CBI ने मेरठ कैंट बोर्ड के नामित सदस्य को रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा

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मेरठ

यूपी में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी मुहिम के तहत धड़ाधड़ कार्रवाई की जा रही है। विजिलेंस, एंटी करप्शन के बाद अब सीबीआई ने भी रिश्वतखोरों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मेरठ में सीबीआई ने कार्रवाई करते हुए मेरठ कैंट बोर्ड के मनोनीत सदस्य डॉ. सतीश चंद्र शर्मा को तीन लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। सीबीआई की टीम देर रात तक इस मामले में पूछताछ करती रही। हालांकि पूरी कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।

​प्राप्त जानकारी के अनुसार भाजपा नेता और कैंट बोर्ड के मनोनीत सदस्य डॉ. सतीश शर्मा ने किसी सरकारी कार्य के एवज में एक ठेकेदार से रिश्वत की मांग की थी। ठेकेदार ने इसकी शिकायत सीबीआई से की जिसके बाद टीम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जाल बिछाया। जैसे ही ठेकेदार ने रिश्वत की रकम डॉ. सतीश शर्मा को सौंपी मौके पर मौजूद सीबीआई की टीम ने उन्हें रंगेहाथ दबोच लिया। गिरफ्तारी के तुरंत बाद सीबीआई की टीम ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए मेरठ के पल्लवपुरम स्थित अंसल टाउन में छापेमारी की। सूत्रों के अनुसार डॉ. सतीश शर्मा के आवास और अन्य ठिकानों पर दस्तावेजों की गहन छानबीन की जा रही है। ​सीबीआई की टीम फिलहाल मामले से जुड़े अन्य तथ्यों और संलिप्त लोगों की जानकारी जुटाने में लगी है। देर रात तक आगे की पूछताछ और कार्रवाई जारी थी।

कैंट बोर्ड में मचा हड़कंप
​कैंट बोर्ड के सदस्य की इस तरह से गिरफ्तारी के बाद से स्थानीय प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है। यह घटना भ्रष्टाचार के खिलाफ एक कड़ा संदेश मानी जा रही है। डॉ. सतीश चंद्र शर्मा भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं, भाजपा नेता होने के नाते ही उन्हें कैंट बोर्ड में फरवरी-2022 में सदस्य नामित किया गया था। तब से उन्हें हर छह माह पर अवधि विस्तार दिया जा रहा है।

हापुड़ से जीएसटी विभाग का स्टेनो 24 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार
वहीं दूसरी ओर हापुड़ में विजिलेंस की टीम ने रिश्वतखोर को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। टीम ने जीएसटी विभाग में सहायक आयुक्त राज्य कर खंड-4 के स्टेनो को 24 हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ा है। ग्राम दादरी निवासी चमन सिंह ने विजिलेंस टीम से शिकायत कर बताया था कि मोदीनगर रोड पर उसकी सावित्री बीज भंडार नाम से दुकान है। उन्होंने इसका जीएसटी नंबर लिया हुआ है। सहायक आयुक्त राज्य कर खंड-4 के स्टेनो जयदीप ने उनसे आठ मई को फोन कर अपने ऑफिस में आकर मिलने को कहा था। जब वह उनके ऑफिस गया तो स्टेनो जयदीप ने अपने कम्प्यूटर की स्क्रीन पर 48,000 रुपये का टैक्स शिकायतकर्ता की तरफ दिखाया। स्टेनो ने कहा कि अगर इसके आधे 24 हजार रुपये उसे
दे दें तो वह सारे टैक्स को अपने स्तर पर खत्म कर देगा।

चमन सिंह ने कहा कि उनके ऊपर ऐसा कोई टैक्स नहीं बनता है और न ही उसे किसी तरह का नोटिस दिया गया। अगर ऐसा कोई टैक्स बनता है तो वह उसे जमा करने को तैयार हैं। लेकिन स्टेनो जयदीप द्वारा 24 हजार रुपये की लगातार मांग की जाती रही। शिकायत के बाद विजिलेंस टीम ने आरोपी की धरपकड़ को जाल बिछाना शुरू कर दिया। शुक्रवार सुबह विजिलेंस टीम निरीक्षक रेनूका सिंह के नेतृत्व में रेवती कुंज स्थित जीएसटी कार्यालय पहुंची। चमन सिंह, स्टेनो जयदीप के पास पहुंचा और रिश्वत की रकम उसे सौंपी। जैसे ही आरोपी ने रुपये लिए विजिलेंस टीम ने तत्काल उसे दबोच लिया। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मनीष चौहान ने बताया विजिलेंस टीम की तहरीर पर स्टेनो जयदीप के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है।

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