नियमों की अनदेखी पड़ी भारी, अमृतसर में 5 अवैध कॉलोनियों पर प्रशासन का एक्शन

Date:

अमृतसर.

जिला अमृतसर में अवैध कालोनियों पर सख्त कार्रवाई की गई। पंजाब सरकार द्वारा जारी निर्देशों के तहत एडीए के मुख्य प्रशासक नितेश कुमार जैन, आईएएस तथा अतिरिक्त मुख्य प्रशासक इनायत, पीसीएस द्वारा जारी आदेशों का पालन करते हुए जिला टाउन प्लानर (रेगुलेटरी) विंग ने गांव बल्ल कलां, पंडोरी वड़ैच स्थित मजीठा रोड तथा बल्ल खुर्द स्थित अमृतसर-फतेहगढ़ चूड़ियां रोड पर विकसित की जा रही 5 अवैध कॉलोनियों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उन्हें ध्वस्त कर दिया।

जिला टाउन प्लानर ने जानकारी देते हुए बताया कि भविष्य के विकास को नियंत्रित करने के लिए सरकार के निर्देशों के अनुसार गांव बल्ल कलां, पंडोरी वड़ैच और बल्ल खुर्द में विकसित की जा रही नई अवैध कॉलोनियों को पापरा एक्ट-1995 के तहत नोटिस जारी कर निर्माण कार्य बंद करवाया गया था तथा इनके विरुद्ध 09.06.2026 को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि इन अवैध कॉलोनियों के मालिकों ने सरकारी नियमों की खुली अवहेलना की और नोटिस जारी होने के बावजूद स्पष्टीकरण देने के बजाय मौके पर विकास कार्य जारी रखे। इसके चलते थाना कंबो की ओर से पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध न होने के बावजूद उच्च अधिकारियों के आदेशों की पालना करते हुए यह कार्रवाई अमल में लाई गई।

इसके अतिरिक्त गांव बल्ल खुर्द में बन रही एक अवैध कॉलोनी को विभाग द्वारा कई बार नोटिस जारी कर निर्माण कार्य रोकने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद कॉलोनाइजर द्वारा मौके पर निर्माण कार्य जारी रखा गया। इसी कारण उच्च अधिकारियों द्वारा उक्त अवैध कॉलोनी को ध्वस्त करने के आदेश जारी किए गए थे। हालांकि, सार्वजनिक जमावड़े और पुलिस बल की कमी के कारण उस समय ध्वस्तीकरण की कार्रवाई नहीं की जा सकी थी। इसके चलते आज पुनः ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पापरा एक्ट-1995 में वर्ष 2024 में किए गए संशोधन के अनुसार अवैध कॉलोनी विकसित करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध 5 से 10 वर्ष तक की कैद तथा 25 लाख रुपये से लेकर 5 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसी के चलते उक्त कॉलोनियों के अंतर्गत आने वाली भूमि के मालिकों और कॉलोनी विकसित करने वालों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने के लिए राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर पुलिस विभाग को भी लिखा जा रहा है।

एडीए के रेगुलेटरी विंग ने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि वे ऐसी अवैध कॉलोनियों, जिन्हें पुड्डा विभाग से मंजूरी प्राप्त नहीं है, में प्लॉट खरीदने से पहले संबंधित कॉलोनी की स्वीकृति संबंधी दस्तावेज अवश्य देखें। साथ ही अमृतसर विकास प्राधिकरण की वेबसाइट पर उपलब्ध अवैध कॉलोनियों से संबंधित विवरण का भी अवलोकन करें, ताकि उनके धन और संपत्ति का नुकसान न हो तथा भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके अलावा उन्होंने यह भी अपील की कि जिले में किसी भी स्थान पर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले पुड्डा विभाग से आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करने के बाद ही निर्माण कार्य किया जाए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

सफेद, ब्राउन या रेड राइस: सेहत के लिए कौन सा चावल सबसे बेहतर?

भारत के लगभग हर घर में चावल के बिना...

पटियाला में बीमारी फैलने की आशंका, 16 लोगों में लक्षण मिले, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

पटियाला. पटियाला में पीलिया (हैपेटाइटिस-ए) के फैलने का मामला सामने...