प्रयागराज
एसी श्रेणी में आधी सीट यानी रिजर्वेशन अगेंस्ट कैंसिलेशन (आरएसी) टिकट पर सफर करने वाले यात्रियों को अब पूरा बेडरोल किट उपलब्ध कराया जाएगा। रेलवे बोर्ड ने इस संबंध में चार अगस्त 2026 को एनसीआर समेत सभी जोनल रेलवे को निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि एसी चेयर कार को छोड़कर अन्य सभी वातानुकूलित श्रेणियों में प्रत्येक आरएसी यात्री को अलग से संपूर्ण बेडरोल किट उपलब्ध कराई जाए। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू करने को कहा गया है।
रेलवे बोर्ड को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई ट्रेनों में आरएसी यात्रियों को पूरा बेडरोल नहीं दिया जा रहा है या दो यात्रियों के बीच एक ही किट साझा कराई जा रही है। यात्रियों को अलग-अलग कंबल न मिलने पर वे परेशान होते थे। कभी कंबल तो कभी तकिया न मिलने की हेल्पलाइन नंबरों पर शिकायत की जा रही थी। लेकिन इसके बाद भी परेशानियां बंद नहीं हुईं।
इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए बोर्ड ने दोबारा स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि प्रत्येक आरएसी सीट पर सफर करने वालों को अन्य यात्रियों की तरह अलग से चादर, कंबल और बेडरोल की पूरी सुविधा दी जाए। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस आदेश के बाद प्रयागराज होकर गुजरने वाली सभी संबंधित एसी ट्रेनों में भी आरएसी यात्रियों को पूरा बेडरोल उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। इससे यात्रियों को यात्रा के दौरान बेहतर सुविधा मिलेगी और लंबे समय से चली आ रही शिकायतों पर भी रोक लगेगी।
रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे को निर्देश दिया है कि इस आदेश की जानकारी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों तक तत्काल पहुंचाई जाए तथा इसका कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही आईआरसीटीसी सहित संबंधित विभागों को भी इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इस आदेश के लागू होने से देशभर में एसी कोचों में आरएसी टिकट पर यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों को राहत मिलेगी। अब उन्हें बेडरोल के लिए शिकायत करने की आवश्यकता नहीं होगी और यात्रा के दौरान अन्य यात्रियों के समान सुविधाएं मिल सकेंगी।
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि एसी चेयर कार को छोड़कर सभी एसी श्रेणियों में यात्रा करने वाले प्रत्येक आरएसी यात्री को पूर्ण बेडरोल किट उपलब्ध कराई जाए। इसमें किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाएगा और उन्हें अन्य वैध यात्रियों के समान सुविधा मिलेगी। इसमें परेशानी आने पर यात्री हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत भी दर्ज करवा सकते हैं। इसके लिए रेलवे की ओर से जानकारी साझा की जाएगी।

