ट्रांसफर के 4 दिन बाद IPS अनुराग सुजानिया का इस्तीफा, MP में चर्चा तेज

Date:

 भोपाल

मध्य प्रदेश पुलिस महकमे से एक बड़ी खबर सामने आई है. सागर के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक (SP) रहे आईपीएस अधिकारी अनुराग सुजानिया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए राज्य सरकार को अपना त्यागपत्र सौंपा है. खास बात यह है कि सागर से तबादला होने के महज चार दिन बाद ही उन्होंने नौकरी छोड़ने का फैसला किया. बांदा में जहरीली शराब पीने से 16 लोगों की मौत के बाद उन्हें एसपी पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय भोपाल में एआईजी के पद पर भेजा गया था। 

मिली जानकारी के मुताबिक, अनुराग सुजानिया ने सोमवार, 2 नवंबर को मध्य प्रदेश सरकार को अपना इस्तीफा सौंपा. उनका हाल ही में सागर जिले के पुलिस अधीक्षक पद से तबादला किया गया था. नई तैनाती पुलिस मुख्यालय भोपाल में सहायक पुलिस महानिरीक्षक (AIG) के पद पर की गई थी. हालांकि, नई जिम्मेदारी संभालने के बजाय उन्होंने सेवा से अलग होने का फैसला कर लिया. उनके इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद पुलिस महकमे में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है. हालांकि, इस्तीफे में उन्होंने व्यक्तिगत कारणों का उल्लेख किया है. ऐसे में उनके इस फैसले के पीछे किसी अन्य वजह को लेकर फिलहाल आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता। 

जहरीली शराब कांड के बाद हटाए गए थे एसपी

अनुराग सुजानिया का नाम उस समय चर्चा में आया था, जब सागर जिले के बांदा में जहरीली शराब पीने से कई लोगों की जान चली गई थी. इस घटना ने पूरे प्रदेश में हलचल मचा दी थी. जहरीली शराब के सेवन से आधिकारिक तौर पर कम से कम 16 लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी. इस घटना के बाद जिले में अवैध शराब के कारोबार और पुलिस की निगरानी व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे थे. शराब कांड के सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की गई. इसी क्रम में अनुराग सुजानिया को सागर एसपी के पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय भोपाल में एआईजी के पद पर स्थानांतरित कर दिया गया. यह फैसला ऐसे समय में आया था, जब जहरीली शराब से हुई मौतों को लेकर पुलिस और प्रशासन पर जवाबदेही तय करने का दबाव था। 

तबादले के चार दिन बाद ही सौंपा इस्तीफा
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे ज्यादा चर्चा उनके इस्तीफे के समय को लेकर हो रही है. सागर से तबादले के बाद उन्हें पुलिस मुख्यालय में नई जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन महज चार दिन के भीतर उन्होंने सेवा छोड़ने का निर्णय ले लिया. 2 नवंबर को सरकार को इस्तीफा सौंपे जाने की जानकारी सामने आई है. हालांकि, किसी आईपीएस अधिकारी का इस तरह तबादले के तुरंत बाद इस्तीफा देना अपने आप में चर्चा का विषय बन गया है. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि सरकार उनके इस्तीफे को स्वीकार करती है या इस पर आगे कोई प्रशासनिक प्रक्रिया अपनाई जाती है. जहरीली शराब कांड के बाद हुई प्रशासनिक कार्रवाई और फिर कुछ ही दिनों में आईपीएस अधिकारी के इस्तीफे ने मध्य प्रदेश पुलिस महकमे में एक नया सवाल खड़ा कर दिया है. अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि राज्य सरकार इस इस्तीफे पर क्या फैसला लेती है। 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

बिहार में बदलने लगा मौसम, सीमांचल में घना कोहरा और सुबह-शाम बढ़ी ठंड

पटना बंगाल की खाड़ी में उठा मुरासु चक्रवात बिहार के...

अलीगढ़ में सड़क परियोजनाओं को रफ्तार, डीएम ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता परखी

अलीगढ़ उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से मथुरा का सफर अब...

अमेरिका-पाकिस्तान से फंडिंग लेने का आरोप, दिपके और रांका पर बरसे केंद्रीय मंत्री

नई दिल्ली केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कॉकरोच जनता पार्टी...