चंडीगढ़
पंजाब कांग्रेस की बठिंडा में हुई हर बूथ कांग्रेस मजबूत रैली एक नए विवाद में घिर गई है। रैली में मंच पर बुलाए गए युवक कमलदीप सिंह पर पंजाब सरकार ने गंभीर आरोप लगाए हैं। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने दावा किया है कि कमलदीप सिंह मादक पदार्थों की तस्करी का आरोपी है। इस घटना ने पंजाब की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।
अपना नंबर देकर फंसे पंजाब कांग्रेस प्रधान
हरपाल सिंह चीमा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि कमलदीप सिंह के पास से 506 ग्राम हेरोइन बरामद हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ऐसे व्यक्तियों को राजनीतिक संरक्षण दे रही है। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कमलदीप सिंह को मंच पर बुलाया था। वड़िंग ने कमलदीप से पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को फोन लगवाया। इसका उद्देश्य गुटबाजी खत्म होने का संदेश देना था। जब चन्नी का फोन नहीं उठा, तो वड़िंग ने कमलदीप को अपना मोबाइल नंबर दिया। उन्होंने कमलदीप से सीधे संपर्क करने को कहा। यह घटना अब कांग्रेस के लिए मुश्किलें खड़ी कर रही है।
कमलदीप पहले लगा रहा था वड़िंग के नारे
दो दिन पहले कमलदीप सिंह मलोट और मानसा की रैलियों में राजा वड़िंग के समर्थन में नारे लगा रहा था। वह राजा वड़िंग जिंदाबाद और कांग्रेस पार्टी जिंदाबाद के नारे लगाता दिखा था। मानसा में वह वड़िंग के समर्थन में दूसरे युवक से बहस भी कर रहा था। हालांकि, बठिंडा की रैली में उसने अचानक चरणजीत सिंह चन्नी जिंदाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि क्या यह पूरी घटना एक सुनियोजित राजनीतिक ड्रामा थी। इसका मकसद चन्नी समर्थकों की गुटबाजी को उजागर करना हो सकता है।
नारेबाजी के बीच राजा वड़िंग ने कमलदीप सिंह को मंच पर बुलाया। उन्होंने कमलदीप से पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को फोन मिलाने को कहा। फोन को लाउडस्पीकर पर रखवाया गया। जब चन्नी का फोन नहीं उठा, तो वड़िंग ने कमलदीप को अपना निजी मोबाइल नंबर दिया। उन्होंने कमलदीप से कहा कि किसी भी काम के लिए सीधे उनसे संपर्क करे। यह घटना रैली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई। कमलदीप सिंह कांग्रेसी सरपंच लाडी का निकटवर्ती बताया जा रहा है।
कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के आरोपों ने इस विवाद को नया मोड़ दिया है। उन्होंने कमलदीप सिंह पर मादक पदार्थों की तस्करी का आरोप लगाते हुए कांग्रेस नेतृत्व को कठघरे में खड़ा किया है। चीमा ने कांग्रेस पर ऐसे लोगों को राजनीतिक संरक्षण देने का आरोप लगाया है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि दो दिन में कमलदीप के नारे कैसे बदल गए। कांग्रेस की ओर से इन गंभीर आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं। बठिंडा की यह रैली अब गुटबाजी से बढ़कर एक बड़े राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गई है।

