सोलर और स्वास्थ्य सेवाओं में शानदार प्रदर्शन, आईसीडीएस ने गिराई बलरामपुर की रैंकिंग

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बलरामपुर
 प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री डैशबोर्ड (दर्पण) की जून-2026 की जिला अनुश्रवण पुस्तिका जारी कर दी गई है। विकास एवं राजस्व कार्यों के संयुक्त मूल्यांकन में बलरामपुर को 10 में से 8.67 अंक मिले हैं और जिला प्रदेश की संयुक्त रैंकिंग में 59वें स्थान पर रहा है। विकास कार्यों की रैंकिंग में जिले को 47वां, जबकि राजस्व कार्यों में 63वां स्थान मिला है। सोलर स्ट्रीट लाइट, फसल बीमा, स्वास्थ्य सेवाओं और बिजली शिकायत निस्तारण में जिले का प्रदर्शन शानदार रहा, लेकिन आईसीडीएस पोषण अभियान और मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में कमजोर प्रदर्शन ने समग्र रैंकिंग गिरा दी। रिपोर्ट के अनुसार, जिले ने ऊर्जा, कृषि, स्वास्थ्य, पंचायती राज और समाज कल्याण विभाग की कई योजनाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 'ए' ग्रेड हासिल किया है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय सोलर स्ट्रीट लाइट योजना के तहत आवंटित सभी 535 सोलर स्ट्रीट लाइटों की स्थापना पूरी कर बलरामपुर प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा। बीकेएस ग्राम उन्नति योजना के तहत भी 742 सोलर स्ट्रीट लाइटों की शत-प्रतिशत स्थापना कर जिला पहले स्थान पर रहा। प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना में निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 113.04 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई। बिजली विभाग ने खराब ट्रांसफार्मर बदलने की सभी 306 शिकायतों और विद्युत बिल सुधार के 1,738 मामलों का समयबद्ध निस्तारण कर शत-प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की। ग्रामीण क्षेत्रों में 99.84 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 99.88 प्रतिशत बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई।

कृषि विभाग की उपलब्धियां
कृषि विभाग की कृषि रक्षा रसायन डीबीटी, बीज डीबीटी और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में भी जिला प्रदेश के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले जिलों में शामिल रहा। पीएम-कुसुम योजना के तहत स्वीकृत सभी 188 सोलर पंप स्थापित किए गए। स्वास्थ्य विभाग की 102 व 108 एंबुलेंस सेवाओं, टेली रेडियोलॉजी और सीटी स्कैन सेवाओं को भी ए ग्रेड मिला। पंचायती राज विभाग के 15वें वित्त आयोग, पांचवें राज्य वित्त आयोग तथा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-2 के अंतर्गत भी जिले को पूरे अंक प्राप्त हुए।

आईसीडीएस का प्रदर्शन
वहीं दूसरी ओर, आईसीडीएस पोषण अभियान में शून्य प्रगति के चलते जिले को 'डी' ग्रेड मिला। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना और सीएमआईएस निर्माण कार्य शिकायत निस्तारण में भी जिला पिछड़ गया, जबकि फैमिली आईडी योजना में 'सी' ग्रेड मिलने से समग्र रैंकिंग पर असर पड़ा। महिला एवं बाल विकास से जुड़ी इन योजनाओं में कमजोर प्रदर्शन के कारण जिले की ओवरऑल रैंकिंग प्रभावित हुई है।

मुख्यमंत्री डैशबोर्ड का महत्व
मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर जिलों का मूल्यांकन विभिन्न विभागों की योजनाओं की वास्तविक प्रगति, समयबद्ध कार्यों और उपलब्धियों के आधार पर किया जाता है। आगामी महीनों में बेसिक शिक्षा, परिवार नियोजन और आयुष्मान भारत समेत पांच नई योजनाओं को भी मूल्यांकन प्रणाली में शामिल किया जाएगा। प्रदेश स्तर पर शाहजहांपुर 9.43 अंकों के साथ पहले, रामपुर 9.41 अंकों के साथ दूसरे और बरेली 9.30 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। महाराजगंज चौथे, जबकि आजमगढ़ और मैनपुरी संयुक्त रूप से पांचवें स्थान पर रहे। वहीं राजधानी लखनऊ 8.13 अंकों के साथ अंतिम (75वें) स्थान पर रही।

डीएम की प्रतिक्रिया
डीएम बलरामपुर डॉ. विपिन कुमार जैन ने कहा कि मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर जिलों की रैंकिंग विभिन्न विभागों की योजनाओं के वास्तविक प्रदर्शन, उपलब्धियों और समयबद्ध कार्यों के आधार पर तय की जाती है। कुछ योजनाओं में कमजोर प्रदर्शन के कारण जिले की समग्र रैंकिंग प्रभावित हुई है और संबंधित विभागों के अधिकारियों को रैंकिंग सुधारने के निर्देश दिए गए हैं।

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