आजादी का मतलब अराजकता, पिछड़ेपन, गरीबी, अशिक्षा, असमानता से सर्वथा मुक्तिः मुख्यमंत्री

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लखनऊ
 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को स्वतंत्रता दिवस पर अपने सरकारी आवास (5, कालिदास मार्ग) पर ध्वजारोहण किया। उन्होंने राष्ट्रनायकों और देश के लिए शहीद होने वाले रणबांकुरों के प्रति श्रद्धा निवेदित की। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को स्वाधीनता दिवस की बधाई दी। कहा कि आजादी का मतलब केवल राजनीतिक आजादी नहीं है, बल्कि उस अराजकता, पिछड़ेपन, गरीबी, अशिक्षा, असमानता से भी सर्वथा मुक्ति है, जिसे कारण देश लगातार कमजोर होता गया। हम सब आजादी के 79वर्ष पूरे कर चुके हैं और 80वें स्वाधीनता दिवस कार्यक्रम से जुड़े हैं। यह दिवस केवल हमें समारोह तक सीमित रखने का अवसर नहीं दे रहा, बल्कि हमें संपूर्ण आजादी के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में किए जाने वाले प्रयासों में नागरिक के रूप में कर्तव्य करने की भी प्रेरणा प्रदान कर रहा है। हर नागरिक का आह्वान करते हुए सीएम योगी ने कहा कि आजादी को लंबे समय तक बनाए रखना है तो एक व्यक्ति, जाति, संप्रदाय नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतवासियों को अपने-अपने क्षेत्र में समान रूप से योगदान देना होगा।

देश को विदेशी दासता से मुक्त कराना ही था रणबांकुरों का ध्येय
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कहा कि लंबे संघर्ष, त्याग और बलिदान के परिणामस्वरूप 1947 में आज ही के दिन भारत को स्वाधीनता प्राप्त हुई। हर भारतवासी जिस उन्मुक्त वातावरण में स्वाधीनता का अहसास कर रहा है, वह भारत माता के महान सपूतों, बलिदानियों के त्याग, तपस्या व बलिदान का परिणाम है। देश अंतरविरोधों व षडयंत्रों के कारण गुलाम हुआ, लेकिन इसने मन-मस्तिष्क से गुलामी को कभी स्वीकार नहीं किया। देश के अलग-अलग क्षेत्रों में गुलामी के खिलाफ अलग-अलग समय में संघर्ष और आंदोलन हुए। 1857 का प्रथम स्वातंत्र्य समर सामूहिक रूप से देश की स्वाधीनता के लिए किए गए प्रयास का महत्वपूर्ण पड़ाव था, जब बैरकपुर में मंगल पांडेय, झांसी में रानी लक्ष्मीबाई, मेरठ में धनसिंह कोतवाल आदि रणबांकुरों के नेतृत्व में हर गांव, जनपद, प्रांत में स्वाधीनता की लौ जलती दिखाई दे रही थी। उस समय सभी के मन में एक ही भाव था कि हमें देश को विदेशी दासता से मुक्त कराना है।

हर व्यक्ति के जीवन को सहज और सरल बनाने के लिए किए जाने वाले परिवर्तनों के परिणाम भी दिख रहे
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1947 में देश के सामने जो अराजकता, अशिक्षा, पिछड़ापन, असमानता थी, उसमें से बहुत सारी समस्याओं का पिछले 8 दशक में समाधान हुआ है। इसी का परिणाम है कि देश में बहुआयामी गरीबी से 25 करोड़ लोग मुक्त हुए हैं। शिक्षा का दायरा बढ़ा है और बिना भेदभाव शासन का लाभ समाज के प्रत्येक तबके को मिलना प्रारंभ हुआ है। विश्वस्तरीय अवस्थापना सुविधाओं का विकास हुआ है। हर व्यक्ति के जीवन को सहज और सरल बनाने के लिए किए जाने वाले परिवर्तनों के परिणाम भी अब दिखाई देते हैं।

