वकीलों के विरोध के बीच BCI की प्रेस कॉन्फ्रेंस स्थगित, अब सोमवार को होगी बैठक

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नई दिल्ली
बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने शनिवार को होने वाली अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस को सोमवार तक के लिए टाल दिया है। BCI चेयरपर्सन मनन कुमार मिश्रा के कार्यालय की ओर से जारी सूचना के मुताबिक, अब यह प्रेस कॉन्फ्रेंस सोमवार दोपहर 2:30 बजे होगी। कॉकरोच जनता पार्टी से लेकर वकीलों के धड़े तक, कई लोग मनन कुमार मिश्रा के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

शनिवार को कार्यक्रम स्थल पर जुटने वाली थी भारी भीड़
BCI के चेयरपर्सन कार्यालय की ओर से जारी सूचना में कहा गया कि शनिवार दोपहर कार्यक्रम स्थल पर BCI समर्थकों की भारी भीड़ जुटने की उम्मीद थी। इसके चलते ऑडिटोरियम पूरी तरह भर जाने की संभावना थी और ऐसी स्थिति में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करना मुश्किल होता। इसी वजह से शनिवार के लिए निर्धारित प्रेस कॉन्फ्रेंस को सोमवार तक स्थगित करने का फैसला लिया गया।

कानूनी पेशे और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर होगी चर्चा
BCI ने शुक्रवार देर रात जारी प्रेस रिलीज में कहा था कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरपर्सन और अन्य सदस्य प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल होंगे। इस दौरान कानूनी पेशे, कानूनी शिक्षा और BCI के सामने मौजूदा अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों से जुड़े मामलों पर बात की जाएगी।

BCI ने प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के प्रतिनिधियों को प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल होने और इसे कवर करने के लिए आमंत्रित किया था। अब यह प्रेस कॉन्फ्रेंस सोमवार दोपहर 2:30 बजे आयोजित की जाएगी।

बीसीआई कार्यालय के बाहर अधिवक्ताओं का प्रदर्शन
वकीलों के एक समूह ने भारतीय विधिज्ञ परिषद (बीसीआई) के कामकाज में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए यहां इसके कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और इसके अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कानूनी पेशे से जुड़े लोगों ने कई मांगें उठाईं, जिनमें 'अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम' को लागू करना, सभी वकीलों को बीमा सुरक्षा प्रदान करना और विधि कॉलेजों का नियमित एवं पारदर्शी निरीक्षण शामिल है। प्रदर्शन का आह्वान 'ऑल इंडिया यंग एडवोकेट्स एसोसिएशन' ने किया था, जिसे 'कॉकरोच जनता पार्टी' ने समर्थन दिया।

यह विवाद तब शुरू हुआ जब नालसार विश्वविद्यालय के छात्रों ने भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत को अपने दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि बनाने का विरोध किया। इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए बीसीआई अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने एक परिपत्र जारी कर राज्य बार परिषदों को इन छात्रों का बतौर वकील पंजीकरण न करने के निर्देश दे दिए।

हालांकि, कानूनी पेशे से जुड़े लोगों की आलोचनाओं और सीजेआई सूर्यकांत द्वारा बीसीआई को लगाई गई कड़ी फटकार के बाद मिश्रा को यह आदेश वापस लेना पड़ा। सीजेआई ने स्पष्ट किया कि यह मामला छात्रों और उनके बीच का संवाद है, जिसके बाद बीसीआई अध्यक्ष ने अपनी टिप्पणी पर खेद जताते हुए कानून के छात्रों से माफी मांगी।

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