डी.डी. अस्पताल का ऑपरेशन थियेटर और आईसीयू सील

Date:

रायपुर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार आम नागरिकों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और जवाबदेह स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के संकल्प के साथ लगातार कार्य कर रही है। इसी प्रतिबद्धता का परिचय देते हुए गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में गंभीर चिकित्सीय लापरवाही के आरोपों की जांच के बाद जिला प्रशासन ने डी.डी. अस्पताल, सेमरा के विरुद्ध कड़ी दंडात्मक कार्रवाई करते हुए उसके ऑपरेशन थियेटर एवं आईसीयू वार्ड को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया है। साथ ही अस्पताल का पंजीयन (लाइसेंस) अस्थायी एवं सशर्त रूप से निरस्त कर दिया गया है।

कलेक्टर एवं पर्यवेक्षी प्राधिकारी डॉ. संतोष कुमार देवांगन द्वारा नर्सिंग होम एक्ट तथा छत्तीसगढ़ राज्य उपचर्यागृह एवं रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अनुज्ञापन अधिनियम, 2020 के प्रावधानों के तहत यह कार्रवाई की गई है। राज्य सरकार की स्पष्ट नीति है कि मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

यह कार्रवाई 22 जून 2026 को गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल से सिम्स बिलासपुर रेफर की गई प्रसूता ज्योति सोनवानी के उपचार से जुड़े मामले की जांच के बाद की गई। घटना के पश्चात परिजनों और नागरिकों द्वारा उठाई गई शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त जांच टीम गठित कर अस्पताल का विस्तृत निरीक्षण कराया।

जांच के दौरान अस्पताल में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। निरीक्षण में पाया गया कि गंभीर मरीजों के उपचार के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों और प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की पर्याप्त उपलब्धता नहीं थी। गंभीर मरीजों के उपचार के लिए आवश्यक संसाधनों का भी अभाव पाया गया। इसके अतिरिक्त आयुष्मान भारत योजना के हितग्राहियों से अतिरिक्त शुल्क लिए जाने संबंधी शिकायतें भी जांच के दायरे में आईं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा सिविल सर्जन-सह-मुख्य अस्पताल अधीक्षक द्वारा किए गए पुनः निरीक्षण में यह भी पाया गया कि

एक्लेम्प्सिया जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीज का उपचार आवश्यक विशेषज्ञों एवं पर्याप्त चिकित्सा सुविधाओं के अभाव में किया गया। अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ, एनेस्थेटिस्ट तथा पोस्ट ऑपरेटिव देखभाल के लिए आवश्यक चिकित्सकीय व्यवस्था उपलब्ध नहीं होने के बावजूद गंभीर मरीजों का उपचार किया जा रहा था, जिसे जांच में गंभीर लापरवाही माना गया।

प्रकरण में अस्पताल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था। प्राप्त जवाब और जांच प्रतिवेदनों के परीक्षण के बाद प्रशासन ने पाया कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा प्रस्तुत कई तथ्य जांच में सही नहीं पाए गए तथा संबंधित अधिनियमों के विभिन्न प्रावधानों का उल्लंघन हुआ है। जांच के दौरान एक अन्य गंभीर प्रसूता के उपचार में भी लापरवाही के तथ्य सामने आए।

सभी तथ्यों, जांच प्रतिवेदनों और संबंधित अधिकारियों की अनुशंसाओं के आधार पर जिला प्रशासन ने डी.डी. अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर एवं आईसीयू वार्ड को तत्काल प्रभाव से सील करने तथा अस्पताल का पंजीयन अस्थायी एवं सशर्त रूप से निरस्त करने का आदेश जारी किया। आदेश की प्रतिलिपि स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सहित संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।

यह कार्रवाई मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही आधारित प्रशासन की कार्यशैली को भी रेखांकित करती है। राज्य सरकार लगातार यह सुनिश्चित कर रही है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों तथा चिकित्सीय लापरवाही या नियमों के उल्लंघन के मामलों में बिना किसी भेदभाव के सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि जनता के स्वास्थ्य और जीवन से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी और प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करता रहेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

Major action against an Irrigation Department engineer in Bihar, five locations raided

पटना  पटना में आय से अधिक संपत्ति के मामले में...

राजस्थान पंचायत चुनाव का बिगुल बजा, 3314 पंचायतों में 22 अक्टूबर को होगा मतदान

जयपुर  राजस्थान में आज अधिसूचना जारी होने के साथ ग्रामीण...