नई दिल्ली
सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD ने डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार और सुपरिटेंडिंग इंजीनियर रणवीर सिंह सहित पांच अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया। MCD के इतिहास में पहली बार किसी डिप्टी कमिश्नर रैंक के अधिकारी को सस्पेंड किया गया है।
सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे में सस्पेंड किए गए साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं। वह करीब तीन साल पहले डेपुटेशन पर MCD में आए थे। पहले उन्हें सिविल लाइन जोन का डिप्टी कमिश्नर बनाया गया था। उनके कार्यकाल में ही जनवरी 2025 को बुराड़ी इलाके में पांच मंजिला बिल्डिंग ध्वस्त हुई थी। इस हादसे में भी 7-8 लोगों की मौत हुई थी। उन्हें करीब आठ महीने पहले साउथ जोन का डिप्टी कमिश्नर बनाया गया था।
बुराड़ी में भी इनके रहते गिरी थी 5 मंजिला इमारत
सस्पेंड किए गए सुपरिटेंडेंट इंजीनियर रणवीर सिंह को साल 2019 में 56जे के तहत नौकरी से निकाल दिया गया था। वह लंबी कानूनी लड़ाई लड़ने के बाद कुछ महीने पहले ही बहाल हुए थे, उन्हें साउथ जोन में तैनात किया गया था। एग्जिक्यूटिव इंजीनियर ललित कुमार गोयल अभी कुछ महीने पहले ही असिस्टेंट इंजीनियर से प्रमोट होकर एग्जिक्यूटिव इंजीनियर बने थे। अप्रैल 2026 से वह साउथ जोन के बिल्डिंग विभाग दो में तैनात थे। सस्पेंड होने वाले असिस्टेंट इंजीनियर सुनील चौहान और जूनियर इंजीनियर आशीष कुमार लगभग तीन साल से बिल्डिंग विभाग दो में तैनात हैं।
PMO ने तुरंत रिपोर्ट मांग ली थी
MCD के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद PMO ने रिपोर्ट मांग ली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित स्टाफ को घर से बुलाकर बिल्डिंग हादसे की डिटेल रिपोर्ट तैयार कर रविवार रात में ही पीएमओ को भेजी गई। इसके बाद अधिकारियों के खिलाफ एक्शन लिया गया। यह मामला सीनियर स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

