा और भोपाल का कमला नेहरू सांदीपनि स्कूल शीर्ष पर

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भोपाल

स्‍कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग भारत सरकार द्वारा घोषित स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग (SHVR) 2025-26 में मध्यप्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। राष्ट्रीय चयन सूची में मध्यप्रदेश के 10 विद्यालय विभिन्न श्रेणियों में चयनित हुए हैं, जिसमें शहरी वर्ग के अंतर्गत रतलाम जिले के सांदीपनि विद्यालय जावरा ने प्रथम और राजधानी भोपाल के कमला नेहरू सांदीपनि विद्यालय ने द्वितीय स्‍थान प्राप्‍त किया है। वहीं, देवास जिले की शासकीय माध्‍यमिक शाला झिकड़ाखेड़ा ग्रामीण श्रेणी में दूसरे स्‍थान पर है।

उल्लेखनीय है कि “स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग’’ भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पहल है, जिसके अंतर्गत सुरक्षित पेयजल, बाल-अनुकूल शौचालय, हाथ धुलाई सुविधाएं, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, ऊर्जा दक्षता, वर्षा जल संचयन, हरित परिसर विकास, पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली गतिविधियों तथा व्यवहार परिवर्तन आधारित गतिविधियों सहित विभिन्न मानकों पर विद्यालयों का मूल्यांकन किया जाता है। इस प्रतिष्ठित सूची में स्‍थान पाने के लिए विद्यालय स्‍व-मूल्‍यांकन कर आवेदन करते हैं।

प्रदेश के 78 हजार से अधिक स्‍कूलों की सहभागिता

इस वर्ष राज्य स्तर पर व्यापक जन-भागीदारी एवं जागरूकता के परिचायक के रूप में प्रदेश की कुल 78,149 शालाओं द्वारा ‘स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग’ अंतर्गत स्व-मूल्यांकन प्रक्रिया में सहभागिता की गई थी। विभिन्न तकनीकी एवं मूल्यांकन प्रक्रियाओं के आधार पर राज्य स्तर से कुल 20 विद्यालयों का चयन कर उन्हें राष्ट्रीय स्तर के लिए नामांकित किया गया था, जिसमें से मध्यप्रदेश के 10 विद्यालयों का चयन राष्ट्रीय स्तर पर किया गया है।

चयनित विद्यालयों को मिलेगी 1 लाख की प्रोत्‍साहन राशि

इन सभी 10 चयनित विद्यालयों को भारत सरकार द्वारा मेरिट प्रमाण-पत्र के साथ स्वच्छता एवं हरित गतिविधियों के सतत सुदृढ़ीकरण के लिए 1 लाख रुपये की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही, इन विद्यालयों के संस्था प्रमुखों के लिए विशेष शैक्षणिक अध्ययन भ्रमण भी आयोजित किया जाना प्रस्तावित है।

चयनित 10 में से 8 शासकीय विद्यालय

राष्ट्रीय स्तर पर चयनित प्रदेश के 10 विद्यालयों में से 3 सांदिपनी विद्यालयों सहित कुल 8 शासकीय विद्यालय शामिल हैं। जिनमें रतलाम जिले का उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक सांदीपनि विद्यालय जावरा, भोपाल का शासकीय कमला नेहरू कन्या उच्चतर माध्यमिक सांदीपनि विद्यालय, देवास जिले का शासकीय माध्‍यमिक शाला झिकड़ाखेड़ा, सीहोर जिले का शासकीय माध्‍यमिक शाला महुआखेड़ी टाकीपुर, शाजापुर जिले का शासकीय माध्‍यमिक शाला भराड़, जबलपुर जिले का सांदीपनि विद्यालय कुंडम, शिवपुरी जिले का पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय आईटीबीपी करेरा, डिंडोरी जिले की आश्रम शाला इंग्लिश मीडियम शाहपुरा सहित 2 निजी विद्यालय इंदौर जिले का दिल्ली पब्लिक स्कूल निपानिया तथा कटनी जिले का दिल्ली पब्लिक स्कूल शामिल हैं।

सांदीपनि विद्यालयों का उत्‍कृष्‍ट प्रदर्शन

मध्यप्रदेश शासन की विशेष शैक्षणिक पहल सांदीपनि विद्यालय अंतर्गत संचालित विद्यालयों ने भी ‘स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग’ में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। विशेष रूप से रतलाम जिले के उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक सांदीपनि विद्यालय, जावरा ने शहरी श्रेणी में राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त कर प्रदेश को गौरवान्वित किया है, जबकि भोपाल जिले के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कमला नेहरू ने इसी श्रेणी में राष्ट्रीय स्तर पर द्वितीय स्थान प्राप्त कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। इसके साथ ही जबलपुर जिले का सांदीपनि विद्यालय कुंडम ने ग्रामीण श्रेणी में राष्ट्रीय स्तर पर 10वां स्थान प्राप्त कर राज्य की उपलब्धियों को और अधिक गौरवपूर्ण बनाया है। इन विद्यालयों द्वारा स्वच्छता, हरित परिसर विकास, जल संरक्षण, व्यवहार परिवर्तन आधारित गतिविधियों एवं छात्र सहभागिता के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य किए गए हैं।

संचालक राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र ने दी बधाई

भारत सरकार के स्‍कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा घोषित राष्‍ट्रीय रेटिंग में प्रदेश के 10 स्‍कूलों के चयन पर संचालक राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र श्री हरजिंदर सिंह ने सभी चयनित विद्यालयों को बधाई दी है। इस अवसर पर उन्‍होंने कहा कि, यह उपलब्धि प्रदेश के विद्यालयों में स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल, जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण एवं हरित परिसर विकास के क्षेत्र में राज्य द्वारा किए जा रहे सतत प्रयासों का परिणाम है। यह सफलता राज्य शासन, लोक शिक्षण संचालनालय, राज्य शिक्षा केंद्र, जिला प्रशासन, विद्यालयों, शिक्षकों, विद्यार्थियों, समुदाय एवं यूनिसेफ मध्यप्रदेश टीम के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में स्वच्छ, सुरक्षित एवं हरित वातावरण सुनिश्चित करना केवल अधोसंरचना विकास का विषय नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के स्वास्थ्य, गरिमा, सीखने के वातावरण एवं सतत विकास से जुड़ा महत्वपूर्ण दायित्व है। चयनित विद्यालयों की श्रेष्ठ प्रथाओं एवं नवाचारों का व्यापक दस्तावेजीकरण एवं प्रसार किया जाएगा, जिससे प्रदेश के अन्य विद्यालय भी इन मॉडलों से प्रेरणा लेकर स्वच्छ एवं हरित विद्यालय पहल को और अधिक प्रभावी बना सकें।

 

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