उत्पादन से मूल्य संवर्धन तक : उद्यानिकी को नई ऊंचाई देने की तैयारी, किसानों की आय बढ़ाने पर नीति संवाद में मंथन

Date:

भोपाल

मध्यप्रदेश में उद्यानिकी क्षेत्र को केवल उत्पादन तक सीमित रखने के बजाय संग्रहण, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग, बाजार संपर्क और निर्यात से जोड़कर मजबूत मूल्य श्रृंखला विकसित करने की दिशा में राज्य नीति आयोग ने व्यापक नीति संवाद आयोजित किया। भोपाल के एमपीटी होटल पलाश रेजीडेंसी स्थित विमर्श सभागार में आयोजित एक दिवसीय “Strengthening Horticulture Value Chains in Madhya Pradesh” संवाद में शासन, कृषि एवं उद्यानिकी क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारियों, नीति विशेषज्ञों, कृषक उत्पादक संगठनों (FPO), वित्तीय संस्थानों, उद्योग प्रतिनिधियों और तकनीकी संस्थाओं ने किसानों को उत्पादन का बेहतर मूल्य दिलाने तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक उनकी पहुंच बढ़ाने के उपायों पर मंथन किया।

कार्यक्रम का आरंभ “समृद्ध मध्यप्रदेश@2047” पर आधारित लघु फिल्म के प्रदर्शन से हुआ। उद्घाटन सत्र में मध्यप्रदेश राज्य नीति आयोग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  स्वरौचिष सोमवंशी, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव  मन शुक्ला, अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के उपाध्यक्ष प्रो. राजीव दीक्षित तथा कृषि उत्पादन आयुक्त एवं अपर मुख्य सचिव  के.सी. गुप्ता ने उद्यानिकी क्षेत्र की संभावनाओं और आगामी नीति की प्राथमिकताओं पर विचार रखे।

अब लक्ष्य अधिक उत्पादन नहीं, अधिक मूल्य किसानों तक पहुंचाना

राज्य नीति आयोग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  स्वरौचिष सोमवंशी ने कहा कि मध्यप्रदेश में उद्यानिकी का विस्तार उल्लेखनीय स्तर तक पहुंच चुका है। अब अगले चरण में उत्पादन बढ़ाने के साथ यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि उत्पाद से बनने वाले अधिकतम मूल्य का लाभ किसान तक पहुंचे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024-25 में प्रदेश में लगभग 13.26 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में 259.86 लाख मीट्रिक टन सब्जियों तथा लगभग 4.80 लाख हेक्टेयर में 102.07 लाख मीट्रिक टन फलों का उत्पादन हुआ। पिछले पांच वर्षों के औसत वार्षिक उत्पादन में केला 23.24 लाख मीट्रिक टन, आम 8.92 लाख मीट्रिक टन और संतरा 22.07 लाख मीट्रिक टन रहा है।

उन्होंने कहा कि कृषकों के संगठन, मजबूत शीत श्रृंखला, आधुनिक प्रसंस्करण, ब्रांडिंग तथा विभिन्न योजनाओं और वित्तीय साधनों के बेहतर समन्वय से उद्यानिकी उत्पादों की वास्तविक आर्थिक क्षमता का उपयोग किया जा सकता है।

मालवा सहित विभिन्न क्षेत्रों की विशिष्ट फसलों को मिले बाजार

योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव  मन शुक्ला ने कहा कि उद्यानिकी मध्यप्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। प्रदेश के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों, विशेषकर मालवा क्षेत्र में कई विशिष्ट उद्यानिकी फसलों के लिए प्राकृतिक अनुकूलता उपलब्ध है। आवश्यकता इस बात की है कि इन फसलों को केवल खेत से मंडी तक पहुंचाने के बजाय प्रसंस्करण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और बाजार से जोड़कर मूल्य श्रृंखला का हिस्सा बनाया जाए।

उन्होंने कहा कि उत्पादन आधारित व्यवस्था से मूल्य श्रृंखला आधारित व्यवस्था की ओर बढ़ने से कटाई के बाद तत्काल बिक्री का दबाव कम होगा और किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्त करने के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने जिला-स्तरीय आंकड़ों, FPO की क्षमता और फसल समूहों के आधार पर सार्वजनिक एवं निजी निवेश को प्राथमिकता देने की आवश्यकता बताई।

शोध, तकनीक और उद्योग के समन्वय पर जोर

प्रो. राजीव दीक्षित ने कहा कि खेत से बाजार तक मौजूद कमियों को दूर करने के लिए सुदृढ़ नीति अनुसंधान, तकनीकी परीक्षण और संस्थागत क्षमता निर्माण जरूरी है। उन्होंने उद्यानिकी क्षेत्र से जुड़े सभी पक्षों को साझा मंच पर लाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान ने उद्यानिकी क्षेत्र से जुड़े नौ विशेषज्ञ संस्थानों के साथ सहभागिता स्थापित की है। आगे फसल एवं विषय-विशेष आधारित सत्रों के माध्यम से क्षेत्रीय चुनौतियों और नए अवसरों पर कार्य किया जाएगा।

