मध्यप्रदेश में घर-दुकान बनाने वालों के लिए अलर्ट! निर्माण से पहले देनी होगी सूचना, वरना होगी कानूनी कार्रवाई

Date:

भोपाल
 मध्य प्रदेश में अब घर, दुकान, बहुमंजिला इमारत या किसी भी तरह का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले मकान मालिकों, ठेकेदारों और बिल्डर्स को बेहद सावधान रहने की जरूरत है। श्रम विभाग ने नए और सख्त निर्देश जारी करते हुए साफ कर दिया है कि किसी भी कंस्ट्रक्शन साइट पर काम शुरू करने से कम से कम 30 दिन पहले इसकी लिखित या ऑनलाइन सूचना विभाग को देना कानूनी रूप से अनिवार्य होगा।

श्रम विभाग के अनुसार, नियमों की अनदेखी करने वाले नियोक्ताओं और बिल्डर्स के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें जेल की हवा खाने से लेकर भारी जुर्माने तक का प्रावधान शामिल है।

क्यों सख्त हुआ श्रम विभाग?
श्रम विभाग ने यह कदम निर्माण स्थलों पर काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा, उनके स्वास्थ्य और उन्हें सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाने के लिए उठाया है। 'भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल' के तहत अब हर कंस्ट्रक्शन साइट पर पुख्ता सुरक्षा इंतजाम और सुरक्षा अधिकारियों की तैनाती अनिवार्य होगी।

'श्रम सेवा पोर्टल' पर देनी होगी तमाम जानकारी
नियोजकों को 'श्रम सेवा पोर्टल' मोबाइल ऐप के जरिए निर्माण स्थल की सटीक लोकेशन, वहां काम कर रहे श्रमिकों की कुल संख्या और उन्हें दी जा रही मूलभूत सुविधाओं (जैसे साफ पानी, शौचालय आदि) का पूरा ब्यौरा ऑनलाइन दर्ज करना होगा।

30 दिन पहले सूचना नहीं दी, तो 3 महीने की जेल
भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण अधिनियम 1996 के कड़े प्रावधानों के मुताबिक, अगर कोई भी नियोक्ता धारा 46 के तहत काम शुरू होने की पूर्व सूचना देने में विफल रहता है, तो उसे नियमों का गंभीर उल्लंघन माना जाएगा।

कानूनी कार्रवाई का प्रावधान
दोषी पाए जाने पर संबंधित बिल्डर, ठेकेदार या मकान मालिक को 3 महीने तक का कारावास , 2 हजार रुपए तक का जुर्माना, या फिर दोनों सजाएं एक साथ दी जा सकती हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य के सभी सरकारी निर्माण विभागों जिनमें PWD, नगर निगम आदि को भी सख्त हिदायत दी गई है कि वे भी कोई भी काम शुरू करने से पहले श्रम विभाग को अनिवार्य रूप से लूप में लें।

'श्रम प्रहरी' बनकर आम जनता भी दे सकेगी सूचना
निर्माण कार्यों में पारदर्शिता लाने और मजदूरों के हक की रक्षा के लिए विभाग ने आम नागरिकों को भी एक बड़ी ताकत दी है। शहर का कोई भी जागरूक नागरिक ‘श्रम प्रहरी’ की भूमिका निभा सकता है।

शिकायत के किलए टोल फ्री नंबर जारी
अगर आपके आसपास कोई ऐसा निर्माण कार्य चल रहा है, जिसकी सूचना श्रम विभाग को नहीं दी गई है या जहां मजदूरों की सुरक्षा से खिलवाड़ हो रहा है, तो आप इसकी गुप्त शिकायत विभाग के विशेष कंट्रोल रूम नंबर पर कर सकते हैं। इसके लिए श्रम प्रहरी हेल्पलाइन टोल-फ्री नंबर: 1800-233-8888 दिया गया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

चेन्नई से दिल्ली तक बवाल: के. वेंकट नारायण की नियुक्ति पर विपक्ष ने उठाए सवाल

चेन्नई तमिलनाडु सरकार के एक फैसले ने नया राजनीतिक विवाद...

अफ्रीका का सबसे अमीर देश सेशेल्स: पर्यटन और निवेश से बनी समृद्धि की कहानी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीन दिनी दौरे पर...

पटना समेत कई जिलों में गर्मी का असर, उत्तर बिहार में भारी बारिश की संभावना

 पटना बिहार में इन दिनों मौसम का दोहरा मिजाज देखने...

हाथरस से सियासी वार: सीएम योगी ने अखिलेश को मथुरा पर खुली चुनौती दी

लखनऊ समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने  दावा किया...