देश को कमजोर करने वाली ताकतों से रहना होगा सतर्क
सीएम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का देशवासियों से किए गए आह्वान का भी जिक्र किया। कहा कि अराजकता, असमानता, अशिक्षा पर विजय प्राप्त करनी है तो देश को कमजोर करने वाली ताकतों से सतर्क रहना होगा। पीएम ने कहा था कि देश में केवल चार जातियों (गरीब, युवा, महिला, किसान) को फोकस करते हुए कार्य करेंगे तो अच्छे परिणाम आएंगे। पिछले 12 वर्ष में इन्हीं चार तबकों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनीं। इस कार्ययोजना को धरातल पर उतारने के लिए सरकार की इच्छाशक्ति भी दिखाई दी, जिसका परिणाम रहा कि आमजन को शासन की योजना से जुड़ने में मदद मिली है। डायरेक्टर बेनिफिट स्कीम के माध्यम से शासन की योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ उपलब्ध कराने का कार्य हुआ। मिशन रोजगार से लेकर मॉडर्न टेक्नोलॉजी के अनुरूप युवा खुद को तैयार कर सकें, इसके लिए नए-नए प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराए गए, संस्थान बनाए गए। स्वास्थ्य की अच्छी सुविधा के लिए देश में मेडिकल कॉलेज, एम्स की नई श्रृंखला खड़ी हुई, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास हुआ। रेलवे की कनेक्टिविटी बढ़ी, मेट्रो व रैपिड रेल जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हुईं। अमृत भारत, वंदे भारत, नमो भारत जैसी आधुनिक विश्वस्तरीय सुविधाओं से युक्त बेहतरीन पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास बढ़े।

हर क्षेत्र में नए प्रतिमानों को स्थापित करने में आगे बढ़ा भारत
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत हर क्षेत्र में नए प्रतिमानों को स्थापित करने में आगे बढ़ा है। जब देश के पास यशस्वी नेतृत्व होता है और सामूहिकता के साथ देश की ताकत एक स्वर में बोलती है तो परिणाम सामने आते हैं। देश की आजादी की लड़ाई भी ध्यानाकर्षित करती है तो जब हम बंटे थे तो आजादी के लिए संघर्ष होता था। राजस्थान में महाराणा प्रताप, पंजाब से गुरु गोविंद सिंह, महाराष्ट्र में छत्रपति शिवाजी महाराज ने इसे नेतृत्व प्रदान किया। सभी का उद्देश्य एक ही था कि हर हाल में विदेशी दासता से मुक्ति मिले, लेकिन सामूहिक रूप से किया गया प्रयास 1857 में देखने को मिला। इसके बाद लगातार संघर्ष को जीवंतता बनाए रखने के लिए क्रांतिकारियों ने अलग-अलग क्षेत्रों में संघर्षों को जन्म दिया। गोरखपुर में चौरीचौरा, लखनऊ में काकोरी ट्रेन एक्शन आदि संघर्ष अनवरत रूप से बढ़ता रहा।

देश की सीमा/आंतरिक सुरक्षा के लिए बलिदान देने वाले जवानों को किया नमन
सीएम योगी ने कहा कि भारत मां के जिन वीर बलिदानियों, क्रांतिकारियों ने आजादी की लड़ाई को आगे बढ़ाया, उन्हें देश स्मरण कर रहा है। सीएम ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल, बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस आदि के प्रति श्रद्धा भी व्यक्त की। सीएम ने आजादी के लिए हंसते-हंसते फांसी के फंदों को चूमने वाले क्रांतिकारियों और स्वतंत्र भारत में देश की सीमा/आंतरिक सुरक्षा के लिए बलिदान देने वाले जवानों को भी नमन किया।

मुख्यमंत्री ने कीर्ति चक्र से सम्मानित इंस्पेक्टर सुनील कुमार के बलिदान को भी किया याद
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए आज का दिन महत्वपूर्ण है। उत्तर प्रदेश पुलिस के जांबाज इंस्पेक्टर सुनील कुमार को कीर्ति चक्र प्राप्त हुआ है। उन्होंने उप्र में कानून व्यवस्था स्थापित करने, अपराध व अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू करने के संकल्प को बढ़ाने के लिए बलिदान हुए इंस्पेक्टर सुनील कुमार को भी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। सीएम ने राष्ट्रपति के वीरता पुरस्कार पाने वाले उप्र के अन्य अधिकारियों व कार्मिकों को भी बधाई दी। सीएम ने उम्मीद जताई कि आत्मनिर्भर व विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में किए जाने वाले प्रयासों की कड़ी को अपने- अपने क्षेत्र में आगे बढ़ाएंगे तो स्वाधीनता अनंत काल तक भारत की यात्रा को और भी यशस्वी तरीके से आगे बढ़ाने में सफल होगी।

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