डाक विभाग की भूमिका पर आधारित प्रदर्शनी ‘गेट योरसेल्फ काउंटेड’ का आयोजन

Date:

 रांची
 डिजिटल युग से पहले देश में जनगणना जैसे विशाल राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाने में डाक विभाग की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण थी, इसकी झलक रांची के आड्रे हाउस में आयोजित दो दिवसीय प्रदर्शनी गेट योरसेल्फ काउंटेड, स्वतंत्र भारत में जनगणना का एक डाक इतिहास में दिखाया गया।

इस प्रदर्शनी 1951 से 2011 तक के दुर्लभ दस्तावेजों, पोस्टकार्डों, डाक टिकटों, प्रथम दिवस आवरणों और अन्य अभिलेखीय सामग्रियों के माध्यम से बताया गया है कि कैसे डाक व्यवस्था ने देश की जनगणना प्रक्रिया को गति देने और लोगों तक इसकी जानकारी पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

स्वतंत्रता के बाद भारत को चुनावों के संचालन और नियोजित विकास के लिए विश्वसनीय जनसंख्या आंकड़ों की आवश्यकता थी। इसी महत्व को देखते हुए संविधान सभा ने संविधान लागू होने से पहले ही जनगणना अधिनियम, 1948 पारित किया था।

उस समय सीमित संचार साधनों और कम साक्षरता दर के कारण जनगणना के प्रति जागरूकता फैलाना बड़ी चुनौती थी। ऐसे में डाक विभाग ने न केवल प्रचार-प्रसार का कार्य संभाला, बल्कि गणनाकर्मियों और अधिकारियों के बीच संवाद स्थापित कर जनगणना की प्रगति पर नजर रखने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।

प्रदर्शनी के क्यूरेटर विकास कुमार, जो अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय, बेंगलुरु में अर्थशास्त्र के प्राध्यापक हैं,ने इस अनूठे संग्रह को तैयार किया है। यह भ्रमणशील प्रदर्शनी इससे पहले जम्मू, बेंगलुरु और लखनऊ में भी प्रदर्शित की जा चुकी है।

प्रदर्शनी का उद्घाटन झारखंड के निदेशक, जनगणना संचालन प्रभात कुमार ने किया। आयोजक विकास कुमार ने कहा कि मोबाइल आधारित जनगणना प्रणालियों के दौर में यह प्रदर्शनी उस ऐतिहासिक यात्रा को याद करने का अवसर है, जिसमें डाकघरों और डाककर्मियों ने देश की सांख्यिकीय व्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई थी।

इस प्रदर्शनी में दिखा जनगणना का इतिहास
1951 से 2011 तक 11 बार बदले थे जनगणना के मुहर। जनगणना की शुरूआत डाक से हुई थी, डाक के माध्यम से ही जनगणना की जागरूकता और अभियान चलाया गया था। 15 भाषाओं में जनगणना की जानकारी के लिए विज्ञापन थे, जिनमें हिंदी, अंग्रेजी, असमिया, बंगला , गुजराती , कन्नड, कोंकणी, मलयालम, मराठी, ओडिया, पंजाबी, सिंधी, तमिल,तेलुगू, उर्दू शामिल थे।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

चरित्र पर सवाल नहीं उठाए जा सकते! सहमति से बने संबंधों पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा बयान

हैदराबाद सुप्रीम कोर्ट ने अपनी एक टिप्पणी में कहा है...

SpiceJet का बड़ा विस्तार, डैम्प लीज पर लिए गए 3 Airbus A320; 737 Max फिर से सेवा में

नई दिल्ली विमानन कंपनी स्पाइसजेट ने अपने बेड़े को मजबूत...

बैंक घोटाला केस में नया मोड़! हरियाणा के दो वरिष्ठ IAS अफसरों की भूमिका पर CBI की नजर

चंडीगढ़ हरियाणा में हुए 661 करोड़ रुपए के कथित बैंकिंग...

सुपोषण की दिशा में नई पहल, विदिशा का ‘पोषण संजीवनी अभियान’ बना प्रदेश के लिए मिसाल

प्रदेश में सुपोषण का नया रोडमैप विदिशा के पोषण संजीवनी...