लखनऊ
पीलीभीत विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में अनियमितताओं के मामले में निर्वाचन आयोग ने बड़ी कार्रवाई की है। आयोग ने तत्कालीन निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) मयंक गोस्वामी और हेमंत चौधरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश दिए हैं।
साथ ही दोनों अधिकारियों और मतदाता पंजीकरण केंद्र के कंप्यूटर आपरेटर अनिल कुमार के खिलाफ दर्ज एफआइआर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 198 जोड़ने के निर्देश दिए हैं।
आयोग ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा को भेजे पत्र में स्पष्ट किया है कि संबंधित अधिकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों की प्रभावी पैरवी की जाए।
मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि उसकी संस्तुति पर शुरू की गई विभागीय कार्यवाही को किसी अधिकारी के लिखित स्पष्टीकरण के आधार पर समाप्त करने से पहले अनुशासनिक प्राधिकारी को आयोग से परामर्श करना होगा। दरअसल, पीलीभीत विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के आरोप कांग्रेस और सपा ने लगाए थे।
संशोधन के लिए दर्ज किए गए आवेदन
मामले की जांच में सामने आया कि ईसीआइनेट पोर्टल पर कंप्यूटर सहायक की लॉगिन आईडी का कथित दुरुपयोग कर 31 मई से 29 अगस्त के बीच मतदाताओं के विवरण में संशोधन के लिए 13,779 फॉर्म-8 आवेदन दर्ज किए गए। इनमें से 10,470 आवेदन स्वीकृत और 3,309 निरस्त किए गए। हालांकि, इन आवेदनों से संबंधित फार्म और सहायक अभिलेख कार्यालय में नहीं मिले।
इस मामले के सामने आने के बाद सीईओ ने प्रदेश के सभी जिलों में मतदाता पंजीकरण केंद्रों पर कंप्यूटर आपरेटर के रूप में कार्यरत कंप्यूटर सहायकों की ईसीआइनेट पोर्टल लॉगिन आईडी निष्क्रिय कराने के निर्देश दिए थे।
जिला निर्वाचन अधिकारियों को संबंधित ईआरओ से इसकी पुष्टि कराने को भी कहा गया था। आयोग ने सभी विधानसभा क्षेत्रों में इस संबंध में की गई कार्रवाई का जिला निर्वाचन अधिकारियों से व्यक्तिगत सत्यापन कराकर अनुपालन रिपोर्ट भी मांगी है।

