हरियाणा में कृषि शिक्षा को बढ़ावा, महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय में खुलेंगे 14 विज्ञान केंद्र

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करनाल.

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश आज बागवानी क्षेत्र में देश के लिए एक माडल के रूप में उभर रहा है। महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय में अब पोस्ट हार्वेस्ट प्रबंधन, पौध कीट नियंत्रण और रोगों के नए विषयों पर भी मास्टर डिग्री और पीएचडी की शुरुआत की जाएगी।

वर्तमान में विश्वविद्यालय की ओर से केवल फलों, सब्जियों और पुष्प उत्पादन में ही उच्च शिक्षा प्रदान की जा रही है। सरकार की ओर से 14 बागवानी विज्ञान केंद्र महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय को समर्पित किए जा रहे हैं, जो किसानों तक नवीनतम तकनीक, वैज्ञानिक परामर्श और गुणवत्तायुक्त पौध पहुंचाने में एक मजबूत सेतु का काम करेंगे। वह वीरवार को सीएसएसआरआइ में महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय व लेफ्टिनेंट अमित मेमोरियल फाउंडेशन के सौजन्य से चार दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।

सम्मेलन 'अमृतकाल में बागवानी फसलों के लिए गुणवत्ता युक्त बीज एवं रोपण सामग्री का रणनीतिक प्रतिमान' विषय पर आधारित रहा। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम शुरू किया। शहीद लेफ्टिनेंट अमित के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए और देश भर से आए बागवानी विज्ञानियों और प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने चालू वित्त वर्ष के बजट प्रविधानों और आगामी योजनाओं का खाका खींचा। स्मार्ट बागवानी से एरोपोनिक्स, हाइड्रोपोनिक्स, ग्रीन हाउस और वर्टिकल फार्मिंग के तहत 1,000 एकड़ क्षेत्र को लाया जाएगा। प्रदेश में ग्रामीण हाट मंडियां बनेंगी, जिन्हें एफपीओ के पैक हाउस से जोड़ा जाएगा। पहली मंडी का उद्घाटन 23 दिसम्बर किसान दिवस को होगा। वर्ष 2026-27 से बागवानी फसलों के पंजीकरण के लिए यह पोर्टल पूरे वर्ष खुला रहेगा। इसके साथ ही एक कोल्ड चेन नीति लागू की जाएगी।

हरियाणा आलू बीज अधिनियम
मुख्यमंत्री ने कहा कि टिश्यू कल्चर से आलू बीज शृंखला के प्रमाणीकरण के लिए यह कानून लाया जाएगा, इससे प्रतिवर्ष 7.5 लाख क्विंटल उच्च गुणवत्ता युक्त बीज आलू उत्पादन होगा। अंबाला के चाणसौली में एमएचयू से संबंद्ध रीजनल रिसर्च सेंटर स्थापित होगा। मशरूम उत्पादन में अग्रणी जिलों (सोनीपत, पानीपत, अंबाला, करनाल, कुरुक्षेत्र) के लिए विशेष कार्यक्रम चलेंगे।

नकली बीज-खाद पर पांच साल की सजा
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को धोखाधड़ी से बचाने के लिए सरकार ने नया कानून बनाया है। नकली खाद, बीज या कीटनाशक बेचने वालों को पांच साल की सजा का प्रविधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने बदलते दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फार्मेसी सेंसर टेक्नोलाजी, बायो-टेक्नोलाजी और क्लाइमेट स्मार्ट एग्रीकल्चर को अपनाने तथा अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करने पर बल दिया।

कृषि विज्ञानियों व प्रगतिशील किसानों का सम्मान

  • 1. लाइफ टाइम रिकग्निशन अवार्ड-2026- प्रो. इंद्र मणि मिश्रा कुलपति, वीएनएमकेवी परभणी, महाराष्ट्र
  • 2. अमित कृषि ऋषि पुरस्कार-2026: प्रो. वी प्रवीन राव कुलपति, कावेरी विश्वविद्यालय, तेलंगाना
  • 3. अमित प्रबुद्ध मनीषी पुरस्कार-2026: डा. संजय कुमार चेयरमैन, एएसआरबी

उद्यान रत्न पुरस्कार-2026

  • 1. नितिन ललित : इनोवेटिव सजावटी बागवानी उद्यमी, करनाल
  • 2. नवीन कुमार, प्रगतिशील सब्जी उत्पादक, दलवा, झज्जर
  • 3. वीरेंद्र बाजवान, इनोवेटिव मशरूम उत्पादक, बाजवान, बडियाल, पंचकूला
  • 4. कुलदीप आर्य प्रगतिशील फल एवं सब्जी उत्पादक, नारनौद, हांसी

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