कौशल विकास मिशन की ओर से प्रदेश भर में 13 से 15 जुलाई तक आयोजित हुआ 3 दिवसीय रोजगार मेला, 830 कंपनियों ने की शिरकत

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लखनऊ

 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार युवाओं को हुनरमंद और आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प के साथ लगातार कार्य कर रही है। इसी क्रम में विश्व युवा कौशल दिवस (15 जुलाई) के अवसर पर उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (यूपीएसडीएम), डीडीयू जीकेवाई और राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के संयुक्त तत्वावधान में 13 से 15 जुलाई तक तीन दिवसीय राज्यव्यापी रोजगार मेले का सफल आयोजन किया गया।

इस महाअभियान में प्रदेश के सभी 75 जिलों के युवाओं को शामिल किया गया। देश-विदेश की कुल 830 प्रतिष्ठित कंपनियों ने हिस्सेदारी की, जिसके माध्यम से कुल 10,283 योग्य अभ्यर्थियों का विभिन्न पदों के लिए अंतिम चयन किया गया।

इस उपलब्धि पर व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि योगी सरकार में उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदली है। आज प्रदेश का युवा हुनर से रोजगार और स्वरोजगार पा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘स्किल इंडिया’ और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ के विजन के तहत ‘सबको हुनर, सबको काम’ के संकल्प को नई गति दी गई है।

मंत्री अग्रवाल ने कहा कि पिछले 9 वर्षों में 20 लाख युवाओं को प्रशिक्षण देकर 12.50 लाख को रोजगार दिलाया गया है। टाटा समूह के साथ 7000 करोड़ का सीएसआर एमओयू, 225 आईटीआई का अपग्रेडेशन, एआई, रोबोटिक्स, ड्रोन, इलेक्ट्रिक व्हीकल जैसे फ्यूचरिस्टिक कोर्स और ब्लू डॉट सॉफ्टवेयर जैसी पहल से युवाओं को सीधे कंपनियों से जोड़ा जा रहा है।

तीन चरणों में चला रोजगार का महाअभियान

पहला चरण (13 जुलाई) : अभियान के पहले दिन प्रदेश के 9 जिलों – सम्भल, गोंडा, सुल्तानपुर, मऊ, फर्रुखाबाद, औरैया, उन्नाव, चंदौली और देवरिया में रोजगार मेले आयोजित हुए। इसमें 107 प्रमुख कंपनियों ने हिस्सा लिया और कुल 1,071 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए। पहले दिन देवरिया में जबरदस्त उत्साह देखा गया, जहाँ रिकॉर्ड 303 अभ्यर्थियों का चयन हुआ।

दूसरा चरण (14 जुलाई) : 14 जुलाई को व्यापक स्तर पर अभियान चला। प्रदेश के 63 जिलों में एक साथ मेले आयोजित हुए। इस एक दिन में 689 बड़ी कंपनियों ने शिरकत की और रिकॉर्ड 8,912 अभ्यर्थियों को नौकरी मिली। इस चरण में प्रयागराज पूरे प्रदेश में शीर्ष पर रहा, जहाँ अकेले 22 कंपनियों ने 1,185 युवाओं का चयन किया। इसके साथ ही वाराणसी में 674 और गोरखपुर में 317 युवाओं को रोजगार मिला।

तीसरा चरण (15 जुलाई) : विश्व युवा कौशल दिवस पर 15 जुलाई को अमेठी, पीलीभीत और इटावा समेत 3 जिलों में रोजगार मेला आयोजित हुआ। अंतिम दिन 34 कंपनियों की भागीदारी से कुल 300 युवाओं का चयन हुआ, जिसमें पीलीभीत के 138 युवा शामिल रहे।

मिशन निदेशक, उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन पुलकित खरे ने कहा कि ‘सबको हुनर, सबको काम’ के संकल्प के तहत 3 दिवसीय मेले में 10,283 युवाओं का चयन बड़ी उपलब्धि है। यूपी का युवा आज तकनीकी रूप से दक्ष और आत्मनिर्भर है। हमारा लक्ष्य हर कुशल हाथ को सही मंच और सीधा रोजगार देना है।

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