मोहाली में पेड़ काटने पर हाईकोर्ट सख्त, 22 पेड़ों के बदले लगेंगे 110 पौधे

Date:

मोहाली.

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने मोहाली स्थित फोर्टिस अस्पताल को स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए 22 पेड़ काटने की अनुमति दे दी है। हालांकि, कोर्ट ने इसके बदले अस्पताल को पांच गुना यानी 110 पौधे लगाने और उनकी कम से कम 10 साल तक देखभाल करने की शर्त रखी है।

अस्पताल को प्रत्येक पौधे की जियो-टैगिंग भी करनी होगी, ताकि उनके विकास और जीवित रहने की निगरानी की जा सके। मुख्य न्यायाधीश अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति रोहित कपूर की खंडपीठ ने अस्पताल के फैसिलिटी इंचार्ज अभिजीत सिंह की ओर से दाखिल हलफनामे के आधार पर यह आदेश दिया। पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने मोहाली स्थित फोर्टिस अस्पताल को अपनी सुविधाओं का विस्तार करने के लिए 22 पेड़ काटने की अनुमति इस शर्त पर दी है कि वह 110 पेड़ लगाएगा और दस वर्षों तक उनकी देखभाल करेगा।

मुख्य न्यायाधीश अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति रोहित कपूर की खंडपीठ ने अस्पताल के सुविधा प्रभारी अभिजीत सिंह के हलफनामे के आधार पर यह आदेश पारित किया। अस्पताल जीएमएडीए द्वारा आवंटित 5.028 एकड़ भूमि पर अपने स्वास्थ्य सेवा ढांचे का विस्तार करने की योजना बना रहा है, जिसके तहत अस्पताल अपने मौजूदा स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा ढांचे का विस्तार करेगा। काटे जाने वाले पौधों की संख्या से पांच गुना अधिक और एक ही प्रजाति के 110 पौधे अस्पताल परिसर के भीतर उन स्थानों पर लगाए जाएंगे जो अदालत में दायर किए गए स्थल योजना में दर्शाए गए हैं।

अस्पताल द्वारा लगाए जाने वाले प्रस्तावित वृक्षों के दीर्घकालिक रखरखाव और उनके जीवित रहने की सीधी जिम्मेदारी ली जाएगी और कम से कम दस वर्षों तक वृक्षों का रखरखाव किया जाएगा, जिसमें समय-समय पर पानी देना और बाड़ या वृक्ष रक्षकों के माध्यम से पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करना शामिल है। "अस्पताल द्वारा दिए गए विशिष्ट हलफनामे/वचन को ध्यान में रखते हुए, हम इस आवेदन का निपटारा करते हैं और आवेदक फोर्टिस अस्पताल को उपरोक्त हलफनामे/वचन के अधीन रहते हुए उतनी संख्या में पेड़ काटने की अनुमति देते हैं," उच्च न्यायालय ने आदेश दिया।

क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण की प्रभावी निगरानी, ​​सत्यापन और दीर्घकालिक उत्तरजीविता सुनिश्चित करने के लिए, यह निर्देश दिया गया कि प्रत्येक पौधे को अस्पताल द्वारा व्यक्तिगत रूप से जियो-टैग किया जाएगा, और निर्धारित अवधि के दौरान उत्तरजीविता और विकास की आवधिक फोटोग्राफिक जांच की जाएगी। अस्पताल अपनी वेबसाइट पर पौधों की वृद्धि और जीवित रहने की दर पर नज़र रखेगा ताकि पारदर्शिता, जवाबदेही और क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण की प्रभावी दीर्घकालिक निगरानी सुनिश्चित की जा सके। वचनबद्धता का कोई भी उल्लंघन अवमानना ​​की कार्यवाही को आमंत्रित कर सकता है। पीठ ने कहा कि उसे उम्मीद है कि संस्था यह सुनिश्चित करेगी कि परिसर में वृक्षों की संख्या समय के साथ कम न होने दी जाए। यह आदेश पेड़ों की कटाई पर उच्च न्यायालय की व्यापक कार्रवाई के बीच आया है। उच्च न्यायालय ने पाया है कि पंजाब और हरियाणा में वृक्षों का आवरण राष्ट्रीय स्तर से काफी कम है और दोनों राज्यों को इसे बढ़ाने के लिए एक नीति बनाने को कहा है।

पौधे लगाए जाने हैं-
डेक: 25
किकर: 25
तोहात: 50
बेरी: 10
कुल: 110

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

दशहरा मेले से पहले बस्तर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 75 पेटी शराब पकड़ी

जगदलपुर. छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में अवैध शराब तस्करी के...

शराब के नशे में सौतेली बेटी से मारपीट करता था आरोपी, प्रताड़ना से परेशान बालिका ने की आत्महत्या

 जबलपुर  गढ़ा थाना क्षेत्र में एक बालिका की आत्महत्या के...