भोपाल.
मध्य प्रदेश के प्राथमिक एवं माध्यमिक सरकारी स्कूलों में वर्षों से पढ़ा रहे लगभग डेढ़ लाख अध्यापकों के लिए एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) के कड़े रुख और निर्देशों के पालन में मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ESB) ने 'शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) 2026' का विस्तृत शेड्यूल और रूलबुक जारी कर दी है।
सुप्रीम कोर्ट का यह निर्देश राज्य के सेवारत शिक्षकों के लिए बेहद निर्णायक माना जा रहा है। परीक्षा का शेड्यूल तय होने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या यह परीक्षा पास न करने पर शिक्षकों की नौकरी पर तलवार लटक सकती है? आइए समझते हैं इस पूरे फैसले का महत्व और परीक्षा से जुड़ी हर जरूरी जानकारी।
क्यों खतरे में आ सकती है शिक्षकों की नौकरी?
कर्मचारी चयन मंडल की नई गाइडलाइन और शीर्ष अदालत के आदेशानुसार, प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं में कार्यरत सहायक शिक्षक, प्राथमिक शिक्षक, संविदा शाला शिक्षक (वर्ग-3), सहायक अध्यापक, प्रयोगशाला सहायक और प्राथमिक शिक्षक (विज्ञान) श्रेणी के सभी सेवारत अध्यापकों के लिए इस परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य किया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट रूप से समय-सीमा तय करते हुए आदेश दिया है कि इन सभी सेवारत अध्यापकों को 31 अगस्त 2028 तक हर हाल में पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करनी ही होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कोई शिक्षक 31 अगस्त 2028 तक निर्धारित न्यूनतम अर्हता अंक प्राप्त कर परीक्षा पास करने में असफल रहता है, तो उसके सेवा विस्तार (नौकरी जारी रखने) और पदोन्नति पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि तय डेडलाइन तक TET पास न करने वाले अध्यापकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जा सकती है या उनकी सेवा समाप्त करने जैसे कड़े कदम उठाए जा सकते हैं। इसीलिए, यह परीक्षा शिक्षकों के लिए केवल एक औपचारिकता नहीं बल्कि सेवा सुरक्षा का अंतिम अवसर बन गई है।
TET 2026: जानिए पूरा परीक्षा शेड्यूल
मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ESB) द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार परीक्षा प्रक्रिया इस प्रकार रहेगी…
- ऑनलाइन आवेदन की शुरुआत: 21 अगस्त 2026
- आवेदन की अंतिम तिथि: 4 सितंबर 2026
- आवेदन में संशोधन की अवधि: 21 अगस्त से 9 सितंबर 2026 तक
- परीक्षा प्रारंभ होने की तिथि: 12 अक्टूबर 2026 से
कितना लगेगा आवेदन शुल्क और पोर्टल चार्ज?
- परीक्षा शुल्क: सभी वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए प्रति प्रश्न-पत्र ₹1,000 शुल्क निर्धारित किया गया है।
- पोर्टल शुल्क: MP Online कियोस्क के माध्यम से फॉर्म भरने पर ₹60 कियोस्क चार्ज लगेगा। यदि अभ्यर्थी स्वयं अपने रजिस्टर्ड सिटीजन यूजर लॉगिन से फॉर्म भरते हैं, तो ₹20 पोर्टल शुल्क लगेगा।
- संशोधन शुल्क: फॉर्म में प्रथम चरण में सुधार करने पर ₹20 तथा अंतिम चरण में बदलाव करने पर ₹40 का शुल्क लागू रहेगा।
परीक्षा पैटर्न और पासिंग मार्क्स (कटऑफ)
- शिक्षकों को राहत देते हुए इस परीक्षा में ऋणात्मक मूल्यांकन (Negative Marking) का प्रावधान नहीं रखा गया है। यानी गलत उत्तर देने पर कोई अंक नहीं काटा जाएगा।
- अंक एवं समय: प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा कुल 150 अंकों की होगी, जिसमें 150 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) पूछे जाएंगे। प्रश्न-पत्र हल करने के लिए 2 घंटे 30 मिनट का समय मिलेगा।
वर्गवार न्यूनतम उत्तीर्ण प्रतिशत (Pass Marks):
आरक्षित वर्ग (SC, ST, OBC, EWS एवं दिव्यांगजन): सफलता के लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक (150 में से 75 अंक) लाना अनिवार्य है।
अनारक्षित (सामान्य) वर्ग: सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों को अर्हता प्राप्त करने के लिए न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक (150 में से 90 अंक) लाने होंगे।
2028 तक का समय, लेकिन तैयारी अभी से जरूरी
सर्वोच्च न्यायालय का उद्देश्य देश भर में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना और सभी सरकारी स्कूलों में योग्य एवं पात्रता परीक्षा पास शिक्षकों की तैनाती सुनिश्चित करना है। यद्यपि सुप्रीम कोर्ट ने 31 अगस्त 2028 तक का समय दिया है, लेकिन 12 अक्टूबर 2026 से शुरू हो रही यह परीक्षा अध्यापकों के लिए अपनी नौकरी सुरक्षित करने का पहला और सबसे महत्वपूर्ण अवसर है। डेढ़ लाख अध्यापकों के लिए यह परीक्षा उनकी सेवा निरंतरता का सबसे बड़ा पैमाना बनने जा रही है।

