CG के राजनांदगांव में बनेगा इलेक्ट्रॉनिक मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर, केंद्र सरकार ने दी स्वीकृति

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राजनांदगांव.

जिले में इलेक्ट्रानिक मैन्यूफैक्चरिंग कलस्टर 2.0 की स्वीकृति केन्द्र सरकार द्वारा दी गई है। नगरनिगम द्वारा शहर में आयोजित किए गए कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डां रमन सिंह ने इसकी जानकारी दी है। उन्होने मंच से कहा कि कल ही इसकी स्वीकृति केन्द्र सरकार द्वारा दी गई है।

इसके लिए उन्होने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय उद्योग मंत्री अश्वनी वैष्णव व सांसद संतोष पांडे का आभार जताया। डां रमन सिंह ने बताया कि, इस कलस्टर के लगने से जिले के नौ हजार बेरोजगारों को नौकरी प्रदान की जाएगी। इस इलेक्ट्रानिक हब में करीब 342 करोड़ रूपए खर्च किए जाएंगे। वहीं करीब तीन हजार निवेशक यहां निवेश करेगें । उल्लेखनीय है कि इलेक्ट्रानिक मैन्यूफैक्चरिंग कलस्टर के लिए लंबे समय से प्रवास किया जा रहा था ।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार इसका निर्माण डोंगरगांव के पटेवा में होगा। इसके लिए उद्योग विभाग द्वारा मुआवजा की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली गई है। पूर्व में यहां पतंजलि योगपीठ का उद्योग खुलना था, लेकिन अब इसी जगह इलेक्ट्रानिक कलस्टर की तैयारी कर ली गई हैं। बहरहाल इस कलस्टर के खुलने से बड़ी संख्या में रोजगार मिलेगा। वहीं आसपास के इलाको में विकास के नए अवसर खुलेगें। उद्योग विभाग के जीएम सानू वर्गीस ने बताया कि, निवेशकों का यहां दौरा हो चुका है, पूरी प्रक्रिया राज्य और केन्द्र सरकार की निगरानी में हो रही है।

भारत सरकार ने EMC 2.0 योजना के अंतर्गत ₹432.08 करोड़ की कुल परियोजना लागत के विरुद्ध ₹210.56 करोड़ की केंद्रीय सहायता स्वीकृत की है. परियोजना का क्रियान्वयन छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (CSIDC) द्वारा किया जाएगा। 

यह मंजूरी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने, निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने तथा इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने के निरंतर प्रयासों का महत्वपूर्ण परिणाम है. नवा रायपुर में स्थापित पहले इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर के बाद यह राज्य का दूसरा बड़ा इलेक्ट्रॉनिक्स क्लस्टर होगा, जिससे उद्योगों के लिए आधुनिक आधारभूत संरचना और औद्योगिक भूखंडों की उपलब्धता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। 

सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) और स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की चार एंकर इकाइयों ने पहले ही इस क्लस्टर में रुचि दिखाई है. इन कंपनियों द्वारा लगभग ₹365 करोड़ के प्रारंभिक निवेश का प्रस्ताव दिया गया है। 

करीब 306.56 एकड़ भूमि पर विकसित होने वाले इस क्लस्टर में 150.56 एकड़ औद्योगिक भूखंड आरक्षित किए गए हैं. यहां रेडी-बिल्ट फैक्ट्री, विद्युत एवं जल आपूर्ति, वेयरहाउस तथा अन्य आधुनिक औद्योगिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी. सभी आवश्यक वैधानिक स्वीकृतियां प्राप्त हो चुकी हैं और परियोजना क्रियान्वयन के लिए पूरी तरह तैयार है। 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस महत्वपूर्ण स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के निरंतर सहयोग और मार्गदर्शन से छत्तीसगढ़ इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के क्षेत्र में तेजी से नई पहचान बना रहा है। 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि EMC 2.0 इस बात का प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ अब राष्ट्रीय स्तर के विनिर्माण उद्योगों के लिए एक भरोसेमंद और सक्षम गंतव्य बन चुका है. उन्होंने कहा कि यह क्लस्टर राज्य के युवाओं के लिए लगभग 9,000 गुणवत्तापूर्ण एवं दीर्घकालिक रोजगार के अवसर सृजित करेगा. राज्य सरकार तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थानों को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करेगी, ताकि स्थानीय युवाओं को भर्ती प्रारंभ होते ही रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकें। 

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि राज्य सरकार ने उद्योगों के लिए त्वरित एवं पारदर्शी व्यवस्था विकसित की है. ‘वनक्लिक’ सिंगल विंडो प्रणाली के माध्यम से भूमि आवंटन एवं सभी आवश्यक स्वीकृतियां निर्धारित समयसीमा में उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे निवेशक बिना किसी अनावश्यक विलंब के अपनी परियोजनाएं प्रारंभ कर सकें। 

यह परियोजना ‘मेक इन इंडिया’, ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे राष्ट्रीय अभियानों को नई गति देने के साथ-साथ देश में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षमता, कंपोनेंट निर्माण और वैल्यू एडिशन को भी महत्वपूर्ण बढ़ावा देगी. साथ ही, यह छत्तीसगढ़ को देश के उभरते इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगी। 

औद्योगिक विकास निगम करेगा परियोजना का विकास
परियोजना का विकास छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (सीएसआइडीसी) करेगा। लगभग 306 एकड़ में विकसित होने वाले इस क्लस्टर में रेडी-बिल्ट फैक्ट्री, आधुनिक औद्योगिक अधोसंरचना, बिजली, पानी, वेयरहाउस और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि कंपनियां कम समय में उत्पादन शुरू कर सकें।

अधिकारियों ने बताया कि सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) और स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की चार प्रमुख कंपनियां पहले ही यहां निवेश में रुचि जता चुकी हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि छत्तीसगढ़ तेजी से उच्च-प्रौद्योगिकी आधारित उद्योगों के लिए एक आकर्षक निवेश गंतव्य बन रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना केवल एक औद्योगिक क्लस्टर नहीं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला विकास इंजन साबित हो सकती है।

सीएम ने जताया आभार
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय छत्तीसगढ़ में निवेश के बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्थानीय युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षित करेगी, ताकि नए उद्योगों में रोजगार का अधिकतम लाभ प्रदेश के युवाओं को मिल सके।

    छत्तीसगढ़ को केंद्र सरकार से मिली सौगात
    सीएम ने पीएम मोदी का जताया आभार
    इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर को मिली मंजूरी
    राजनांदगांव में रोजगार के नए मौके मिलेंगे

अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती
अधिकारियों ने बताया कि ‘मेक इन इंडिया’, ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विज़न को आगे बढ़ाने वाली यह परियोजना इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, कंपोनेंट निर्माण और वैल्यू एडिशन को नई गति देगी। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल होगा, जहां भविष्य की इलेक्ट्रॉनिक्स अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव रखी जा रही है।

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