जयपुर
रेलवे स्टेशनों पर लगे सीसीटीवी कैमरे अब सिर्फ रिकॉर्डिंग नहीं करेंगे, बल्कि संदिग्ध गतिविधियों और खतरों को पहचानकर अलर्ट भी देंगे। साथ ही भीड़ नियंत्रण में भी मदद करेंगे। रेलवे अब स्टेशनों पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से लैस कैमरे लगाने जा रहा है। उत्तर पश्चिम रेलवे में इसकी शुरुआत जयपुर मंडल से की जा रही है। इन कैमरों को केंद्रीकृत सीसीटीवी मॉनिटरिंग सेंटर या कमांड सेंटर से भी जोड़ा जाएगा, जहां से पूरे स्टेशन परिसर का रियल टाइम विश्लेषण किया जा सकेगा। मंडल में जयपुर, गांधीनगर, सांगानेर, अलवर, रेवाड़ी, बांदीकुई, रींगस और किशनगढ़ स्टेशन शामिल हैं।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, एआई तकनीक से लैस ये कैमरे स्टेशन परिसर से लेकर पटरियों तक निगरानी रखेंगे। साथ ही अनधिकृत प्रवेश पर रोक लगाने में भी मदद करेंगे। जैसे ही कोई व्यक्ति या पशु रेलवे ट्रैक पर आएगा, कैमरा अलर्ट जारी कर देगा। इससे हादसों को रोकने में मदद मिलेगी। साथ ही प्लेटफॉर्म या ओवरब्रिज पर असामान्य रूप से भीड़ जमा होते ही सुरक्षाकर्मियों को अलर्ट कर देगी। इससे समय रहते भीड़ नियंत्रण के उपाय किए जा सकेंगे।
लावारिस वस्तु और कैमरे से छेड़छाड़ पर भी अलर्ट
स्टेशन परिसर में कैमरे की जद में कोई लावारिस वस्तु लंबे समय तक पड़ी रहने, ट्रेन में चढ़ते समय किसी यात्री के गिरने या किसी व्यक्ति की संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर सिस्टम अलर्ट भेजेगा। यदि कोई कैमरे को ढकने या उसकी दिशा बदलने की कोशिश करेगा तो कंट्रोल रूम को इसकी सूचना मिल जाएगी।
कपड़ों के रंग और सामान से तलाश सकेगा संदिग्ध
एआई स्मार्ट सर्च की मदद से स्टेशन पर बच्चा या सामान गुम होने या कोई संदिग्ध को उसके कपड़ों के रंग, बैग के प्रकार या शारीरिक विशेषताओं के आधार पर पकड़ा जा सकेगा
भीड़ बढ़ते ही सुरक्षाकर्मियों को मिलेगी सूचना
त्योहारों या व्यस्त समय में रेलवे स्टेशनों पर अचानक यात्रियों की भीड़ बढ़ना सुरक्षा के लिहाज से बड़ी चुनौती होती है। एआई आधारित यह प्रणाली किसी भी प्लेटफॉर्म या ओवरब्रिज पर असामान्य रूप से भीड़ जमा होते ही सुरक्षाकर्मियों को अलर्ट कर देगी। इससे समय रहते भीड़ नियंत्रण के उपाय किए जा सकेंगे।

