छोटी चिप का बड़ा कमाल, ऑटोमोबाइल से रक्षा प्रणालियों तक सेमीकंडक्टर की धूम

Date:

इंदौर 
 सेमीकंडक्टर चिप को आधुनिक औद्योगिक युग का "डिजिटल हीरा" कहा जाता है। स्मार्टफोन, कंप्यूटर, मेडिकल इक्विपमेंट से लेकर गाड़ियों, रक्षा प्रणालियों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक में यह छोटी चिप का उपयोग हो रहा है।

दुनिया में सेमीकंडक्टर चिप की बढ़ती मांग को पूरा करने में इंदौर ही नहीं मप्र अहम भूमिका निभाएगा, बल्कि यहां के युवाओं के हुनर को वैश्विक पहचान मिलेगी। इंदौर में आयोजित हुई एमपी सेमिकंडक्टर समिट में नईदुनिया ने तीन विशेषज्ञ व उद्यमियों से यह जानने का प्रयास किया कि आखिर किस तरह इंदौर व मप्र में डिजाइन होने वाली एक छोटी चिप मप्र, देश व वैश्विक पटल पर बड़ा बदलाव लाएगी।

महंगे चिप डिजाइन के बजाए भारत फैबलेस आईसी डिजाइन हाउस पर दे ध्यान
मप्र में सेमीकंडक्टर उद्योग को स्थापित करने में ताइवान अपनी तकनीक व अन्य सहयोग देगा। भारत को महंगे चिप निर्माण के बजाय फैबलेस आईसी डिजाइन हाउस पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। भारत को एआई की अंधी दौड़ में शामिल होने के बजाय अपनी आंतरिक ताकत जैसे यूपीआई, स्पेस टेक्नोलाजी और आईटी सेवाओं के साथ सेमीकंडक्टर को जोड़कर अपना अलग रास्ता तलाशना चाहिए।

ये बातें नईदुनिया से विशेष चर्चा में ताइवान के विज्ञान एवं तकनीकी विभाग के डायरेक्टर व काउंसलर डा. लुन जीह यांग ने कही। उन्होंने कहा कि "चिप निर्माण फैक्ट्रियां स्थापित करना बेहद खर्चीला सौदा है, जिसमें अरबों डालर की लागत आती है। इसके विपरीत, फैबलेस आईसी डिजाइन हाउस शुरू करना बहुत आसान और कम खर्चीला है।

ताइवान में केवल टीएसएमसी ही नहीं है, बल्कि वहां सैकड़ों-हजारों की संख्या में आईसी डिजाइन हाउस काम कर रहे हैं। भारत के लिए भी यह एक बेहतरीन शुरुआत हो सकती है।" उन्होंने कहा कि भारत के लिए मैनपावर के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि लक्ष्य केवल प्रतिभाओं को बाहर ले जाना नहीं, बल्कि युवाओं को तकनीक में दक्ष बनाना है। इसके लिए ताइवान भारतीय युवाओं को प्रशिक्षित करने को तैयार है और इसके लिए मप्र क मुख्यमंत्री को एक प्रस्ताव भी दिया गया है जिसके तहत भारतीय दल जल्द ताइवान का दौरा भी करेगा।

इंदौर में पॉवर मैनेजमेंट सिस्टम, कृषि आटोमोटिव ईवी, सोलर के लिए तैयार चिप डिजाइन
नीदरलैंड से आए आदित्य बरन मलिक ने बताया वो इंदौर में अपने पार्टनर सुनील रावत के साथ सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन करने वाली कंपनी इंड सिलिका सेमिकंडक्टर प्रा लि. की शुरुआत अगले एक माह में करने वाले है। उन्होंने बताया कि उद्योग की जरुरत को समझकर चिप डिजाइन करने की जरुरत है।

भारत में फिलहाल चिप डिजाइन की पूर्ण क्षमता नहीं है। हम विदेश से रिसर्च व नालेज लाकर भारत में भारतीय कंपनियों के लिए चिप डिजाइन करेंगे। इंदौर में डिजाइन होने वाले चिप का मीडिल ईस्ट, अफ्रीका,साउथ ईस्ट एशिया सहित पूरी दुनिया में उपयोग की जाएगी।

इंदौर में आईआईटी व अन्य इंजीनियरिंग कालेजों के माध्म से उन्हें मैनपावर भी मिलेगा और इस तरह यहां पर एक ईको सिस्टम तैयार होगा। चिप डिजाइन के आईआईटी व अन्य संस्थानों के साथ फैकल्टी व छात्रों में स्किल डेवलप करना उददेश्य है। इंदौर में पावर मैनेजमेंट सिस्टम, कृषि आटोमोटिव ईवी, सोलर व आटोमोबाइल क्षेत्र में उपयोग होने वाली 55 नेनो मीटर से ऊपर वाल सेमीकंडक्टर चिप तैयार की जाएगी।

प्रदेश के 24 चिप टू स्टार्टअप प्रोजेक्ट वाले संस्थानों को मिलेगी रफ्तार
इंदौर में आयोजित एमपी सेमीकंडक्टर समिट में अहम भूमिका निभाने वाले अाईआईटी इंदौर के प्रोफेसर संतोष कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि इंदौर में चिप डिजाइन के की शुरुआत हो रही है। इंदौर में चिप निर्माण के बजाए चिप डिजाइन पर ज्यादा काम होगा। इसमें शहर के प्रमुख शैक्षणिक संस्थान उद्योगों की अहम भूमिका होगी।

अभी प्रदेश में चिप टू स्टार्टअप संस्थान है। चिप टू स्टार्टअप प्रोजेक्ट के तहत इंदौर आइआइटी, एसजीएसआइटीएस सहित प्रदेश के अन्य संस्थानों में चिप डिजाइन तो हो रही है लेकिन उनका निर्माण चंडीगढ़ में हो रहा हैं। अब चंडीगढ़ की एसआइएल कंपनी के साथ अनुबंध होने के बाद ज्यादा से ज्यादा संख्या में चिप डिजाइन व विकसीत होगी। इंदौर के संस्थान चिप टू स्टार्ट प्रोडक्ट व ईडीए (इलेक्ट्रानिक्स डिजाइन व आटोमेशन) पर काम कर सकेंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

बिहार के किसानों को बड़ी राहत, समस्तीपुर में बने 1,430 निजी नलकूप; बारिश पर निर्भरता होगी कम

समस्तीपुर  जिले में खेती को मौसम की अनिश्चितता से बचाने...

हरियाणा का 15 करोड़ का ‘विधायक’ बना चर्चा का विषय, खुराक में खाता है काजू-बादाम

माछरौली/पानीपत. कृषि एवं पशुपालन मेले में इस बार पानीपत के...

PGI के नाम का अनधिकृत इस्तेमाल पड़ेगा भारी, डॉक्टरों पर हो सकती है कार्रवाई

चंडीगढ़. डाॅक्टर साहब इंटरनेट मीडिया पर पीजीआई के नाम या...

छत्तीसगढ़ में हाथियों का आतंक, तड़के गांव में घुसकर बेजुबान मवेशियों को बनाया निशाना

लोरमी. लोरमी वनांचल क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जमुनाही में शनिवार तड़के...