लोकायुक्त का सख्त रुख, पोषण आहार घोटाले में ACS दीपाली रस्तोगी होंगी पेश

Date:

भोपाल 
मध्य प्रदेश के महिला एवं बाल विकास तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से जुड़े अरबों रुपए के टेक होम राशन (THR) और पोषण आहार घोटाले की जांच तेज हो गई है। लोकायुक्त संगठन ने इस मामले में वरिष्ठ अधिकारियों पर शिकंजा कसते हुए पूर्व मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, तत्कालीन एसआरएलएम (SRLM) सीईओ ललित मोहन बेलवाल समेत कई अफसरों की भूमिका की जांच शुरू कर दी है।

विधानसभा में सरकार द्वारा दिए गए जवाब और लोकायुक्त के रिकॉर्ड में दर्ज तथ्यों के बीच विरोधाभास सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है।

दीपाली रस्तोगी को लोकायुक्त के सामने होना होगा पेश
लोकायुक्त संगठन द्वारा कई बार नोटिस भेजे जाने के बावजूद पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव (ACS) दीपाली रस्तोगी अब तक "कार्यालयीन व्यस्तता" का हवाला देकर पेश नहीं हुईं। विधानसभा में सरकार ने भी स्वीकार किया कि व्यस्तता के कारण वे लोकायुक्त कार्यालय नहीं जा सकीं। अब लोकायुक्त ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर जवाब देने के निर्देश दिए हैं।

कैग रिपोर्ट और विभागीय जवाब में बड़ा विरोधाभास
लोकायुक्त के समक्ष महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रस्तुत आंकड़े कैग (CAG) की ऑडिट रिपोर्ट से मेल नहीं खाते। लोकायुक्त ने 23 जून को आदेश जारी कर 24 अगस्त 2026 को व्यक्तिगत उपस्थिति के निर्देश दिए थे, जबकि विधानसभा में मंत्री प्रहलाद पटेल के लिखित जवाब में 31 अगस्त की तारीख दर्ज की गई। इस अंतर को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

कैग रिपोर्ट और विभागीय जवाब में बड़ा विरोधाभास
लोकायुक्त के समक्ष महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रस्तुत आंकड़े कैग (CAG) की ऑडिट रिपोर्ट से मेल नहीं खाते। लोकायुक्त ने 23 जून को आदेश जारी कर 24 अगस्त 2026 को व्यक्तिगत उपस्थिति के निर्देश दिए थे, जबकि विधानसभा में मंत्री प्रहलाद पटेल के लिखित जवाब में 31 अगस्त की तारीख दर्ज की गई। इस अंतर को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

पूर्व विधायक की शिकायत से खुला मामला
पूर्व विधायक पारस सकलेचा की शिकायत पर दर्ज लोकायुक्त प्रकरण में आरोप लगाया गया है कि तत्कालीन एसआरएलएम सीईओ एल.एम. बेलवाल की नियुक्ति आपत्तियों के बावजूद संविदा पर की गई। इसके बाद कैबिनेट के माध्यम से पोषण आहार उत्पादन करने वाले सात संयंत्र कृषि उद्योग विकास निगम से लेकर एसआरएलएम को सौंप दिए गए, जिससे बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं का रास्ता खुला।

आईएएस नेहा मारव्या ने उजागर की थीं अनियमितताएं
घोटाले की शुरुआती परतें तत्कालीन आईएएस अधिकारी नेहा मारव्या की जांच में सामने आई थीं। उन्होंने राशन वितरण में गंभीर गड़बड़ियां पकड़ी थीं। बाद में 2022 की कैग रिपोर्ट में भी पुष्टि हुई कि स्टॉक में राशन नहीं होने के बावजूद फर्जी चालानों और गलत वाहन नंबरों के आधार पर आपूर्ति दर्शाई गई।

ढाई साल से लोकायुक्त मांग रहा रिपोर्ट
विधानसभा में विधायक प्रताप ग्रेवाल के प्रश्न के जवाब से स्पष्ट हुआ कि लोकायुक्त संगठन पिछले ढाई वर्षों से तथ्यात्मक रिपोर्ट के लिए लगातार स्मरण पत्र भेज रहा है। नवंबर 2023 से मांगी जा रही पालन रिपोर्ट अप्रैल 2026 में भी अधूरी दी गई। लोकायुक्त ने विभाग द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों और कैग की मूल आपत्तियों में विरोधाभास पर कड़ी आपत्ति दर्ज की है।

विधायक का आरोप
विधायक प्रताप ग्रेवाल ने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्य सचिव, तत्कालीन अपर मुख्य सचिव अशोक शाह सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों को संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद पुरानी तकनीकी संस्था (CTEV) को भंग कर नई संस्था (MPWQC) बनाना और चहेते अधिकारियों की नियुक्ति करना पूरे मामले पर पर्दा डालने की कोशिश है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

Aaj Ka Rashifal 22 July 2026: 12 राशियों का दैनिक भविष्यफल, करियर, धन और सेहत का पूरा हाल

मेष आज के दिन रिश्तों से जुड़ी दिक्कतों को मेच्योर...

युवाओं में नेतृत्व क्षमता, सामाजिक उत्तरदायित्व और सामुदायिक सहभागिता को मिलेगा बढ़ावा

रायपुर स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम आदर्श महाविद्यालय, अंबिकापुर (सरगुजा)...

रायपुर में हुई आत्मीय भेंट, वित्त मंत्री ने दी बधाई और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं

रायपुर, यूपीएससी 2025 के छत्तीसगढ़ टॉपरों ने वित्त मंत्री  ओपी...

ग्रामीण पशुपालकों की आय बढ़ाने और वैज्ञानिक पशुपालन को बढ़ावा देने की पहल

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत जशपुर...