भोपाल
राजधानी में कोचिंग सेंटरों पर फायर सेफ्टी उपकरणों की जांच का अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में मंगलवार को नगर निगम का फायर अमला 11 नंबर स्टाप क्षेत्र में संचालित हो रही छह कोचिंग सेंटरों की जांच करने दिन में दो बार पहुंचा। पहली बार अमला सुबह 11 बजे पहुंचा था, लेकिन तब तक कोचिंग सेंटर बंद हो चुके थे। इसके बाद टीम ने शाम 4 बजे दोबारा दबिश दी और सेंटरों के भीतर सुरक्षा इंतजामों को परखा, जहां किसी भी सेंटर में फायर सेफ्टी के आवश्यक उपकरण नहीं पाए गए।
फायर आफिसर सौरभ कुमार पटेल ने बताया कि शिकायत के आधार पर टीम पहली बार 11 नंबर स्थित नाले के ऊपर बने एक जर्जर भवन में चल रही छह कोचिंग सेंटरों की जांच करने पहुंची थी। सुरक्षा मानकों में भारी लापरवाही पाए जाने पर सभी संचालकों को तुरंत फायर उपकरण लगवाने का नोटिस थमाया गया है।
फाइल अटकने से टली 31 डिफाल्टरों पर कार्रवाई
फायर आफिसर ने यह भी जानकारी दी कि शहर के जिन 31 कोचिंग सेंटरों को पूर्व में जांच के बाद सुरक्षा इंतजाम दुरुस्त करने की मोहलत दी गई थी, उसकी समय-सीमा खत्म हो चुकी है। हालांकि मंगलवार को इनके खिलाफ तालाबंदी या सीलिंग की कार्रवाई शुरू नहीं हो सकी, क्योंकि इससे संबंधित फाइल वर्तमान में अपर आयुक्त वरुण अवस्थी के पास प्रक्रिया में है। उच्च स्तर से निर्देश मिलते ही इन 31 कोचिंग सेंटरों की दोबारा जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर इन्हें तुरंत सील कर दिया जाएगा।
61 में से केवल 30 ने ही दिया है शपथ पत्र
नगर निगम ने 23 जून को शहर के करीब 61 कोचिंग सेंटरों को नोटिस जारी किए थे, जबकि फायर डिपार्टमेंट ने आठ सेंटरों को मौके पर ही सील कर दिया था। इसके बाद सात जुलाई को निगम मुख्यालय में हुई बैठक में संचालकों को समझाइश दी गई थी।

