जीसीसी, डेटा सेंटर एवं सेमीकंडक्टर क्षेत्रों में निवेश को मिलेगा बढ़ावा

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भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार 13 जुलाई को भोपाल में एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 : जीसीसी, डेटा सेंटर एवं सेमीकंडक्टर का शुभारंभ करेंगे। साथ ही राज्य सरकार के प्रौद्योगिकी आधारित औद्योगिक विकास के विजन को साझा कर उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ वन-टू-वन बैठक कर निवेश, परियोजनाओं के क्रियान्वयन एवं भावी सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कॉनक्लेव परिसर में आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन भी करेंगे। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित टेकग्रोथ कॉनक्लेव 3.0 का उद्देश्य उच्च-विकास वाले प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में निवेश को गति देना और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी), डेटा सेंटर एवं सेमीकंडक्टर क्षेत्र में प्रदेश को देश के प्रमुख निवेश गंतव्यों में स्थापित करना है।

कॉनक्लेव में मध्यप्रदेश की प्रौद्योगिकी विकास यात्रा पर विशेष प्रस्तुति दी जाएगी। साथ ही अग्रणी कंपनियों के विशेषज्ञ जीसीसी विस्तार, डेटा सेंटर विकास और सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम से जुड़े अवसरों पर अपने विचार साझा करेंगे। कार्यक्रम में विभिन्न रणनीतिक साझेदारियों और समझौतों का आदान-प्रदान भी किया जाएगा जो राज्य के प्रौद्योगिकी इकोसिस्टम को और सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

कॉन्क्लेव में सेमीकंडक्टर, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स एवं डेटा सेंटर्स विषयों पर केंद्रित राउंडटेबल चर्चाएं आयोजित होंगी। इनमें वरिष्ठ उद्योग प्रतिनिधि, नीति-निर्माता और शिक्षाविद् राज्य में निवेश की संभावनाओं, कुशल मानव संसाधन, औद्योगिक अधोसंरचना, नीतिगत सहयोग और भविष्य की आवश्यकताओं पर विचार-विमर्श करेंगे। चर्चा के प्रमुख विषयों में मध्यप्रदेश में एकीकृत इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम का विकास, राज्य को भारत के अगले प्रमुख जीसीसी गंतव्य के रूप में स्थापित करना और डिजिटल अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाना शामिल है।

कॉन्क्लेव में देश और विदेश की अग्रणी प्रौद्योगिकी कंपनियों, उद्योग संगठनों, निवेशकों, स्टार्टअप्स, इनक्यूबेटर्स, शोध एवं शैक्षणिक संस्थानों और नीति विशेषज्ञों सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। सीटीआरएलएस डेटासेंटर्स, केन्स टेक्नोलॉजीस, फुजियामा पॉवर और न्योबोल्ट लिमिटेड सहित अनेक प्रतिष्ठित संस्थानों के प्रतिनिधि विभिन्न तकनीकी क्षेत्रों में निवेश एवं सहयोग की संभावनाओं पर अपने विचार रखेंगे। आईआईएसईआर और आईआईएम इंदौर सहित प्रमुख शैक्षणिक संस्थान भी नवाचार, अनुसंधान, कौशल विकास और उद्योग-शैक्षणिक सहयोग पर आयोजित सत्रों में सहभागिता करेंगे।

एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव के पहले दो संस्करणों ने प्रदेश में प्रौद्योगिकी निवेश को नई गति प्रदान की है। कॉन्क्लेव 1.0 में 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनसे लगभग 75 हजार रोजगार के अवसर सृजित हुए। कॉन्क्लेव 2.0 में 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्राप्त हुए, जिनसे लगभग 48 हजार रोजगार के अवसर सृजित हुए। कॉन्क्लेव 3.0 का उद्देश्य इस निवेश यात्रा को नई ऊँचाइयों तक पहुंचाते हुए रणनीतिक प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में उद्योगों की भागीदारी को और सुदृढ़ बनाना है।

मध्यप्रदेश अपनी उद्योग-अनुकूल नीतियों, विश्वस्तरीय औद्योगिक अधोसंरचना, रणनीतिक भौगोलिक स्थिति, कुशल मानव संसाधन और निवेशकों के लिए सक्रिय सुविधा तंत्र से तेजी से देश के अग्रणी प्रौद्योगिकी निवेश गंतव्य के रूप में उभर रहा है। एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है जो राज्य में निवेश, नवाचार, औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को नई गति प्रदान करेगी।

 

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