फूड प्रोसेसिंग में भारत की बड़ी छलांग, 2030-47 तक 30% स्तर हासिल करने का लक्ष्य

Date:

 नई दिल्ली
 वैश्विक खाद्य प्रसंस्करण (फूड प्रोसेसिंग) के नक्शे पर भारत एक बड़ी शक्ति बनकर उभरने की राह पर है। मूल्य-संवर्धन (वैल्यू एडिशन), अत्याधुनिक तकनीक और मजबूत अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों के बूते भारतीय खाद्य व पेय उद्योग दुनिया भर में अपनी धक जमाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

दिल्ली में एक कार्यक्रम में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के उप कृषि विपणन सलाहकार डॉ. जेपी डोंगरे ने यह जानकारी देते हुए बताया कि 500 अरब अमेरिकी डॉलर (लगभग 41 लाख करोड़ रुपये) के विशाल अनुमानित मूल्य के साथ यह क्षेत्र न केवल देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा दे रहा है, बल्कि वैश्विक खाद्य आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) में भारत का दबदबा भी कायम कर रहा है।

डॉ. जेपी डोंगरे के अनुसार, एक दशक पहले देश में खाद्य प्रसंस्करण का स्तर महज तीन से चार प्रतिशत था, जो आज बढ़कर 16–17 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। जबकि, सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 से 2047 तक खाद्य प्रसंस्करण स्तर को बढ़ाकर 25–30 प्रतिशत तक पहुंचाना है।

फसल कटाई के बाद के नुकसान पर लग रहा लगाम
देश में हर साल होने वाले लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये के फसल कटाई के बाद नुकसान को आधुनिक भंडारण और कोल्ड-चेन अवसंरचना के माध्यम से आर्थिक मूल्य में बदलने की योजना है। इसी तरह, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकीकरण योजना' (पीएमएफएमई) के तहत पिछले पांच वर्षों में करीब दो लाख सूक्ष्म उद्यमियों को औपचारिक क्षेत्र से जोड़ा गया है।

आर्गेनिक निर्यात में तेजी
वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का आर्गेनिक निर्यात 665.97 मिलियन डालर (लगभग 5,500 करोड़ रुपये) के स्तर को पार कर गया है।

उत्तर भारत खाद्य व उद्योग के लिए विकास का महत्वपूर्ण केंद्र
कार्यक्रम के आयोजक व कोइलमेस्से प्रा. लि. के प्रबंध निदेशक मिलिंद दीक्षित ने कहा कि उत्तर भारत खाद्य एवं उद्योग के लिए विकास का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभर रहा है। मजबूत कृषि आधार और विविध प्रसंस्करण क्षमता के कारण यह क्षेत्र घरेलू के साथ-साथ वैश्विक बाजार के लिए भी महत्वपूर्ण है।

मुंबई में सजेगा वैश्विक महाकुंभ: 'अनुगा 2026'
भारतीय खाद्य क्षेत्र की इस बढ़ती हनक के बीच 29 सितंबर से एक अक्टूबर तक मुंबई के बाम्बे एग्जिबिशन सेंटर में 'अनुगा सिलेक्ट इंडिया' और 'अनुगा फूडटेक इंडिया 2026' का 19वां संस्करण आयोजित होने जा रहा है। नई दिल्ली में आयोजित इसके कर्टेन-रेजर कार्यक्रम में डा. जे.पी. डोंगरे ने कहा कि सरकार आधुनिक मशीनरी, पैकेजिंग और कोल्ड-चेन नेटवर्क के लिए वित्तीय सहायता देकर निर्यात बढ़ाने पर जोर दे रही है।

विदेशी ब्रांड्स की पहली पसंद बना मेड इन इंडिया
भारतीय उपभोक्ताओं के बदलते मिजाज और खाद्य आयात पर बात करते हुए फोरम ऑफ इंडियन फूड इंपोर्टर्स के संस्थापक अमित लोहानी ने बताया कि लगभग 30 प्रतिशत सदस्य कंपनियां अब ज्वाइंट वेंचर के जरिए भारत में ही इतालवी पास्ता, फ्रेंच बटर और बेल्जियन बिस्कुट जैसे अंतरराष्ट्रीय उत्पाद तैयार कर निर्यात कर रही हैं।

ब्राजीलियाई कॉफी और इक्वाडोरियन क्विनोआ की बढ़ती मांग भारत में 100 से 500 मिलियन डालर तक के वैश्विक निवेश को आकर्षित करने के संकेत दे रही है। आगामी भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से आयात-निर्यात को और गति मिलेगी।

एआई और स्मार्ट पैकेजिंग से मिलेगी वैश्विक बढ़त
ऑल इंडिया फूड प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. राघव जाडली के अनुसार, कच्चे माल की पर्याप्त उपलब्धता और प्रतिस्पर्धी उत्पादन लागत भारत की सबसे बड़ी ताकत है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), आटोमेशन और स्मार्ट पैकेजिंग तकनीक से भारतीय खाद्य निर्माता उत्पादन लागत घटाकर वैश्विक बाजार में सीधी चुनौती दे सकेंगे।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश पर पटना समेत 8 हाईकोर्ट को मिले नए चीफ जस्टिस

पटना सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश पर पटना समेत आठ...

लखनऊ में योगी-तावड़े की मुलाकात, BJP कोर कमेटी बैठक में 2027 की रणनीति पर चर्चा

लखनऊ भाजपा का यूपी प्रभारी बनाए जाने के बाद पहली...

सहारनपुर में अवैध मस्जिद पर कार्रवाई, राजभर ने अखिलेश से पूछा-मलबे के सामने फातिहा पढ़ेंगे?

अवैध इमारत के मलबे पर फातिहा पढ़ेंगे अखिलेश? सहारनपुर...