दिल्ली में वोटर लिस्ट से नाम कटने के पांच कारण, चुनाव आयोग ने जारी की जानकारी

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नई दिल्ली
 राजधानी में हाल में अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया गया और कई अवैध निर्माण तोड़े गए हैं। ऐसे में प्रभावित लोग अगर SIR की प्रक्रिया में हिस्सा नहीं ले पा रहे हैं तो उनके लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी अशोक ने बताया कि इन लोगों के लिए मुख्य चुनाव आयोग से चर्चा की जाएगी। कोई न कोई विशेष व्यवस्था करके उन्हें SIR में शामिल कराया जाएगा। इसके अलावा जो बेघर हैं और उन्होंने जो पोल नंबर दिया है या जहाँ का पता दिया है, उन तक फॉर्म पहुंचाए जाएंगे। मुख्य चुनाव अधिकारी ने बताया कि 13,033 बीएलओ एसआईआर की प्रक्रिया में भाग लेंगे। प्रमुख राजनीतिक दलों की ओर से नियुक्त 32,429 बीएलए-2 प्रक्रिया में सहयोग करेंगे।

दिल्ली में वर्तमान में कुल मतदाताओं की संख्या 1,45,10,298 (लगभग 1.45 करोड़) हैं। इनमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 77,11,132 है, जबकि महिला मतदाताओं का आंकड़ा 67,98,142 है। इसके अलावा राष्ट्रीय राजधानी में 1,024 थर्ड जेंडर मतदाता भी रजिस्टर्ड हैं। जनवरी 2026 के बाद से 16 जून तक 2,48,992 नए मतदाता लिस्ट में शामिल हुए हैं।

इन 5 वजहों से कटेगा नाम
बीएलओ के पहुंचने पर यदि आप उन्हें नहीं मिलते हैं और ऐसा तीन बार आने पर भी हो तो नाम कटेगा। कहीं और शिफ्ट हुए हैं और एड्रेस चेंज नहीं कराया है तो नाम कटेगा। जिनकी मृत्यु हुई है, उनका नाम हटेगा। अगर दो जगहों पर नाम है तो एक जगह काटा जाएगा। विदेशी नागरिक हैं तो प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पाएंगे।

महत्वपूर्ण तारीखें
    30 जून से 29 जुलाई तक बीएलओ घर-घर जाकर सर्वे करेंगे।
    5 अगस्त 2026 को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होगी।
    5 अगस्त से 4 सितंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे।
    5 अगस्त से 3 अक्टूबर तक दावे और आपत्तियों का निवारण किया जाएगा।
    7 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।

दिल्ली के लोग ऐसे खोज सकते हैं अपना नाम
    www.ceo.delhi.gov.in पर जाएं।
    जहां आपको सर्च बाय EPIC नंबर, इलेक्टर डिटेल और पोलिंग स्टेशन के विकल्प दिखाई देंगे।
    इनसे आप 2002 की मतदाता सूची की डिटेल्स निकाल सकते हैं। यदि 2002 का EPIC नंबर मालूम है तो अपना नंबर और कैप्चा एंटर करें।
    अगर इलेक्टर डिटेल से सर्च करना चाहते हैं तो इसके ऑप्शन में जाकर AC नंबर, इलेक्टर नंबर, रिलेटिव का नाम पैरेंट्स या ग्रैंड पैरेंट्स का नाम, हाउस नंबर, जेंडर और कैप्चा भरें।
    अगर आपको हाउस नंबर या AC नंबर नहीं पता तो कोई भी दो या तीन विकल्प भरकर सर्च कर सकते हैं।
    सर्च बाय पोलिंग स्टेशन विकल्प में AC नंबर और पोलिंग स्टेशन का नाम भरकर सर्च करें और अपना नाम देखें।
    आखिर में अपने रिश्तेदार या माता-पिता का या ग्रैंड पैरेंट्स का नाम, AC का नाम या AC नंबर और लास्ट SIR की जानकारी नोट करके रख लें।
    इसे एन्यूमरेशन फॉर्म में भरना होगा। जो लोग डिजिटल माध्यम अपनाना चाहते हैं, वे सीधे www.voters.eci.gov.in पर जाकर ऑनलाइन भी इस फॉर्म को भर सकते हैं, लेकिन बीएलओ इसका सत्यापन करेंगे।
    इसके अलावा ECINET ऐप गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करके अपना नाम आसानी से खोजा जा सकता है।
    नए मतदाता माता-पिता और दादा-दादी की जानकारी से अपना नाम जुड़वा सकते हैं।

हेल्प डेस्क, टोल-फ्री नंबर और बुक-ए-कॉल सर्विस
चुनाव से जुड़ी किसी भी पूछताछ के लिए चुनाव आयोग का टोल-फ्री नंबर 1950 है। इसके अलावा ईसीआई ने 'ECINet' पर एक खास 'Book-A-Call' सुविधा भी दी है, जिससे लोग सीधे अपने क्षेत्र के बीएलओ से संपर्क साध सकते हैं। दिल्ली के सभी जिला मुख्यालयों और विधानसभा क्षेत्रों के मतदाता केंद्रों पर विशेष हेल्पडेस्क भी बनाई गई है, जिन्हें दिल्ली चुनाव आयोग की वेबसाइट पर जाकर देखा जा सकता है। इसके अलावा एन्यूमरेशन फॉर्म पर भी बीएलओ का नंबर लिखा होगा, जिसे कॉल कर मदद ली जा सकती है।

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