30 साल पुराना सरदार सरोवर विवाद खत्म! CM डॉ. मोहन यादव बोले- सर्वसम्मति से समाधान बड़ी उपलब्धि

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तीस वर्षों से लंबित सरदार सरोवर परियोजना का सर्वसम्मति से समाधान होना बड़ी उपलब्धि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश को अब डेढ़ हजार करोड़ रूपए के स्थान पर केवल 217 करोड़ रूपए ही देना होंगे
मध्यप्रदेश बना वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन करने वाला पहला राज्य
ज्ञान भारतम् योजना में मध्यप्रदेश पूरे देश में प्रथम
34 लाख 45 हजार से अधिक पांडुलिपि पन्नों का पंजीकरण और 12 लाख से अधिक का हुआ सत्यापन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले किया संबोधित

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रयासों से विगत 30 वर्षों से सरदार सरोवर परियोजना को लेकर लंबित जटिल मुद्दे का सर्वसम्मति से समाधान हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री मोदी, केन्द्रीय गृह मंत्री शाह और केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह विषय मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान के बीच लंबित था। भारत के अटॉर्नी जनरल द्वारा फरवरी 2026 में अभिमत दिया कि पुनर्वास की लागत भागीदार राज्यों के मध्य विभाजित होनी चाहिए। अभिमत के अनुसार मध्यप्रदेश को लगभग डेढ़ हजार करोड़ रुपए का भुगतान करने की स्थिति बन रही थी। नई दिल्ली में हुई बैठक में तय किया गया कि 50% के स्थान पर 75% का खर्चा गुजरात द्वारा ही दिया जाए, और इस प्रकार मध्यप्रदेश को अब केवल रूपये 217 करोड़ की राशि देना होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह जानकारी मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में दी।

टीकमगढ़ से मिला 10 फीट लंबा जम्बूद्वीप का नक्शा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में में नये अधिनियम के तहत वक्फ बोर्ड का गठन कर लिया गया है। वक्फ बोर्ड का पुर्नगठन करने वाला मध्यप्रदेश, देश का पहला राज्य बन गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि दुर्लभ प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए चलाए जा रही ज्ञान भारतम् योजना में मध्यप्रदेश पूरे देश में प्रथम स्थान पर आया है। अब तक 34 लाख 45 हजार से अधिक पांडुलिपि पन्नों का पंजीकरण और 12 लाख से अधिक का सत्यापन किया जा चुका है। टीकमगढ़ से 10 फीट लंबा 'जम्बू द्वीप का नक्शा, पन्ना से 'रसिक प्रिया', बुरहानपुर से 220 वर्ष पुराना हस्तलिखित 'श्रीमद्भागवत' और दतिया से ऐतिहासिक ताम्रपत्र जैसी अमूल्य धरोहरें प्राप्त हुई हैं।

जल गंगा संवर्धन अभियान में मध्यप्रदेश ने रचा नया इतिहास

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान में मध्यप्रदेश ने नया इतिहास रचा है। प्रदेश में गत तीन वर्षों में 15 हजार 819 करोड़ रूपये लागत के 5 लाख 20 हजार 400 से अधिक कार्य हुए हैं। वर्ष 2024 में 1 हजार 367 करोड़ रूपये लागत से 60 हजार 428 कार्य कराए गए। वर्ष 2025 में 4 हजार करोड़ रूपये लागत के 1 लाख से अधिक कार्य सम्पन्न हुए। वर्ष 2026 में 10 हजार 452 करोड़ रूपये लागत के 3 लाख 60 हजार, कार्य प्रदेश में सम्पन्न हुए। वर्ष 2026 में जल गंगा संवर्धन अभियान में प्रथम 5 जिले बड़वानी, खण्डवा, नीमच, उज्जैन और खरगोन रहे।

प्रदेश को खेलों में मिली बड़ी सफलता

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश को खेलों में बड़ी सफलता मिली है। जापान में आयोजित अंडर-18 पुरुष और महिला हॉकी एशिया कप-2026 टूर्नामेंट में प्रदेश के खिलाड़ियों ने 6 स्वर्ण और 4 कांस्य पदक जीते। भारतीय बालक एवं बालिका हॉकी टीम में प्रदेश के कुल 10 खिलाड़ी शामिल रहे। ये खिलाड़ी भोपाल, जबलपुर, नर्मदापुरम, सिवनी और बड़वानी जिले के साधारण परिवारों से हैं। राज्य सरकार ने हॉकी स्वर्ण पदक विजेता टीम के खिलाड़ियों को 3 लाख रूपए प्रति खिलाड़ी और कांस्य पदक विजेता टीम के खिलाड़ियों को एक लाख रूपए प्रति खिलाड़ी प्रोत्साहत राशि प्रदान की है।

चंबल क्षेत्र में 10 हजार और सतगढ़ी में 15 हजार लोगों को मिलेंगे रोज़गार के नए अवसर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब मध्यप्रदेश की धरती पर रक्षा उपकरण, मिसाइल और हथियार भी बनेंगे। शिवपुरी जिले के पाली में 103 हेक्टेयर भूमि पर लगभग 2,500 करोड़ रुपये की अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस यूनिट का शिलान्यास हुआ है। यहाँ हथियारों में प्रयुक्त होने वाले सिंगल बेस, डबल बेस और ट्रिपल बेस प्रोपेलेन्ट का निर्माण होगा। चंबल क्षेत्र के 10 हजार से भी अधिक लोगों को रोज़गार के नए अवसर मिलेंगे। इसी क्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि भोपाल के कोलार रोड क्षेत्र में डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क, सतगढ़ी का गत दिवस भूमि-पूजन किया गया। यह पुनीत कार्य भारत के प्रथम उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर सम्पन्न हुआ। सतगढ़ी पार्क 150 करोड़ रुपए की लागत से 70 हैक्टेयर क्षेत्र में विकसित होगा। इससे 15 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। सतगढ़ी में 25 एकड़ में 10 हजार क्षमता का कन्वेंशन एवं एग्जिबिशन सेंटर भी बनेगा। यह परियोजना 'वर्क-लिव-ग्रो' मॉडल पर आधारित है। इसमें गारमेंट, टॉयज, आईटी, एआई, लॉजिस्टिक्स आदि से जुड़े उद्योगों को स्थापित किया जाएगा।

 

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