आखिरी दम तक चला संघर्ष, न्यायधानी नाइट्स और चक्रधर चैंपियंस ने 4-4 से खेला मुकाबला

Date:

रायपुर

न्यायधानी नाइट्स और चक्रधर चौंपियंस के बीच कड़ा मुकाबला 4-4 से ड्रॉ

छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के एक और तेज़-तर्रार मुकाबले में आज एस.वी. सुनील की ’चक्रधर चौंपियंस’ और सुरेंद्र सिंह की श्न्यायधानी नाइट्सश् के बीच मैच 4-4 से ड्रॉ रहा। चौंपियंस के लिए युवराज वाल्मीकि तीन गोल करके हीरो बने, जबकि नाइट्स की ओर से केतन ने बेहतरीन हॉकी का प्रदर्शन किया। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा विभाग की निदेशक प्रो. रीता वेणुगोपाल, जिंदल ग्रुप के उपाध्यक्ष  यू.पी. सिंह, अडानी ग्रुप के वरिष्ठ प्रबंधक  अतुल कुमार गुप्ता और छत्तीसगढ़ तैराकी संघ के सचिव  सही राम जाखड़ भी इस मैच को देखने स्टेडियम पहुंचे थे। उन्होंने मैच में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले खिलाडि़यों को पुरस्कार दिए।

बिलासपुर नाइट्स की संतुलित टीम किसी एक खिलाड़ी पर निर्भर नहीं है। जहाँ चिराग पेनल्टी कॉर्नर के विशेषज्ञ हैं, वहीं केतन, आदर्श और सोनू निषाद ने फॉरवर्ड लाइन में शानदार खेल दिखाया है। जब चिराग छह पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलने से चूक गए, तब टीम के अन्य खिलाडि़यों ने जिम्मेदारी संभाली। वहीं चक्रधर चौंपियंस की टीम में एस.वी. सुनील और वाल्मीकि मुख्य रूप से टीम का भार उठाते रहे हैं। इस मैच में दोनों टीमों की इन अलग-अलग खूबियों को देखने का मौका मिला। 

मैच के दूसरे क्वार्टर में केतन और आदर्श ने श्न्यायधानीश् के लिए स्कोरिंग की शुरुआत की। केतन ने दाईं ओर से दौड़ते हुए चार डिफेंडरों को छकाया और बहुत आसानी से सर्कल के अंदर प्रवेश किया। उन्होंने आखिरी पल में आदर्श को पास दिया, जिन्होंने गेंद को गोल में पहुंचा दिया। दूसरा गोल आने में ज्यादा समय नहीं लगा। इस बार केतन बाईं ओर से सर्कल में दाखिल हुए और सोनू निषाद ने गेंद को डिफ्लेक्ट (दिशा बदलकर) करके गोल कर दिया, जिससे हाफ-टाइम तक उनकी टीम 2-1 से आगे हो गई। 

तीसरे क्वार्टर में भी कुछ ऐसा ही नज़ारा देखने को मिला। चिराग गोल करने से चूक गए, लेकिन केतन गोल के ठीक सामने मौजूद थे और उन्होंने अपना पहला गोल किया, जिससे उनकी टीम का कुल स्कोर चार हो गया। इस बीच वाल्मीकि ने पेनल्टी स्ट्रोक के जरिए दो गोल किए। उनका तीसरा गोल एक फील्ड गोल था, जिसमें सर्कल के ठीक बाहर से सुनील ने उन्हें गेंद पास की थी। वाल्मीकि ने एक श्रिवर्स फ्लिकश् लगाई जो सीधे गोल पोस्ट के अंदर चली गई। टूर्नामेंट में अपनी दूसरी हैट्रिक पूरी करने के बाद वे अपना चौथा गोल करने के भी करीब लग रहे थे, लेकिन अंत में डिफ्लेक्शन के लिए खोगेश्वर को गोल का श्रेय दिया गया। इसके बाद दोनों टीमों की ओर से खेल में कोई खास हलचल नहीं हुई।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

दर्दनाक हादसा: पति की मौत के सदमे में गर्भवती महिला ने बेटे संग दी जान, बेटी भागकर बची

बैराड़  बैराड़ थानांतर्गत ग्राम गूगर में बुधवार दोपहर करीब 1...

डबरी पारा तालाब का होगा कायाकल्प, किनारों पर पाथवे, बेंच और घाट बनेंगे

रायपुर सुबह-शाम टहलने के लिए तालाब किनारे पाथवे, बैठने के...