जयपुर में ग्लोबल हैप्पीनेस फोरम, राज्यपाल ने कहा- विकास के साथ मानवीय मूल्यों पर भी दें ध्यान

Date:

जयपुर
 राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि खुशी, कल्याण और स्वतंत्रता ही मानव विकास का मुख्य आधार है। उन्होंने कहा कि दुनियाभर के समुदाय में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए सभी मिलकर कार्य करे। उन्होंने कहा कि खुशी के लिए विवेक, समझदारी, ईमानदारी और नैतिकता ही सबसे महत्वपूर्ण है। यह सब गुण यदि समाज में व्याप्त हो जाएं तो सब ओर हैप्पीनेस का प्रसार हो सकता है। उन्होंने देश और समाज के लिए सबको चिंतन और मनन करने की आवश्यकता जताई।
उन्होंने कहा कि इस समय में झूठ को सच बताने की होड़ मच रही है। पर, सजग रहेंगे सत्य सदा सत्य ही रहेगा। उन्होंने देश में 80 करोड़ लोगों को केंद्र सरकार मुफ्त अनाज प्रदान कर रही है। सभी के स्वास्थ्य की विश्व की सबसे बड़ी "आयुष्मान भारत" योजना चलाई जा रही है। देश तेजी से विकास की ओर आगे बढ़ रहा है, यह बहुत से देशों को पच नहीं रहा है। उन्होंने सुशासन और पारदर्शिता के साथ भेदभाव मुक्त वातावरण के लिए कार्य करने का आह्वान किया।

राज्यपाल ने कहा कि खुशहाली का पैमाना केवल धन-दौलत या भौतिक सुख-सुविधाएं नहीं हैं, बल्कि यह मानसिक शांति, अच्छे स्वास्थ्य और मजबूत रिश्तों का एक गहरा अहसास है। उन्होंने कहा कि विकास का जो मॉडल पश्चिम के देशों ने अपनाया है, उसमें जीडीपी दर में वृद्धि, प्रति व्यक्ति आय, आर्थिक प्रगति को ही मुख्य आधार बनाया है। किसी भी विकसित देश के लिए यह सब जरूरी है परन्तु इन—सबसे अधिक जरूरी है मानवीय मूल्य।

राज्यपाल बागडे शनिवार को बिड़ला सभागार में वर्ल्ड हैप्पीनेस फाउंडेशन, इण्डिया चैप्टर, जयपुर द्वारा आयोजित"ग्लोबल हैप्पीनेस फोर्म एण्ड फैस्टिवल जयपुर 2026" में सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने भारत को गुलामी के दौर में भूखे मरने पर मजबूर किया। उन्होंने कहा कि लॉर्ड मैकाले ने भारतीय शिक्षा पद्धति को बर्बाद किया। हमारे गुरुकुल बंद करवा दिए। देश को गुलाम रखने के लिए उद्योग धंधे बंद कर लोगों को भूखे मरने की स्थितियां पैदा की। फिर भी अंग्रेजों के कहा कि हम भारत में समृद्धि ला रहे है। इसके जवाब में 1922 में महात्मा गांधी ने भाषण में बताया कि देश में भूखे मरने की स्थितियां आ रही है। इससे बचने के लिए हमें स्वदेशी पर जोर देना चाहिए।

राज्यपाल ने कहा कि प्रसन्नता की कुंजी यह है कि हम अपने पास जो हैं, उसमें संतोष का अनुभव करें। खुशी केवल पैसे से नहीं आ सकती। इसके लिए बहुत भाग दौड़ के साथ शरीर पर भी ध्यान देना चाहिए। उन्होंने एलेन मस्क को सर्वाधिक धनी बताते हुए कहा कि पैसा सब कुछ नहीं है। वह चाहते हैं कि उनकी कम्पनिया यहां स्थापित हो। वह चाहते हैं उनका बाजार भारत बने, पर यहां के लोग सब समझते हैं।

राज्यपाल ने कहा कि ऐसी कोई वस्तु नहीं जो भारत में पैदा नहीं होती। इससे बहुत से देशों का बाजार बंद हो रहा है। अब वह नहीं चाहते भारत तेजी से विकसित हो। इसलिए देश को कमजोर करने के लिए बहुत से ताकते काम कर रही है। उन्होंने कहा कि टेलेंट तो भारत में तैयार होते हैं, विकसित देशों में नहीं। उन्होंने कहा कि भारत को किसी से कोई खतरा नहीं है। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने व्यक्ति नहीं समग्रता के विकास पर सदा ध्यान दिया। इसी से व्यक्ति, परिवार, समाज का विकास हो सकता है। सभी की खुशहाली संभव है।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

राजस्थान पंचायत चुनाव में महिला आरक्षण अहम, राजसमंद के 14 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित

राजसमंद जिला प्रमुख की कुर्सी पर किसका कब्जा होगा, इसकी...

‘निगम के अफसर रोज सुबह फील्ड में उतरें, अधूरे निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश’

रायपुर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि...

अशोकनगर में पारेषण व्यवस्था हुई और अधिक विश्वसनीय: ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल  ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि मध्यप्रदेश...