माओवाद से आतंकवाद तक मोर्चा संभाल रहे झारखंड के 26 IPS अफसर

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रांची
 झारखंड कैडर के 26 आइपीएस अधिकारी देश के विभिन्न हिस्सों में माओवाद, आतंकवाद से लेकर घुसपैठ तक रोकने में जुटे हैं। ये माओवादियों, आतंकवादियों से लोहा तो ले ही रहे हैं, बेहतर अनुसंधान की बदौलत अपनी काबिलियत का हर तरफ झंडा भी लहरा रहे हैं।

सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, एनआईए, सीबीआई, इंटेलिजेंस ब्यूरो सहित विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर विराजमान ये अधिकारी वहां के बल व संस्था को कुशल नेतृत्व दे रहे हैं।

जम्मू-कश्मीर के संवेदनशील क्षेत्रों से लेकर सीमा की निगरानी व राज्यों के बीहड़ तक में इन अधिकारियों ने दमदार उपस्थिति कार्य कुशलता का लोहा मनवाया है। वर्ष 2004 बैच के आईपीएस अधिकारी अमोल वीनुकांत होमकर जम्मू-कश्मीर के दो तिहाई हिस्से के सीआरपीएफ का नेतृत्व कर रहे हैं। वे सीआरपीएफ जम्मू सेक्टर के आइजी हैं।

इसी तरह वर्तमान में बीएसएफ में योगदान देने वाले 2010 बैच के आईपीएस अधिकारी सुरेंद्र कुमार झा बांग्लादेश सीमा पर पश्चिम बंगाल के मालदा में बीएसएफ के डीआईजी के रूप में योगदान दे रहे हैं

झारखंड कैडर के इन अधिकारियों ने संभाल रखा है महत्वूपर्ण क्षेत्रों में मोर्चा

  • संपत मीणा : झारखंड कैडर की 1994 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं। केंद्र की महत्वपूर्ण जांच एजेंसी सीबीआई में लखनऊ से लेकर दिल्ली तक विशेष निदेशक के रूप में अनुसंधान का नेतृत्व कर रही हैं।
  • संजय आनंदराव लाटकर : वर्ष 1995 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। ये वर्तमान में भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा विभाग में एडीजी सुरक्षा के पद पर कार्यरत हैं।
  • नवीन कुमार सिंह : वर्ष 1996 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। ये पहले भारत सरकार की प्रमुख शोध संस्था एनटीआरओ में थे, वर्तमान में एनएसए में हैं।
  • बलजीत सिंह : वर्ष 1996 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। ये भारत सरकार की खुफिया एजेंसी इंटेलिजेंस ब्यूरो में पदस्थापित हैं।
  • आशीष बत्रा : वर्ष 1997 बैच के आइपीएस अधिकारी हैं। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के दौरान लंबे समय तक राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) में थे। वर्तमान में विशेष स्टडी पर हैं।
  • साकेत कुमार सिंह : वर्ष 2002 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। छत्तीसगढ़ में माओवादियों के विरुद्ध कारगर कार्रवाई के बाद झारखंड आए और यहां सीआरपीएफ के झारखंड चैप्टर के आइजी हैं। झारखंड में भी माओवादियों के सफाए में अहम भूमिका निभा चुके हैं।
  • अमोल वीनुकांत होमकर : वर्ष 2004 बैच के आइपीएस अधिकारी हैं। वर्तमान में सीआरपीएफ जम्मू सेक्टर के आइजी हैं। दो तिहाई जम्मू कश्मीर में आतंकवाद के विरुद्ध कार्यरत बल का नेतृत्व कर रहे हैं और क्षेत्र में शांति बहाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
  • कुलदीप द्विवेदी : वर्ष 2005 बैच के आइपीएस अधिकारी हैं। वर्तमान में केंद्र की जांच एजेंसी सीबीआइ में दिल्ली में संयुक्त निदेशक हैं।
  • अभिषेक : वर्ष 2005 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। ये लंबे समय से केंद्रीय खुफिया एजेंसी इंटेलिजेंस ब्यूरो में एडिशनल डिप्टी डायरेक्टर हैं।
  • ए. विजयालक्ष्मी : वर्ष 2006 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं। इन्होंने हाल ही में सीआरपीएफ दिल्ली में योगदान दिया है।
  • अनूप टी. मैथ्यू : वर्ष 2006 बैच के आइपीएस अधिकारी हैं। ये सीबीआइ में संयुक्त निदेशक हैं और वर्तमान में सिंगापुर में पदस्थापित हैं।
  • अनिश गुप्ता : वर्ष 2008 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। ये वर्तमान में सीबीआइ में संयुक्त निदेशक हैं।

ये आईपीएस अधिकारी भी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर संभाल रहे हैं बड़े पद
डाॅ. एम. तमिलवाणन (2008 बैच, वर्तमान में संयुक्त निदेशक, सरदार वल्लभ भाई पटेल नेशनल पुलिस अकादमी, हैदराबाद), पी. मुरुगन (2010 बैच, वर्तमान में एसपी सीबीआई तमिलनाडु), सुरेंद्र कुमार झा (2010 बैच, डीआईजी, बीएसएफ, मालदा, बंगाल), शिवानी तिवारी (2011 बैच, सीबीआई लखनऊ), चंदन कुमार झा (2011 बैच, डीआईजी, आइटीबीपी) हैं।

जया राय (2011 बैच, एसपी, एनआईए), अखिलेश बी. वारियर (2012 बैच, एनटीआरओ, वैज्ञानिक), अंशुमान कुमार (2013 बैच, संयुक्त उप निदेशक इंटेलिजेंस ब्यूरो), प्रियंका मीणा (2013 बैच, एनसीआरबी), प्रांजल रूंडला (2015 बैच, केंद्रीय प्रतिनियुक्ति), आर. रामकुमार (2015 बैच, सीबीआई), विनीत कुमार (2017 बैच, सहायक निदेशक, इंटेलिजेंस ब्यूरो, दिल्ली), के. विजय शंकर (2018 बैच, कैबिनेट सचिवालय) व शुभांशु जैन (2019 बैच, सहायक निदेशक, इंटेलिजेंस ब्यूरो)।

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