नई दिल्ली
देश की दूरसंचार कंपनियां अगले तीन से चार महीनों के भीतर मोबाइल रिचार्ज में 12 से 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी कर सकती हैं। माना जा रहा है कि टेलीकॉम बाजार में प्रतिस्पर्धा कम होने और 4जी और 5जी सेवाओं की बढ़ती मांग के चलते कंपनियों के लिए कीमतें बढ़ाना आसान हो गया है।
टेलीकॉम और इंटरनेट पर ब्रोकरेज फर्म सेंट्रम इंस्टीट्यूशनल रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय टेलीकाम बाजार में अब सीमित बड़ी कंपनियां बची हैं, जिससे टैरिफ बढ़ाने की संभावना मजबूत हुई है। अगर ऐसा होता है तो प्रीपेड और पोस्टपेड दोनों तरह के ग्राहकों को ज्यादा भुगतान करना पड़ सकता है।
प्रति यूजर कमाई में 1.5% तक की बढ़ोतरी की उम्मीद
रिपोर्ट में टेलीकॉम सेक्टर के फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का भी अनुमान लगाया गया है। इसके अनुसार जून तिमाही में देश की तीनों बड़ी प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियों यानी जियो, एयरटेल, वोडाफोन-आइडिया के प्रति यूजर होने वाले औसत रेवेन्यू यानी एवरेज रेवेन्यू पर यूजर (ARPU) में तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) आधार पर 1 से 1.5% की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
2G से 4G-5G पर शिफ्ट हो रहे हैं ग्राहक
कंपनियों के ARPU में सुधार की सबसे बड़ी वजह ग्राहकों का तेजी से 2G नेटवर्क छोड़कर 4G और 5G नेटवर्क पर जाना है। इसके अलावा, पोस्टपेड ग्राहकों की बढ़ती संख्या से भी प्रति यूजर कमाई में बढ़ोतरी हो रही है।
जियो और एयरटेल के बढ़ेंगे ग्राहक
सेंट्रम की रिपोर्ट के मुताबिक, रिलायंस जियो और भारती एयरटेल के यूजर लगातार बढ़ रहे हैं। जून तिमाही में रिलायंस जियो के करीब 70 लाख नए ग्राहक जोड़ने की उम्मीद है। वहीं भारती एयरटेल के ग्राहकों में लगभग 50 लाख की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके मुकाबले वोडाफोन-आइडिया केवल 2 लाख ग्राहक ही जोड़ पाएगी।
अगले 3-4 महीनों में लग सकता है झटका
हाल ही में वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) के लिए टेलीकॉम और इंटरनेट सेक्टर पर सेंट्रम इंस्टीट्यूशनल रिसर्च (Centrum Institutional Research) ने एक प्रीव्यू रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में एक बड़ा दावा किया गया है कि प्राइवेट टेलीकॉम ऑपरेटर्स अपने प्रीपेड प्लान्स की कीमतों में सीधे 15 प्रतिशत तक की वृद्धि कर सकते हैं। ग्राहकों के लिए चिंता की बात यह है कि यह बढ़ोतरी लागू होने में बहुत ज्यादा समय नहीं लगेगा; रिपोर्ट के मुताबिक अगले 3 से 4 महीनों के भीतर ही नए और महंगे प्लान्स बाजार में आ सकते हैं।
आखिर क्यों महंगे हो रहे हैं प्लान्स?
