अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल में गिरावट के बावजूद घरेलू LPG कीमतें बनी हुईं स्थिर

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 नई दिल्ली
एक तरफ कच्चे तेल के दाम इंटरनेशनल मार्केट में लगातार गिर रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ एलपीजी सिलेंडर दे दाम स्थिर है। युद्ध शुरू होने के बाद घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में दो बार इजाफा किया गया था। पहली बार सिलेंडर का रेट 7 मार्च 2026 को बढ़ा था। तब एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी। वहीं, दूसरी बार कीमतों में 7 जून को इजाफा हुआ था। तब दाम 29 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी। बता दें, आज रविवार को एलपीजी सिलेंडर के दाम में कोई भी बदलाव नहीं हुआ है। कीमतें पुराने स्तर पर ही हैं।

कॉमर्शियर सिलेंडर की कीमतों में युद्ध के शुरू होने के बाद तेज इजाफा दर्ज किया है। मौजूदा समय में देश के कई बड़े शहरों में कॉमर्शियल सिलेंडर का रेट 3100 रुपये को क्रॉस कर गया।

घरेलू सिलेंडर का क्या है दाम? (LPG Cylinder Rates)
नई दिल्ली – 942 रुपये

कोलकाता – 968 रुपये

मुंबई – 941.50 रुपये

चेन्नई – 957.50 रुपये

गुरुग्राम – 950.50 रुपये

नोएडा – 939.50 रुपये

बेंगलुरू – 944.50 रुपये

भुवनेश्वर – 968 रुपये

चंडीगढ़ – 951.50 रुपये

हैदराबाद – 994 रुपये

जयपुर – 945.50 रुपये

लखनऊ – 979.50 रुपये

पटना – 1031.50 रुपये

तिरुअनंतपुरम् – 951 रुपये

कॉमर्शियल सिलेंडर का क्या है रेट?
नई दिल्ली – 3113.50 रुपये

कोलकाता – 3255.50 रुपये

मुंबई – 3067.50 रुपये

चेन्नई – 3283 रुपये

गुरुग्राम – 3130 रुपये

नोएडा – 3113.50 रुपये

बेंगलुरू – 3198 रुपये

भुवनेश्वर – 3290 रुपये

चंडीगढ़ – 3136 रुपये

हैदराबाद – 3367 रुपये

जयपुर – 3141 रुपये

पटना – 3400 रुपये

लखनऊ – 3236 रुपये

तिरुअनंतपुरम् – 3152 रुपये

स्थिति में हो रहा है सुधार
केंद्र सरकार ने बीते दिनों इंडस्ट्री को सप्लाई किए जाने वाले एलपीजी सिलेंडर की लिमिट को हटा लिया है। यानी अब उनके डिमांड के हिसाब से एलपीजी सिलेंडर मिलेंगे। सरकार ने कहा कि हालिया स्तर पर एलपीजी की बेहतर स्थिति के बाद यह फैसला लिया गया है। बता दें, युद्ध शुरू होने के बाद सरकार ने इंडस्ट्रीयल एलपीजी सिलेंडर पर कैप लगा दिया था

भारत अपनी जरूरत का 90 प्रतिशत तक हिस्सा कतर सहित कई अन्य अरब देशों से मंगाता है। लेकिन युद्ध की वजह से सप्लाई चेन टूट गई थी। जिसके बाद देश में एलपीजी की किल्लत देखने को मिली। सरकार ने स्थिति को देखते हुए इंडस्ट्रीयल सप्लाई पर सीमा लगा दिया। वहीं, शहरों और गांवों में बुकिंग एक निश्चित दिन तय कर दिए। इन सबके अलावा केंद्र सरकार ने घरेलू स्तर पर एलपीजी प्रोडक्शन बढ़ाने का भी निर्देश ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को दिया था।

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