महिला पुलिसकर्मियों के लिए सैनिटरी पैड सुविधा पर हाई कोर्ट सख्त

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नई दिल्ली
 दिल्ली के सभी पुलिस स्टेशनों में महिला पुलिसकर्मियों के लिए माहवारी (पीरियड्स) के दौरान जरूरी साफ-सफाई की सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग पर हाई कोर्ट ने बुधवार को अहम आदेश दिया।

दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिया कि राजधानी के सभी पुलिस थानों का सर्वे कराया जाए और यह पता लगाया जाए कि किन-किन थानों में सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन और महिलाओं के लिए अलग वॉशरूम है।

थानों में सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीनों का भी मांगा है ब्योरा
यह आदेश जस्टिस फॉर राइट्स फाउंडेशन की ओर से दायर जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने दिया। याचिका में कहा गया कि बड़ी संख्या में महिला पुलिसकर्मी 12-12 घंटे की ड्यूटी करती हैं और रात में भी गश्त पर रहती हैं। इसके बावजूद कई पुलिस स्टेशनों के अंदर महिला पुलिसकर्मियों के लिए पीरियड्स के दौरान बुनियादी सुविधाएं तक नहीं हैं।

सुविधा का अभाव
सर्वे के बाद होगा आगे का काम
हाई कोर्ट ने पुलिस कमिश्नर को 6 सप्ताह के भीतर सर्वे पूरा करने का निर्देश दिया है। इसके बाद जिन पुलिस थानों में जरूरत होगी, वहां सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन और महिलाओं के लिए अलग वॉशरूम उपलब्ध कराने के लिए कदम उठाए जाएंगे। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को उठाए गए कदमों का ब्योरा दाखिल करने का भी निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 23 सितंबर को होगी। याचिका में साल 2024-25 में RTI के तहत मिली जानकारी का हवाला देते हुए कहा गया कि नई दिल्ली जिले के कुछ थानों को छोड़कर अधिकांश पुलिस स्टेशनों में सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन नहीं है।

 

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