मानसून की आहट के बीच पंजाब में मौसम विभाग की चेतावनी, कई जिलों में बारिश और बिजली गिरने का खतरा

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चंडीगढ़ 

 पंजाब और चंडीगढ़ में पिछले कुछ दिनों से मौसम लगातार करवट बदल रहा है। भारतीय मौसम विभाग के चंडीगढ़ केंद्र ने 6 जून के लिए राज्य के सात जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि तीन जिलों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि यदि मौजूदा परिस्थितियां अनुकूल बनी रहीं तो दक्षिण-पश्चिम मानसून 20 से 25 जून के बीच पंजाब में दस्तक दे सकता है।

मौसम विभाग के अनुसार मुक्तसर, बठिंडा और मानसा जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। वहीं पठानकोट, होशियारपुर, मुक्तसर, बठिंडा, मानसा, रूपनगर और मोहाली में बारिश होने के आसार जताए गए हैं। इन जिलों के प्रशासन को भी मौसम की स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी है।

मानसून की प्रगति पर मौसम विभाग की नजर
मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार फिलहाल सामान्य बनी हुई है। यदि अगले कुछ दिनों तक यही स्थिति कायम रहती है और वातावरणीय परिस्थितियां अनुकूल रहती हैं तो मानसून 20 से 25 जून के बीच पंजाब पहुंच सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस वर्ष राज्य में मानसूनी वर्षा सामान्य से 8 से 10 प्रतिशत कम रहने की संभावना है। इसके बावजूद जून के मध्य से प्री-मानसून गतिविधियां शुरू होने के संकेत मिल रहे हैं, जिससे कई जिलों में बारिश और गरज-चमक की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं।

पिछले 24 घंटों के दौरान हुई वर्षा का असर तापमान पर भी दिखाई दिया है। राज्य के अधिकतम तापमान में औसतन 2.2 डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई है। इसके बाद तापमान सामान्य से 3.4 डिग्री सेल्सियस नीचे पहुंच गया है। राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान बठिंडा में 42 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग का मानना है कि फिलहाल बारिश और बादलों के कारण गर्मी से कुछ राहत बनी रहेगी।

जून के पहले पांच दिनों में सामान्य से अधिक बारिश
5 जून की सुबह तक पंजाब में औसतन 2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इस दौरान एसबीएस नगर में 9.5 मिलीमीटर और रूपनगर में 6.9 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। जून के पहले पांच दिनों में राज्य में औसतन 3.1 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य औसत 2.8 मिलीमीटर से लगभग 10 प्रतिशत अधिक है। सबसे ज्यादा वर्षा एसबीएस नगर, अमृतसर, रूपनगर और मानसा में दर्ज की गई। दूसरी ओर बरनाला, मोगा और पठानकोट में अब तक बारिश नहीं हुई है। फाजिल्का और बठिंडा में भी बहुत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर, फतेहगढ़ साहिब और मानसा में इस अवधि के दौरान सामान्य से काफी अधिक बारिश दर्ज की गई है। इससे खेती और जल संसाधनों को शुरुआती राहत मिली है। हालांकि वर्षा का वितरण पूरे राज्य में समान नहीं रहा। कुछ जिलों में अच्छी बारिश हुई, जबकि कुछ इलाकों में अब भी बादलों का इंतजार बना हुआ है।

उत्तर भारत के मौसम पर सक्रिय सिस्टमों का असर
दक्षिण-पश्चिम मानसून 5 जून 2026 तक देश के दक्षिणी और पूर्वोत्तर हिस्सों में आगे बढ़ चुका है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो से तीन दिनों में यह गोवा, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर के कुछ अन्य क्षेत्रों तक और आगे बढ़ सकता है। उधर पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर के आसपास सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ, अरब सागर तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आसपास बने चक्रवाती परिसंचरण का असर उत्तर भारत के मौसम पर पड़ रहा है। इसी वजह से पंजाब समेत कई इलाकों में बादल, बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां बनी हुई हैं।

सुरेंद्र पाल के अनुसार 6, 7 और 11 जून को पंजाब के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। वहीं 6 और 11 जून को कुछ इलाकों में बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। उन्होंने बताया कि अगले दो दिनों तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। इसके बाद अधिकतम तापमान धीरे-धीरे बढ़ना शुरू हो सकता है और अगले चार दिनों के दौरान इसमें 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि दर्ज की जा सकती है।

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