चंडीगढ़
‘हैपनिंग हरियाणा 2.0’ के तहत मुंबई में आयोजित अंतरराष्ट्रीय आउटरीच अभियान के दूसरे दिन करीब 20 कंपनियों ने हरियाणा में निवेश के लिए एमओयू किए। निवेश में सबसे बड़ा प्रस्ताव गोदरेज ग्रुप का 20,000 करोड़ रुपये का है। कंपनी ने इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में निवेश का एमओयू किया है।
निवेश प्रस्तावों में वारी एनर्जीज लिमिटेड और आवाडा ग्रुप 10-10 हजार करोड़ रुपये के निवेश के साथ दूसरे बड़े निवेशक हैं। दोनों कंपनियां डेटा सेंटर क्षेत्र में निवेश करेंगी। वहीं बर्कलेज 8,200 करोड़ रुपये के निवेश के साथ जीसीसी क्षेत्र में उतरेगा। इसके अलावा नारेडको 6,600 करोड़, बॉक्सएलएनजी 6,000 करोड़, प्रोलोगिस 1,500 करोड़ और एलएंडटी 1,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।
एमओयू पर किए गए हस्ताक्षर
प्रस्तावित निवेश की सूची में अल्ट्राटेक 650 करोड़, स्पेक्ट्रा टेक्नोलॉजीज 600 करोड़, ओपी मोबिलिटी 500 करोड़, प्रूडेंशियल 458 करोड़ और मालपानी ग्रुप 400 करोड़ रुपये का निवेश करेंगे। वहीं लाइफवर्क्स सॉल्यूशंस 353 करोड़, कोंग्सबर्ग ऑटोमोटिव 160 करोड़, स्कलार 150 करोड़ और सिवेंट 100 करोड़ रुपये के निवेश के लिए एमओयू किए गए हैं।
इन निवेश प्रस्तावों में सबसे बड़ी हिस्सेदारी औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) जैसे क्षेत्रों की है। हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त व सचिव डॉक्टर अमित अग्रवाल के अनुसार गोदरेज कंपनी पहले ही हरियाणा में करीब 12,000 करोड़ रुपये निवेश कर चुकी है और अब आगामी पांच वर्षों में लगभग 20,000 करोड़ रुपये और निवेश करेगी।
कंपनीवार निवेश
क्रमांक कंपनी का नाम निवेश राशि
1 गोदरेज ग्रुप ₹20,000 करोड़
2 वारी एनर्जीज ₹10,000 करोड़
3 आवाडा ग्रुप ₹10,000 करोड़
4 बर्कलेज ₹8,200 करोड़
5 नारेडको ₹6,600 करोड़
6 एलएनजी ₹6,000 करोड़
7 प्रोलोगिस ₹1,500 करोड़
8 एलएंडटी ₹1,000 करोड़
9 अल्ट्राटेक ₹650 करोड़
10 स्पेक्ट्रा टेक्नोलॉजीज ₹600 करोड़
11 ओपी मोबिलिटी ₹500 करोड़
12 प्रूडेंशियल ₹458 करोड़
13 मालपानी ग्रुप ₹400 करोड़
14 लाइफवर्क्स सॉल्यूशंस ₹353 करोड़
15 कोंग्सबर्ग ऑटोमोटिव ₹160 करोड़
16 स्कलार ₹150 करोड़
17 सिवेंट ₹100 करोड़