कुल कृषि क्षेत्र का 9 प्रतिशत, राष्ट्रीय उद्यानिकी क्षेत्र में 16 प्रतिशत हिस्सेदारी

कृषि उत्पादन आयुक्त एवं अपर मुख्य सचिव  के.सी. गुप्ता ने कहा कि उद्यानिकी को पारंपरिक कृषि से आगे बढ़ाकर उच्च मूल्य आधारित कृषि और प्रसंस्करण से जोड़ना प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने बताया कि उद्यानिकी प्रदेश के कुल कृषि क्षेत्र का लगभग 9 प्रतिशत है, जबकि राष्ट्रीय उद्यानिकी क्षेत्र में मध्यप्रदेश का योगदान लगभग 16 प्रतिशत है।

उन्होंने शोध संस्थानों, नीति विशेषज्ञों और उद्योग जगत से जिला-वार चुनौतियों की पहचान कर स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करने का आह्वान किया। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण बीज एवं रोपण सामग्री, उच्च तकनीक नर्सरी, बीज प्रक्षेत्रों के उन्नयन और समूह आधारित प्रसंस्करण संरचना के विस्तार को महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं के रूप में रेखांकित किया।

28.60 लाख हेक्टेयर से 438.05 लाख मीट्रिक टन उद्यानिकी उत्पादन

नीति संवाद में बताया गया कि मध्यप्रदेश वर्तमान में कुल उद्यानिकी उत्पादन के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में है। प्रदेश में लगभग 28.60 लाख हेक्टेयर क्षेत्र से 438.05 लाख मीट्रिक टन वार्षिक उद्यानिकी उत्पादन हो रहा है। ऐसे में उत्पादन के बाद की व्यवस्थाओं को मजबूत करना किसानों की आय और बाजार प्रतिस्पर्धा दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।

चर्चा में शीत भंडारण, पैक हाउस, ग्रेडिंग-सॉर्टिंग, प्राथमिक प्रसंस्करण, FPO की क्षमता, गुणवत्ता प्रमाणीकरण, ट्रेसबिलिटी और निर्यात मानकों से संबंधित मुद्दों पर विस्तार से विचार किया गया। वैश्विक बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप उत्पाद की गुणवत्ता और निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

मंडी स्तर पर ग्रेडिंग से लेकर सौर प्रसंस्करण तक आए सुझाव

दिनभर चली चर्चा में छंटाई, ग्रेडिंग और गुणवत्ता आधारित मूल्य निर्धारण को मंडी स्तर पर बढ़ावा देने, कृषि अवसंरचना कोष से संबंधित प्रकरणों के समाधान के लिए विभागीय समन्वय मजबूत करने तथा उद्यानिकी कार्यालयों और FPO तक डिजिटल सहायता पहुंचाने के सुझाव सामने आए। इसके साथ ही उच्च मूल्य वाली मसाला फसलों के लिए सहायता प्रावधानों की समीक्षा तथा कम लागत वाली शीत परिवहन और सौर आधारित प्रसंस्करण तकनीकों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया।

नीति संवाद का उद्देश्य प्राथमिक फसल मूल्य श्रृंखलाओं की पहचान, शासन-FPO-तकनीकी संस्थानों-निजी क्षेत्र की भूमिकाओं को स्पष्ट करना तथा योजनाओं के बेहतर समन्वय के माध्यम से राज्य की उद्यानिकी नीति और आगामी बजट प्रक्रिया के लिए क्रियान्वयन योग्य सुझाव तैयार करना रहा।

समापन अवसर पर मध्यप्रदेश राज्य नीति आयोग की सलाहकार डॉ. आकांक्षा चंद ने दिनभर हुई चर्चा और प्रमुख सुझावों का सार प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि संवाद से प्राप्त नीतिगत अनुशंसाओं को राज्य शासन के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि नीति निर्माण और बजट संबंधी प्रक्रिया में उनका समुचित उपयोग किया जा सके। कार्यक्रम के अंत में आयोग की प्रशासनिक अधिकारी मती पूर्णिमा शर्मा ने आभार व्यक्त किया।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

वन स्टॉप सेंटर की व्यवस्थाओं का राज्य महिला आयोग ने किया निरीक्षण

भोपाल  महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा को...

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को वितरित करेंगे 3,567 नियुक्ति पत्र

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार, 22 सितंबर को 3,567 नवचयनित...