इस संभावित बढ़ोतरी के पीछे मुख्य वजह टेलीकॉम कंपनियों की कमाई का गणित है। पिछले एक या दो तिमाहियों से कंपनियों के प्रति यूजर औसत राजस्व (ARPU – Average Revenue Per User) में कोई खास और ठोस उछाल नहीं देखा गया है। इसके अलावा, रिचार्ज प्लान्स की कीमतों में पिछले दो वर्षों से कोई बड़ी बढ़ोतरी नहीं हुई है।
रिपोर्ट में स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा गया है कि बाजार में अब केवल 3 प्राइवेट और 1 सरकारी खिलाड़ी ही बचे हैं, जिससे प्राइसिंग का माहौल कंपनियों के काफी अनुकूल हो गया है। ऐसे में हमें पूरी उम्मीद है कि अगले कुछ महीनों में टैरिफ में 12 से 15% का इजाफा होगा।
मौजूदा समय में कंपनियों के ARPU में जो थोड़ा-बहुत सुधार दिख रहा है, वह सिर्फ 2G ग्राहकों के 4G/5G नेटवर्क पर शिफ्ट होने और डेटा की खपत बढ़ने की वजह से है। विश्लेषकों का स्पष्ट मानना है कि अगर टेलीकॉम कंपनियों को अपने मुनाफे और ARPU में वास्तविक वृद्धि चाहिए, तो उनके पास टैरिफ बढ़ाने के अलावा कोई और मजबूत विकल्प नहीं है।
सिर्फ महंगा रिचार्ज नहीं, बदल सकता है पूरा सिस्टम
रिपोर्ट में यह भी संकेत दिया गया है कि इस बार टैरिफ बढ़ोतरी सिर्फ रिचार्ज महंगा करने तक सीमित नहीं रह सकती। कंपनियां प्राइसिंग स्ट्रक्चर में भी बड़ा बदलाव कर सकती हैं। मौजूदा व्यवस्था में अलग-अलग तरह के इस्तेमाल के बावजूद कई यूजर्स एक जैसी कीमत चुकाते हैं। भविष्य में कंपनियां यूसेज-आधारित प्राइसिंग मॉडल अपना सकती हैं।
5G कवरेज बढ़ने से डेटा का इस्तेमाल बढ़ा
देशभर में 4G और 5G नेटवर्क का दायरा बढ़ने के कारण ग्राहकों का डेटा यूसेज लगातार मजबूत बना हुआ है। रिलायंस जियो और एयरटेल ने देश के 90% से ज्यादा जिलों में अपनी 5G सर्विस पहुंचा दी है। अब इन कंपनियों का पूरा फोकस अपने नेटवर्क पर ज्यादा से ज्यादा 5G स्मार्टफोन को जोड़ने पर है।
इसके साथ ही दोनों कंपनियां 5G FWA (फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस) और फिक्स्ड ब्रॉडबैंड सेगमेंट में भी तेजी से आगे बढ़ रही हैं, क्योंकि इस बाजार में अभी ग्रोथ की काफी संभावनाएं हैं।
वोडाफोन आइडिया भी बढ़ा रही है दायरा
कमजोर ग्राहक ग्रोथ के बावजूद वोडाफोन आइडिया (VIL) भी देश में अपना 5G नेटवर्क बढ़ा रही है। फिलहाल वोडाफोन आइडिया का 5G नेटवर्क करीब 100 शहरों में पहुंच चुका है और कंपनी इसे तेजी से बढ़ा रही है।
एआरपीयू में ग्रोथ
रिपोर्ट के अनुसार, बड़ी संख्या में ग्राहक अब 5जी नेटवर्क की ओर शिफ्ट हो रहे हैं। इसके अलावा पोस्टपेड ग्राहकों की संख्या भी बढ़ रही है। यही वजह है कि दूरसंचार कंपनियों की औसत प्रति ग्राहक आय (एआरपीयू) में जून तिमाही के दौरान 1 से 1.5 प्रतिशत तक बढ़ोतरी होने का अनुमान है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर नेटवर्क सेवाओं और ज्यादा डेटा इस्तेमाल के कारण कंपनियों की कमाई लगातार बढ़ रही है। सेंट्रम ने कहा है कि वोडाफोन आइडिया की कीमत पर भारती एयरटेल और रिलायंस जियो बाजार हिस्सेदारी हासिल करना जारी रखेंगे।
अनुमान है कि जून तिमाही में रिलायंस जियो करीब 70 लाख नए ग्राहक जोड़ सकती है। वहीं भारती एयरटेल के साथ लगभग 50 लाख नए ग्राहक जुड़ सकते हैं। वहीं वोडाफोन आइडिया से केवल 2 लाख नए ग्राहक जुड़ने का अनुमान है।
ब्रॉडबैंड सेवाओं की मांग में आई तेजी
ब्राडबैंड सेवाओं की मांग भी तेजी से बढ़ रही रिपोर्ट में कहा गया है कि जियो और एयरटेल अब देश के 90 प्रतिशत से अधिक जिलों में 5जी सेवाएं उपलब्ध करा चुके हैं। कंपनियां अब ज्यादा से ज्यादा 5जी स्मार्टफोन यूजर्स को अपने नेटवर्क से जोड़ने पर ध्यान दे रही हैं। इसके अलावा 5जी आधारित फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (एफडब्ल्यूए) और ब्राडबैंड सेवाओं की मांग भी तेजी से बढ़ रही है, क्योंकि इस क्षेत्र में अभी काफी संभावनाएं मौजूद हैं। वोडाफोन आइडिया अपने 5जी नेटवर्क का विस्तार कर रहा है और यह बढ़कर 100 शहरों तक पहुंच गया है। साथ ही कंपनी का एजीआर बकाया भी कम हुआ है।

