DPI के आदेशों की अनदेखी! छिंदहा स्कूल की शिक्षिका अब भी बन्नोदा में पदस्थ, उठे सवाल

Date:

उमरिया में 'अटैचमेंट खेल' जारी

छिंदहा स्कूल की शिक्षिका बन्नोदा में पदस्थ, डीपीआई के आदेशों की उड़ रही धज्जियां

उपशीर्षक:-सहायक आयुक्त पूजा द्विवेदी बोलीं— "मेरे कार्यकाल में ऐसा कोई आदेश जारी नहीं हुआ, मामले की जांच कराकर नियम अनुसार कार्रवाई की जाएगी

उमरिया/पाली
 मध्य प्रदेश शासन एवं लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) द्वारा शिक्षकों के संलग्नीकरण (अटैचमेंट) पर रोक लगाने के स्पष्ट निर्देश जारी किए जाने के बावजूद उमरिया जिले के पाली विकासखंड में कथित रूप से नियमों की अनदेखी जारी है। विधानसभा में मामला उठने के बाद सरकार ने प्रदेशभर में वीआईपी अटैचमेंट समाप्त करने का दावा किया था, लेकिन पाली क्षेत्र में अब भी संलग्नीकरण की व्यवस्था सवालों के घेरे में है।
ताजा मामला पाली विकासखंड की शासकीय प्राथमिक शाला छिंदहा का सामने आया है। जानकारी के अनुसार, यहां पदस्थ एक प्राथमिक शिक्षिका अपनी मूल पदस्थापना छोड़कर शासकीय माध्यमिक शाला बन्नोदा में संलग्न होकर सेवाएं दे रही हैं। इससे प्राथमिक विद्यालय के विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने की बात सामने आ रही है।
गौरतलब है कि शासन के निर्देशों के अनुसार प्राथमिक शिक्षक (वर्ग-3) का माध्यमिक विद्यालय (वर्ग-2) में संलग्नीकरण नियमों के अनुरूप नहीं माना जाता। इसके बावजूद संबंधित शिक्षिका के माध्यमिक विद्यालय में कार्य करने से विभागीय व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं।
अधिकारियों की भूमिका पर उठ रहे सवाल
सूत्रों का दावा है कि यह संलग्नीकरण स्थानीय शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की जानकारी में संचालित हो रहा है। शासन के निर्देशों में यह भी स्पष्ट है कि यदि किसी शिक्षक को मूल पदस्थापना पर लौटने के आदेश दिए जाएं और वह पालन न करे, तो उसके विरुद्ध कार्रवाई करते हुए वेतन भी रोका जा सकता है। इसके बावजूद संबंधित शिक्षिका को नियमित रूप से वेतन मिलने की चर्चा क्षेत्र में है।
इस मामले को लेकर स्थानीय लोगों का कहना है कि जब शासन, कमिश्नर और कलेक्टर स्तर से संलग्नीकरण समाप्त करने के निर्देश दिए जा चुके हैं, तब भी पाली विकासखंड में ऐसे मामलों पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग की है।
सहायक आयुक्त ने दिए जांच के निर्देश
मामले में जनजातीय कार्य विभाग की सहायक आयुक्त पूजा द्विवेदी ने कहा—

"मेरे कार्यकाल में ऐसा कोई भी संलग्नीकरण (अटैचमेंट) आदेश जारी नहीं हुआ है। आपके माध्यम से यह मामला संज्ञान में आया है। पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी और यदि नियमों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार उचित दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।"
ग्रामीणों और अभिभावकों को कार्रवाई का इंतजार
छिंदहा गांव के अभिभावकों का कहना है कि प्राथमिक विद्यालय में शिक्षकों की कमी का सीधा असर आदिवासी बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। अब सभी की निगाहें विभागीय जांच पर टिकी हैं। देखना होगा कि जांच के बाद संबंधित शिक्षिका को मूल विद्यालय में वापस भेजा जाता है या मामला अन्य कई प्रकरणों की तरह जांच तक ही सीमित रह जाता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

Aaj Ka Rashifal 21 July 2026: किस राशि को मिलेगा लाभ, किसे बरतनी होगी सावधानी?

मेष आपको प्रैक्टिकल कामों के लिए लगातार एनर्जी मिलेगी। कन्फ्यूजन...

‘जज का करियर बर्बाद कर सकता है’ टिप्पणी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, यूट्यूबर गुलशन पाहुजा की लगी क्लास

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने न्यायपालिका के खिलाफ बिना किसी...

पाकिस्तान से दूर हुआ अफगान व्यापार, ट्रांजिट ट्रेड में भारी गिरावट दर्ज

काबुल  दिन हो या रात, पाकिस्तान एक ही सपना देखता...

योगी का बाराबंकी दौरा: विकास और सनातन एजेंडे पर विपक्ष को घेरा

बाराबंकी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को राजधानी लखनऊ से...