जिले में कुल 41509 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध, विगत वर्ष की तुलना में 34 प्रतिशत अधिक

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रायपुर

 मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के निर्देश पर कलेक्टर राजनांदगाँव  जितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन में खरीफ सीजन में खेती-किसानी को ध्यान में रखते हुए किसानों को समय पर खाद-बीज का वितरण किया जा रहा है ।कलेक्टर ने कृषि अधिकारियों को कहा है कि किसानों को खाद-बीज के लिए किसी भी तरह की दिक्कत नहीं होना चाहिए। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष खरीफ में धान सहित दलहन-तिलहन फसलों में परम्परागत खाद के साथ वैकल्पिक खाद एवं नैनो यूरिया व डीएपी के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए समितियों एवं निजी क्षेत्रों में खरीफ पूर्व तैयारी के दृष्टि से वर्ष हेतु 68690 मीट्रिक टन का लक्ष्य रखा गया है। जिले में सहकारी एवं निजी क्षेत्र को मिलाकर जिले में कुल 41509 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है। जिसमें 17153 मीट्रिक टन यूरिया, 4088 मीट्रिक टन डीएपी, 10129 मीट्रिक टन एनपीके, 3382 मीट्रिक टन एमओपी एवं 6757 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फास्फेट खाद उपलब्ध है, जो गत वर्ष इसी अवधि की तुलना से 34 प्रतिशत अधिक है।
    
उप संचालक कृषि  टीकम सिंह ठाकुर ने बताया कि सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को लगातार खाद वितरण किया जा रहा है। जिले में 14972 किसानों को खाद प्रदाय किया जा चुका हैं। जिसमें 7193 मीट्रिक टन यूरिया, 1807 मीट्रिक टन डीएपी, 4669 मीट्रिक टन एनपीके, 1322 मीट्रिक टन एमओपी एवं 2214 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फास्फेट खाद किसानों को आगामी खरीफ फसलों हेतु वितरण किया जा चुका है तथा समितियों में 4568 मीट्रिक टन यूरिया, 1032 मीट्रिक टन डीएपी, 3082 मीट्रिक टन एनपीके, 1364 मीट्रिक टन एमओपी एवं 1350 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फास्फेट उर्वरक उपलब्ध है।
    
किसानों को समय पर गुणवत्तायुक्त बीज प्राप्त हो सके इस हेतु 13980 क्विंटल का लक्ष्य रखा गया है। लक्ष्य के विरूद्ध जिले में 6036 क्विंटल बीज, बीज निगम में उपलब्ध है। जिसमें से 3201 क्विंंटल का समितियों में भंडारण कराकर 1085 क्विंटल बीज का वितरण किसानों को किया जा चुका है। निरंतर समितियों के मांग अनुरूप जिला विपणन अधिकारी एवं जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित से समन्वय स्थापित कर भंडारण किया जा रहा है। साथ ही किसानों को शासन द्वारा प्रदाय दिशा-निर्देशानुसार 80 प्रतिशत यूरिया एवं 60 प्रतिशत डीएपी के आधार पर वितरण समितियों के माध्यम से कराया जा रहा है। उर्वरकों के कालाबाजारी, तस्करी, डायवर्सन, जमाखोरी आदि अनियमिताओं को रोकने के लिए जिला एवं विकासखंड स्तरीय उडऩदस्ता टीम का गठन किया गया हैं। टीम द्वारा निरंतर उर्वरक विक्रय केन्द्रों का निरीक्षण किया जा रहा हैं। निरीक्षण के दौरान अनियमितता पाये जाने पर अब तक 28 विक्रय केन्द्रों को नोटिस, 7 विक्रय केन्द्रों में भंडारित उर्वरक मात्रा को जप्ती करते हुए सील बंद की कार्रवाई की गई है। साथ ही 5 निजी विक्रय केन्द्रों के लाईसेंस का निलंबन भी किया गया है। कृषि विभाग द्वारा जिले में निरंतर विक्रय केन्द्रों का निरीक्षण किया जा रहा है और आगे भी नियमों का उल्लंघन पाये जाने पर केन्द्रों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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