भगवान विश्वकर्मा सृष्टि के दिव्य शिल्पकार : राज्यमंत्री गौर

Date:

भोपाल 

पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा को सृष्टि के दिव्य शिल्पकार के रूप में जाना जाता है। उनका अद्वितीय ज्ञान, कौशल और निर्माण क्षमता हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। भारतीय संस्कृति में भगवान विश्वकर्मा का विशेष महत्व है और उनकी जयंती हमें सृजन, परिश्रम एवं राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी धर्म, संस्कृति और हमारी गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाने का सराहनीय कार्य कर रही है। राज्यमंत्री  गौर विश्वकर्मा जयंती पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं।

पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर गोविंदपुरा क्षेत्र के बागसेवनिया स्थित विश्वकर्मा मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया। इस अवसर पर उन्होंने सभी प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की।

प्रधानमंत्री  मोदी के मार्गदर्शन में साकार हो रहा 'विकसित भारत' का संकल्प

राज्यमंत्री  गौर ने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी को उनके जन्मोत्सव पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आज का दिन अत्यंत शुभ है।प्रधानमंत्री   मोदी के कुशल मार्गदर्शन में देश में निर्माण और विकास की प्रक्रिया निरंतर आगे बढ़ रही है। राज्यमंत्री  गौर ने कहा कि 'विकसित भारत' के संकल्प के तहत प्रधानमंत्री  मोदी समाज के सभी वर्गों के कल्याण और देश के सर्वांगीण विकास के लिए अहर्निश कार्य कर रहे हैं।

कार्यक्रम में स्थानीय पार्षद  प्रताप बारे,  प्रदीप पाठक,  रामबाबू पाटीदार,  सुरेंद्र पंडित सहित बड़ी संख्या में स्थानीय रहवासी, जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के सेवाकाल पर बलौदाबाजार में ‘सेवा संकल्प अभियान’ का भव्य आगाज

​रायपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के अथक जनसेवा...

कमजोर इलाकों पर BJP-RSS का फोकस, विनोद तावड़े करेंगे अवध से पूर्वांचल तक दौरा

 लखनऊ उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की फतह...

UPI चार्ज का पूरा गणित समझें, ₹2,000, ₹3,000, ₹10,000 और ₹50,000 पर कितना शुल्क?

नई दिल्‍ली केंद्र सरकार ने यूपीआई पेमेंट प्राप्‍त करने पर...