हजारों कर्मचारियों के खातों में पहुंचेगी बड़ी राशि, केंद्र सरकार का बड़ा कदम

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भोपाल

भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएम-वीबीआरवाय) के तहत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से लाभार्थियों को लगभग 2,400 करोड़ की प्रोत्साहन राशि वितरित करेंगे।
एमपी-छत्तीसगढ़ के 34,610 कर्मचारी होंगे लाभान्वित

क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त रौशन काश्यप ने बताया कि विज्ञान भवन नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय पीएम-वीबीआरवाय के कार्यक्रम को राष्ट्रीय आयाम देते हुए देश भर में 200 स्थानों पर एक साथ क्षेत्रीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन स्थानों पर इसका लाइव प्रसारण होगा। योजना से मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की 2476 कंपनियों के 34,610 कर्मचारी लाभान्वित होंगे। मध्य प्रदेश में दो स्थानों मैनिट सभागार भोपाल एवं एचईजी मंडीदीप में भी कार्यक्रम होंगे। जिसमें नियोक्ताओं, कर्मचारियों एवं गणमान्य व्यक्तियों के रूप में लगभग 700 अतिथि शामिल होंगे।

मैनिट भोपाल और एचईजी मंडीदीप के कार्यक्रमों में शामिल होंगे मुख्य अतिथि

मैनिट सभागार भोपाल में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मप्र शासन के कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गौतम टेटवाल शामिल होंगे। एचईजी मंडीदीप में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक भोजपुर क्षेत्र सुरेन्द्र पटवा शामिल होंगे।

भोपाल के हर्षित मेहरा और धार के नैतिक वैष्णव करेंगे पीएम से संवाद

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश के विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले लाभार्थियों के साथ बातचीत भी करेंगे। इनमें भोपाल के हर्षित मेहरा और धार के नैतिक वैष्णव पीएम से संवाद करेंगे।

3.5 करोड़ से अधिक नौकरियां देना है उद्देश्य

पीएम-वीबीआरवाय भारत सरकार की एक प्रमुख एंप्लायमेंट-लिंक्ड इंसेंटिव (ईएलआइ) योजना है, जिसका उद्देश्य औपचारिक रोजगार को बढ़ावा देना, संगठित कार्यबल में पहली बार प्रवेश करने वालों को सहायता प्रदान करना और नियोक्ताओं को अतिरिक्त रोजगार सृजन करने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस योजना के तहत, पात्र पहली बार काम करने वाले कर्मचारियों को 15,000 तक का एक माह का वेतन मिलता है, जबकि नियोक्ताओं को प्रति अतिरिक्त कर्मचारी तीन हजार रुपये प्रति माह तक का प्रोत्साहन दो साल की अवधि के लिए मिलेगा, बशर्ते कर्मचारी कम से कम छह माह तक निरंतर रोजगार में रहे।

विनिर्माण क्षेत्र को मिलेगी अतिरिक्त सहायता

विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) क्षेत्र अतिरिक्त दो वर्षों के लिए विस्तारित सहायता के लिए पात्र है। जिससे श्रम-गहन उद्योगों में निरंतर रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलता है। 99,446 करोड़ के कुल परिव्यय के साथ शुरू की गई योजना का उद्देश्य दो वर्ष की अवधि में देश भर में 3.5 करोड़ से अधिक नौकरियों के सृजन की सुविधा प्रदान करना है। इनमें से लगभग 1.92 करोड़ लाभार्थियों के पहली बार औपचारिक कार्यबल में प्रवेश करने की उम्मीद है। योजना एक अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच सृजित नौकरियों पर लागू हैं।

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