बिहार में 100 साल पुराने जमीन के दस्तावेज़ खंगाले जाएंगे, रियासतों से मांगे गए कैडस्ट्रल खतियान

Date:

सहरसा.

बिहार के विभिन्न जिलों में जमीन के कैडस्ट्रल सर्वे के दौरान तैयार खतियान सरकार के पास नहीं होने के कारण राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने आम सूचना जारी कर रैयतों से अपील की है कि अगर उनके पास यह है तो उसे उपलब्ध कराएं। खतियान को अंचल कार्यालयों और जिला अभिलेखागार में संरक्षित किया जाएगा।

बिहार में ब्रिटिश काल में जमीन का सर्वे किया गया था। इसे कैडस्ट्रल सर्वे का नाम दिया गया था। इसके आधार पर खतियान तैयार किया गया। इसके बाद रीविजनल सर्वे किया गया। इससे नया खतियान बना। अब भी जमीन के पुराने विवाद पर दोनों खतियान का मिलान किया जाता है। इसके आधार पर भी मालिकाना हक मिलता है। सीओ मौनी बहन ने बताया कि सरकार ने सभी खतियान को डिजिटाइज्ड कर दिया है। इस क्रम में राज्य के 9334 मौजे का कैडस्ट्रल सर्वे उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई।

सौ साल से अधिक समय पहले का खतियान
कैडस्ट्रल सर्वे ब्रिटिश शासनकाल के दौरान साल 1900 से 1910 के बीच किया गया था। कुछ क्षेत्रों में यह 1892 से 1920 तक चला था। यह बंगाल काश्तकारी अधिनियम, 1885 के तहत पहला व्यापक भू-सर्वेक्षण था। यह दस्तावेज काफी महत्वपूर्ण है। जिले में खासमहाल की जमीन को लेकर कैडस्ट्रल सर्वे से ही कई निर्णय लिए जा रहे हैं। इसके अलावा बड़े जमींदारों की जमीन का खतियान भी इसमें शामिल है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

झारखंड के छात्रों के लिए बड़ा बदलाव, फिजिकल एजुकेशन में लागू होंगी NCERT की पुस्तकें

रांची. राज्य सरकार राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी)...

कोटा को मिली 100 इलेक्ट्रिक बसों की सौगात, 250 युवाओं को मिलेगा रोजगार

कोटा शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था अब एक बड़े बदलाव...

राशन कार्डधारकों के लिए जरूरी अपडेट, नया सदस्य जोड़ने से पहले करानी होगी e-KYC

रांची झारखंड में राशन कार्ड में नया नाम जोड़ने के...

Punjab News: तरनतारन में नकली नशा मुक्ति केंद्र पर छापा, फर्जी डॉक्टर बनकर मरीज किए गए भर्ती

तरनतारन. तरनतारन में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त कार्रवाई...