संस्कृत शिक्षकों की सेवा समाप्ति पर कोर्ट की नाराजगी, हरियाणा सरकार को नोटिस जारी

Date:

चंडीगढ़.

हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा टीजीटी संस्कृत भर्ती के संशोधित परिणाम जारी किए जाने के बाद चयन सूची से बाहर हुई कई शिक्षकों ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। सिरसा जिले की लक्ष्मी व अन्यों ने याचिका दाखिल कर मांग की है कि लगभग दो वर्ष से सेवाएं दे रहे टीचर्स को नौकरी से हटाने की कार्रवाई पर रोक लगाई जाए और उनको सेवा में बनाए रखने के आदेश दिए जाएं।

याचिका के अनुसार लक्ष्मी व अन्यों ने वर्ष 2023 में हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की ओर से जारी टीजीटी संस्कृत भर्ती विज्ञापन के तहत आवेदन किया था। वह आवश्यक शैक्षणिक योग्यता और एचटेट पात्रता रखती हैं।

भर्ती प्रक्रिया के बाद अंतिम परिणाम
भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद आयोग ने 27 जुलाई 2024 को अंतिम परिणाम घोषित किया, जिसमें उनका चयन मेवात कैडर के लिए हुआ। इसके बाद जिला शिक्षा विभाग ने उन्हें नियुक्ति पत्र जारी किया और उन्होंने 14 अगस्त 2024 को नूंह जिले के एक सरकारी विद्यालय में टीजीटी संस्कृत के पद पर कार्यभार ग्रहण कर लिया। याचिका में कहा गया कि बाद में विभिन्न न्यायिक आदेशों के अनुपालन में आयोग ने 28 मई 2026 को संशोधित परिणाम जारी किया। इस संशोधित परिणाम में याची लक्ष्मी चयन सूची से बाहर हो गईं, जबकि वह लगभग दो वर्षों से नियमित रूप से सेवाएं दे रही हैं। उनका कहना है कि चयन प्रक्रिया में उनकी ओर से किसी प्रकार की धोखाधड़ी, तथ्य छिपाने या गलत जानकारी देने का आरोप नहीं है। नियुक्ति के बाद केवल संशोधित परिणाम के आधार पर सेवा समाप्त करना कानून और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत होगा।

हाईकोर्ट के सामने क्या दलील?
याचिकाकर्ता वकील जसबीर मोर ने हाई कोर्ट के समक्ष दलील दी है कि सर्वोच्च न्यायालय और विभिन्न उच्च न्यायालयों ने कई मामलों में यह माना है कि यदि किसी कर्मचारी की नियुक्ति उसकी किसी गलती के बिना हुई हो और वह लंबे समय से सेवा दे रहा हो, तो उसे अचानक नौकरी से नहीं हटाया जा सकता। याचिका में यह भी कहा गया कि राज्य में टीजीटी संस्कृत के अनेक पद अभी भी रिक्त हैं, इसलिए सेवा में कार्यरत उम्मीदवारों को हटाने के बजाय समायोजन जैसे विकल्पों पर विचार किया जा सकता है।

याचिका में यह भी उल्लेख किया गया कि हाल ही में इसी प्रकार के मामलों में हाई कोर्ट ने कुछ अन्य शिक्षकों को अंतरिम राहत देते हुए यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं। लक्ष्मी ने भी समान आधार पर संरक्षण की मांग की है। हाईकोर्ट से आग्रह किया गया कि अंतिम सुनवाई तक उनकी सेवाएं समाप्त करने पर रोक लगाई जाए और नियुक्ति की स्थिति यथावत रखी जाए। सभी पक्षों को सुनने का बाद कोर्ट ने हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर पूछा कि क्यों न कोर्ट सरकार के आदेश पर रोक लगा दे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

बिहार के अस्पताल में दर्दनाक हादसा, आग लगने से 7 मरीजों की जान गई, कई घायल

मुजफ्फरपुर. मुजफ्फरपुर में गुरुवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। ब्रह्मपुरा...

धमकी भरे संदेशों से हड़कंप, पंजाब के धार्मिक स्थलों, अदालत और रेलवे स्टेशन को बनाया निशाना

चंडीगढ़. पंजाब में धार्मिक स्थलों, सरकारी संस्थानों और न्यायिक परिसरों...

निकाय चुनाव परिणाम घोषित, 5 नगर पंचायतों में बंटी जीत, भाजपा ने 3 और कांग्रेस ने 2 सीटें जीतीं

रायपुर. छत्तीसगढ़ में 1 जून को संपन्न हुए त्रिस्तरीय पंचायत...

अल्मोड़ा नहीं पहुंच सके राहुल गांधी, हेलीकॉप्टर उतारना पड़ा; मोबाइल से किया संबोधन

पंतनगर  आज गुरुवार से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी...