उद्धव ठाकरे की शिवसेना से मिला था चुनाव लड़ने का प्रस्ताव? नरोत्तम मिश्रा ने खुद बताई पूरी बात

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दतिया
भाजपा के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा दतिया उपचुनाव में टिकट नहीं मिलने से भले ही नाराज बताए जा रहे थे, लेकिन अब वह खुद को पार्टी के फैसले के साथ बता रहे हैं। समर्थकों के हंगामे के दौरान घंटों तक चुप्पी साधे रहे नरोत्तम मिश्रा का कहना है कि उन्होंने सभी नाराज लोगों को मना लिया है और पार्टी उम्मीदवार के लिए जोरशोर से प्रचार की बात भी कही। रविवार को दिल्ली में नरोत्तम मिश्रा ने शिवसेना यूबीटी से मिले टिकट के प्रस्ताव को लेकर भी दो टूक जवाब दिया।

नरोत्तम मिश्रा से शिवसेना यूबीटी से मिले टिकट प्रस्ताव पर जब सवाल किया गया तो उन्होंने भाजपा के प्रति अपने समर्पण को जाहिर किया। उन्होंने कभी किसी दूसरी पार्टी में नहीं जाने की बात कही। मिश्रा ने एक टीवी चैनल पर पूछे गए इस सवाल के जवाब में कहा, 'मैं बीजेपी में ही पैदा हुआ राजनीतिक रूप से और पार्टी में ही मरेंगे। जीना वहां और मरना वहां।' नरोत्तम मिश्रा की नाराजगी की अटकलों के बीच शिवसेना यूबीटी की ओर से टिकट का प्रस्ताव दिया गया था।

गुस्सा शांत हो गया है, दम लगाएंगे: नरोत्तम मिश्रा
नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कार्यकर्ताओं का गुस्सा शांत हो गया है। उन्होंने खुद भी दतिया उपचुनाव में पार्टी उम्मीदवार को जितवाने में पूरा दम लगाने की बात कही। नामांकन के दौरान मौजूद रहने की बात कहते हुए नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि अब सबकुछ सामान्य हो गया है। कार्यकर्ताओं के गुस्से के सवाल पर उन्होंने कहा, 'क्षणिक आवेश है, गुस्सा शांत हो गया है। सबकुछ सामान्य हो गया है। पार्टी के अधिकारियों ने बैठक ले ली। सभी प्रमुख कार्यकर्ता बैठक में थे। बाकी उनकी नाराजगी दूर करेंगे। हमारे कार्यकर्ता हैं, हमारे अपने हैं।

नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने पर हुआ बवाल
पिछले विधानसबा चुनाव में हार गए नरोत्तम मिश्रा को इस बार पार्टी ने मौका नहीं दिया तो उनके समर्थकों में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला था। उनके समर्थकों ने हाईवे को ठप कर दिया और खुलवाने पहुंचे पुलिसकर्मियों पर पथराव कर दिया। जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन हुए।

पार्टी को एकजुट करने की कोशिश
पार्टी में दिखे फूट के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव यादव, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल और प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने नरोत्तम मिश्रा से भोपाल में चर्चा की और कार्यकर्ताओं के आक्रोश को खत्म करने के लिए वरिष्ठ नेताओं को दतिया भेजा। पार्टी नेताओं के मुताबिक, खंडेलवाल, महेंद्र सिंह, देवड़ा, कृषि मंत्री और जिला प्रभारी ऐदल सिंह कंसाना और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी की चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए एक साथ और फिर कुछ अलग-अलग बैठकें कीं तथा कार्यकर्ताओं को एकजुटता का संदेश दिया।

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