राजस्थान के किसानों की चमकी किस्मत, गेंदे की खेती में बढ़ा रुझान; एक साल में 75 हजार पौधों की बिक्री

Date:

चित्तौड़गढ़
जिस गेंदे के फूल के लिए कभी चित्तौड़गढ़ जिलेवासियों को पड़ोसी जिलों और बाहरी मंडियों का रुख करना पड़ता था, वही गेंदा अब चित्तौड़गढ़ की धरती पर पीला सोना बनकर महक रहा है। कम देखभाल और हाथों-हाथ नकद कमाई के चलते गेंदे की खेती अब जिले के किसानों की पसंद बनती जा रही है। आलम यह है कि जिले के साड़ास, विजयपुर, भदेसर, निंबाहेड़ा और चित्तौड़गढ़ क्षेत्र में कई किसान पारंपरिक फसलों के साथ गेंदे का भी बंपर उत्पादन कर रहे हैं।

लगातार बढ़ रही मांग
गेंदे की खेती के प्रति किसानों के बढ़ते रुझान का अंदाजा सीताफल उत्कृष्टता केंद्र के आंकड़ों से लगाया जा सकता है। केंद्र के अनुसार, वर्ष 2023-24 में जहां केवल 9 हजार पौधों की बिक्री हुई थी, वहीं वर्ष 2024-25 में 1,500 पौधे बिके। इसके बाद मांग में तेजी से इजाफा हुआ। वर्ष 2025-26 में यह आंकड़ा बढ़कर 71 हजार पहुंच गया। चालू वर्ष में अब तक रिकॉर्ड 75 हजार पौधों की बिक्री हो चुकी है।

ऐसे बढ़ रहा मुनाफा: खुले फूल 20-25 रुपए किलो, माला बनाकर बेचने पर 100 रुपए तक
गेंदे की खेती में मुनाफा बढ़ाने में विपणन का तरीका अहम भूमिका निभा रहा है। बाजार में खुले गेंदे के फूल सामान्य तौर पर 20 से 25 रुपए प्रति किलो के भाव बिकते हैं। वहीं, किसान थोड़ी मेहनत करके इनकी मालाएं बनाकर बेचते हैं, तो एक किलो फूल से करीब 100 रुपए तक की बिक्री हो सकती है। इस तरह फूलों को माला बनाकर बेचने से कमाई पांच गुना तक पहुंच सकती है। काश्तकार रतनीबाई ने बताया कि कम लागत, कम पानी और कम देखभाल में बेहतर कमाई की संभावना ने गेंदे को चित्तौड़गढ़ के खेतों की नई पहचान बना दिया है।

एक बीघा में 6 हजार पौधे, दो किस्मों की धूम
सीताफल उत्कृष्टता केंद्र के उपनिदेशक (उद्यान अनुसंधान) रमेश आमेटा के अनुसार, एक बीघा खेत में करीब 6 हजार गेंदे के पौधे लगाए जाते हैं। फिलहाल खेतों में दो प्रमुख किस्मों टेनिस बॉल और पुष्पराज केसरिया की अच्छी पैदावार हो रही है। इनकी पंखुड़ियां घनी होती हैं और रंग आकर्षक होता है। यही वजह है कि बाजार में पहुंचते ही फूलों की अच्छी मांग रहती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

बालक सगन लाल को मिला नया जीवन, जबलपुर मेडिकल कॉलेज में सफल उपचार के बाद लौटा घर

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने आरबीएसके टीम के प्रयासों की...

अखंडता का संकल्प: सरदार पटेल और मजबूत भारत का सपना

भारत की पहचान उसकी विविधता और एकता में है।...

चेक बाउंस केस में फरार MP के पूर्व IAS रमेश थेटे गिरफ्तार, नागपुर में पुलिस ने पकड़ा

भोपाल। मध्य प्रदेश कैडर के पूर्व आईएएस अधिकारी रमेश थेटे...

सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई जाएगी

जिलों में एकता दौड़ सहित अनेक कार्यक्रम होंगे भोपाल भारत के...